पता नहीं क्या है तू…..!!!!

March 21, 2020
Shanky❤Salty
ढल न सकी वो रात है तू
बता न सकुं वो बात है तू
उग न सका वो सूरज है तू
जिस्म से दूर है तू
रूह से पास है तू
आँखों से छलकता पानी है तू
हौसला रखने वाला साथी है तू
हाँ कुछ है तू
पर पता नहीं क्या है तू
जो भी है बहुत खास है तू
जब भी पास आती है तू
होंठो तक आते आते रुक जाता हूं मैं,
कभी किसी ने चाहा है तुझको
कभी किसी ने चाहा है मुझको
माना कि हम दोनों ने भी चाहा था उन्हें बे-इम्तेहां
चखी है हम दोनों ने ही बे-वफाई की मिठास
हाँ झांका है एक दुजे के अंदर हमने,
बची हुई है अभी भी स्वाद मन में
प्यास है इश्क की
पर कतराते है पीने से
क्योंकि कतरा-क़तरा ज़िंदगी को जीते हैं हम
है तो वो कभी न पुरे होने वाले जज़्बात ही
पर जो भी हो हैं वो बड़े कमाल के हैं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

निधि वन में राधा रानी से……!!!!!

March 18, 2020
Shanky❤Salty
लुभा सी जाती है लिखावट उनको मेरी
स्याही में मिलावट जो है अश्कों की मेरी
कहते है कुछ लोग मुझे
कि मैं मशहूर हो गया हूँ
उनके दिल के करीब हो गया हूँ
पर आज सब से मैं एक बात कहता हूं
एक हकीकत सी मैं आज कहता हूँ
परेशान था मैं
रो रहा था मैं
भटकते-भटकते जा पहुँचा मैं एक वन में
हाँ ‘निधि वन’ में
जहाँ शब्दों की बारिश कर दी उसने
मेरे अधूरे शब्दों के उपवन में
लहलहाती खेत है बनाती वो
मेरे आँसुओं को शब्द दे मोती है बनाती वो
कुछ भी लिख दूं मैं
चंद मिनटों में सुंदर है बनाती वो
मुझको तो बहुत है भाती वो
सच कहूं तो
मुर्दों में भी जान है लाती वो
फिर मैं एक दिन यूं ही
घूम रहा था, भटक रहा था
उसी निधि वन के आंचल में
फिर एकदिन मिला मैं एक रानी से
हाँ “राधा रानी” से
वही जो प्राण डालती है सभी में
मेरे निष्प्राण से शब्दों में
कहती कुछ भी नहीं मुख से
बस मुस्कुरा कर मेरी गलतियों को सही है करती
प्रेम समर्पण है, प्रेम ज़िंदगी है
हर पल मुझको यही सिखाती है
प्रेम का पाठ पढ़ाती है
या युं कहूं तो राधा ही प्रेम है
अपने मन के उपवन से
कुछ प्यारे शब्द वो चुन लाती है
किया है महसूस मैंने
करके बंद जुबां अपनी वो
प्रेम से भरी कलम चलाती है
भरी महफिल में मुस्कुराना जानती है
अकेले में तकिया गीला करना भी जानती है
इनके हर शब्दों से प्रेम ही छलकता है
प्रेम समर्पण का भाव ही थिरतकता है
हूँ बड़ा किस्मत वाला मैं
निधि वन में मरघट पर लिखता हूँ
राधा रानी से मिलकर ज़िंदगी को सीखता हूं
देने को तो कुछ भी नहीं है
बस दो शब्दों के सिवा पास मेरे
मेरे मुरझाए शब्दों पर
निधि – राधा हर पल अपने प्यार की बारिश कर देती हैं
विचित्र सा है कुछ इनका साथ निस्वार्थ है
कर लिया है आज महसूस मैंने
सच में, सत्य है!
निधि वन को जब तक तुम जानोगे-समझोगे तब तक वो तुम्हारे इस आभासी दुनिया को अलविदा कह चुकी होगी
रहस्यमय उसका प्रेम जो है
और रही बात
मेरी राधा रानी की तो वो देह से परे है अनछुई है आत्मा से
खैर जो भी हो
हो तो मेरे शब्दों की दुनिया की प्राण तुम दोनों

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Dr. Sakshi Pal

बिन कुछ कहे….!!!!

March 14, 2020
Shanky❤Salty
बिन कुछ कहे यूँ तुम्हारा चले जाना
मुझे परेशान करने जैसा है
भरी महफिल में तुम्हारे नाम का जिक्र हो जाना
भरी आँखों से आँसू छुपाने जैसा है
सच कहूँ मैं अब तो मुझे श्मशान में राख हो जाना है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

अपनी कुटिया…..!!!!

March 11, 2020
Shanky❤Salty
दूर एकांत में कहीं
चलो चलते हैं
अपनी कुटिया ,अपनी दुनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया
चलो ना चलते हैं
दूर एकांत में कहीं
सहारे सारे छूट गए
अपने सारे रूठ गए
कौन रहा है कौन रहेगा
अपनी तो अब फटी बिछनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया
वही तपती धूप में तुम
कांपते हाथो से पंखा झल देना
जो जाड़े की सर्द रातें हो
तो अटकती सांसो की गर्मी दे देना
वो यौवन का प्रेम अब
चला है होने को अमर
तुम संग मेरे यही अपनी
देह त्याग देना
चलो ना चलते हैं
अपनी कुटिया,अपनी दुनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया
वो महक तेरे केसुओ की
झंकार तेरी पायल की
मैं खोता चला जाता हूं
डूबता चला जाता हूं
जब भी तुझको देखता हूं
तुझ सी खूबसूरत तेरी आभा की झुर्रियां
खन खन करती तेरी चूड़ियां
मैं प्राण त्याग दूंगा तुझमें
तुम मुझमें सम्मिलित हो लेना
जब सांसे अटकती हुई जा रही हो
तुम हाथ दिल पर रख देना
चलो ना चलते हैं
दूर एकांत में कहीं
अपनी कुटिया ,अपनी दुनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया

This is an Imagination Challenge post given by Sohanpreet Kaur
And thank you soooo much Dr. Sakshi Pal for kind support.

क्या है ये…..!!!!

March 8, 2020
Shanky❤Salty
क्या है ये….????
मैं मुस्कुरा कर क्यों मुकर जाता हूँ?
जब तू कहती है “मोहब्बत है मुझे तुझसे”
तू मुस्कुरा कर क्यों मुकर जाती है?
जब मैं कहता हूँ “मोहब्बत है मुझे तुझसे”
डूबती तो तू भी है मुझमें
खोता तो मैं भी हूँ तुझमें
फिर क्यों कतराते हैं एक दूजे से यूं हम दोनों
पल-दो-पल समझाते हैं एक दूजे को यूं हम दोनों
कमबख्त समझ ही नहीं पाता मैं
क्यों समझाते हैं एकदूजे को यूं हम दोनों
अरे माना मैंने!
कि गम की कतारें हैं इन खुशियों के पीछे
फिर क्यों जी लेते है पल भर को सही
बाँहों में एक-दूजे की यूं हम दोनों
सदियों से अधूरे थे सदियों से प्यासे थे हम दोनों
क्या है ये?
इश्क ही है!
जो एक दूजे के इस कदर हो जाते है यूं हम दोनों
एक वक्त था जब दिल पत्थर था मेरा
आज जब धड़कते देखा दिल को
तो याद आया मुझे, हैरान सा हूं!
“कोई भी चीज अपना स्वाभाविक मूल नहीं बदल सकती है”
या यूं कहें दिल के हाथों मजबूर हो
एकदुजे में बह जाते हैं हम दोनों।

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Dr. Sakshi Pal

इश्क था आखिर……!!!!

February 23, 2020
Shanky❤Salty
रात की खामोशी में,
उस घोर अंधेरे में,
हल्की सी चांदनी के बीच,
उसकी आंखें सच कहती रहीं,
और मैं उसके
लबों का झूंठ,
सुनता रहा,
इश्क था आखिर,
आंखो में उतर ही आया।

ना अल्फ़ाज़ मेरे हैं,ना ही जज्बात, बस अल्फाजों की कद्र है, इसलिए नाम मेरा है, और जो मेरा है वो हीं तेरा है

आत्मशिव…..!!!!

February 21, 2020
Shanky❤Salty
महाशिवरात्री जागने का पर्व है
अपने अंदर के आत्मशिव को जागने का पर्व है
जीव शिव है
शव भी शिव है
सब कुछ शिव है
बिन शिव कुछ भी नहीं है
मेरे शिव जी समर्थ तो हैं
पर हमें मारने में असमर्थ हैं
हाँ-हाँ शिव जी ने ही ज्ञान दिया है
मृत्यु आएगी पर हमारी मृत्यु हो नहीं सकती
यह परम सत्य है
मृत्यु तो कपड़े बदलने की तरह है
इस ज़िन्दगी को छोड़ दूसरी ज़िन्दगी को अपनाना है
फ़िर किस बात का डर है
रोना क्यूँ है
क्या कहूँ नाथ जी आपसे
सुनते सब कुछ हैं
पर कहते कुछ भी नहीं
बस झोलियाँ भर-भर देते हैं
लीला कर हर वक़्त अपनी ओर खींचते हैं
भर-भर प्याली मुझको आप ही तो पिलाते है
बिन कहे अन्हद नाद आप सुनाते हैं
च़िता कि राख़ हो
या चंदन का लेप हो
हर कुछ मुझको प्यारा लगता है
हर कुछ मुझको अपना लगता है
माना की वो राखी टूट गई मुझसे
पर वह रिश़्ता अब भी बरक़रार है
हाँ नाथ जी वो रूद्राक्ष भी बिख़र चुका था
पर आपने मुझको समेट रखा था
मेरे शिव ने मेरी शक्ति से कहा था
नास्ति ध्यानं सम तीर्थं
नास्ति ध्यानं सम यज्ञं
नास्ति ध्यानं सम दानं
तस्मात् ध्यानं समाचरेत
ध्यान के समान न तीर्थ है न ही यज्ञ है न ही दान। ध्यान ही सब कुछ है।
सब कोई रूठ जाएगा
सब कुछ छूट जाएगा
तो जगा लो इस रात्रि
हाँ इसी महाशिवरात्रि
मिल लो उस शिव से
जो न रूठेगा
जो न छूटेगा
जो मेरा था…..जो मेरा है….और…जो मेरा ही रहेगा
तुम कुछ भी न करो
बस बैठे रहो उसके ध्यान में
मेरा वादा है
वो आएगा
वो आएगा
वो आएगा
ज़रूर आएगा

तुम बस बैठे रहो
महफिल का रंग बदल जाएगा
मेरा शिवशंभु जब भी आएगा
तेरा जीवन भी चम चमा जाएगा…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

जी लेते है……!!!!!

February 19, 2020
Shanky❤Salty
दिल लगा के जी लेते हैं
चलो न साथ में चलते हैं
हर ख्वाब को सच बना लेते हैं
हर ऊँचाईयों को छू लेते हैं
मुस्कुरा कर हर गम का जहर हम पी लेते हैं
सुनो चलो ना
हम दिल लगाकर जी लेते हैं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

प्रेम दिवस…..!!!!

February 13, 2020
Shanky❤Salty
हर रिश्ते में स्वार्थ देखा है हमनें
एक माँ-बाप ही हैं जिन्हें निस्वार्थ देखा है
वो बचपन में ही ख़ुशियों के रास्ते खोल देते हैं
हम बड़े हो कर उनके लिए वृद्धा आश्रम के रास्ते क्यों खोल देते हैं
पढ़ा-लिखा कर हमको क़ाबिल बना दिया है
पर हम कभी उनके दर्द को पढ़ न पाया है
अपने अरमानों का गला घोट
जिन्होनें हमे इंसान है बनाया
हमने अपनी इंसानियत को मार
माँ-बाप के आँखों में आँसू लाया है
जिन्होंने हमको उंगली पकड़ चलना सिखाया है
हमने उनको हाथ पकड़ घर से बेघर कर दिखाया है
अपनी ख़ूशबू दे हमको जिन्होंने फूल बनाया है
हमने तो काँटे दे उनको रुलाया है
जिसने काँधे पे बैठा हमे पूरा जहाँ घुमाया है
उसे सहारा देने पे हमे शर्म आया है
हमारी छोटी सी खरोंच पर उसने मरहम लगाया है
हमने अपने शब्दों से ही उनके दिल में जख़्म बनाया है
माँ-बाप ने हमें सुंदर घर बना कर दिया
हमनें भी उनको बेघर कर अपनी औकात दिखा दिया
बचपन में बच्चों कि तबियत बिगड़ती थी
तो माँ-बाप कि धड़कनें बढ़ती थीं
आज माँ-बाप कि तबियत बिगड़ी है
तो बच्चे ज़ायदात के लिए झगड़ते हैं
14 फरवरी को हम प्रेम दिवस मनायेंगें
माँ-बाप को भूल प्रेमी संग ज़िन्दगी बितायेंगे
सच कहूँ तो
रूह को भुल ज़िस्म से इश्क़ कर दिखायेंगे
पता नहीं माँ-बाप ने कैसे संस्कार है हमको दिये
बड़े होते ही इतने बतमीज़ बन गए
जिनकी कमाई से अन्न है खाया
आज उनको ही दो वक़्त की रोटी के लिए है तरसाया
गूगल पर माँ-बाप की बहुत अच्छी और प्यारी कविताएँ मिल जाती हैं मुझको
पर पता नहीं क्यों मैं निःशब्ध हो जाता हूँ वृद्धा आश्रम की चौखट पर आ कर
कर माँ-बाप का तिरस्कार वो
ख़ुदा के सामने आशीर्वाद हैं माँगते
अब किन शब्दों में समझाऊँ मैं उनको
हमारे ईश्वर ही माँ-बाप बनकर हैं आते
अपने संस्कारों से जिसने हमें है पाला
आज हमने अपनी हरकतों से जीते जी माँ-बाप का अंतिम संस्कार है कर डाला
भरे कंठ लिए एक सवाल है
ग़र माँ-बाप से मोहब्बत है
तो
वृद्धा आश्रम क्यों खुले हैं????
हमें जीवनसाथी तो हजारों मिल जाएंगे
परन्तु क्या माँ-बाप दुसरे मिल पाएँगे?
मैं दिल पर हाथ रख कहता हूँ
एक बार प्यार से माँ-बाप को गले लगा के तो देखो
इस बार ये प्रेम दिवस उनके साथ मना के तो देखो
सच कहता हूँ तुम निःशब्ध हो जाओगे
जब माँ-बाप के ह्रदय से तुम्हारे लिए करुणा, माधुर्य, वात्सल्य छलकेगा न तब तुम्हारे रूह से आवाज आएगी
हो गए आज सारे तीर्थ चारों धाम
घर में ही कुंभ है
माँ-बाप की सेवा ही शाही स्नान है
मान लो मेरी बात
यही दिव्य प्रेम है
बाकी तो आप जानते ही हो
क्योंकि सुना है आप समझदार हो
मेेरे शिव जी ने भी कहा है:-
धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोदभवः
धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता
जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसके पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है उसके वंश में जन्म लेनेवाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है ।
वैसे प्रथम गुरू कौन होता है हम सबको पता ही है। तो कर लो न गुरूभक्ति उत्पन्न।
मैं बहुत कुछ कहना चाहता हूँ ह्रदय की पीड़ा है जब सुनता हूँ बलात्कार हुआ, किशोराअवस्था में बच्ची गर्भवती हो गई, 17साल की बच्ची का गर्भपात हुआ, इश्क कर बच्चे भाग गए…..अब आगे क्या कहूं मेरे आँसू ही जानते है।
शायद माँ-बाप ने अच्छे संस्कार नहीं दिये होंगे इसलिए ऐसा हुआ होगा। यह कह हम ही ऊँगली उठाते है।
अच्छा छोड़ो ये सब बातें
ग़र तुम्हें एक साथ
आँखों से सच देखना है
और कानों से झूठ सुनना है
तो किसी वृद्धा आश्रम जा कर
वहाँ रहने वाले किसी से भी
उनकी ख़ैरियत पूछ कर देखो
तुम खुद-ब-खुद समझ जाओगे
मैं कहना क्या चाहता हूँ
और लिखना क्या चाहता हूँ
ख़ैर छोड़ो
तुम बड़े हो गए हो
तुम्हारे पास वक़्त कहाँ
सच में
अब तुम बड़े हो गए हो
वक़्त कहाँ है, बुढ़ापा आने में
निकल रहा था मैं वृद्धाआश्रम से
अचम्भित सा रह गया
गुजरते देखा मैंने एक औरत को
वृद्धाआश्रम के बगल से
शुक्रिया अदा कर रही थी वह ईश्वर को
रहा न गया मुझसे
पूछ बैठा मैं “आप कौन हो”
मुस्करा वह कह गई “एक बाँझ हूँ”
गूगल के द्वारा पता चला है भारत में कुल 728 वृद्धा आश्रम हैं
और 2 करोड़ अनाथआलय हैं
वो कहते है न कर्म का फल सबको भोगना ही पड़ता है…!!
खैर छोड़ो तुम्हारी जो मर्जी हो करणा
बस हाथ जोड़ कहता हूँ
सिर्फ एक बार…….
सिर्फ एक बार…….

ये इश्क नहीं है आसान
गर भूल गया जो तू अपने माँ-बाप को
तब फिर तू काहे का है इंसान

Written by:- Ashish Kumar
My words are incomplete without the support of
Radha Agarwal & Ziddy Nidhi

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नमकीन पानी……!!!!

February 11, 2020
Shanky❤Salty
अरी ओ पगली
तुझे कुछ गलतफहमी है कि
मैं तुझे याद कर रोता हूँ
हाँ ये बात सच है कि
जब भी मैं खुद के लिए वक्त निकालता हूँ
मेरी आँखों से खुद-ब-खुद
नमकीन पानी निकल ही आते हैं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

गुलाब…..!!!!

February 7, 2020
Shanky❤Salty
छुट गए मेरे हाथों से गुलाब
जब ज़हन में ख्याल
पहले प्यार का आया
उनको भूल मैं कैसे गया
जिन्होंने मेरी ज़िंदगी
अपने संस्कारों से
गुलाब की तरह है महकाया

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

एक काँच का गुलदस्ता…..!!!!

February 5, 2019

Shanky❤Salty

एक काँच का गुलदस्ता था
बड़ा ही मजबूत सा था
देख हर कोई उसकी तारीफ करता था
उस गुलदस्ते में कुछ फूल थे भरे
बहुत ही प्यारे प्यारे से
परन्तु एक दिन कुछ ऐसा हुआ वह काँच का गुलदस्ता गिर पड़ा नीचे
परन्तु कैसे गिरा???
किसने गिराया????
कब गिराया????
क्यों गिराया????
खबर ही नहीं हुआ किसी को
वो काँच का गुलदस्ता टूट चुका था
बिखर चुके थे उसके सारे फूल
मैं परेशान सा हो गया
मैं बेचैन सा हो गया
मैं उन टुकड़ों को समेटने की कोशिश करता रहा
किन्तु वह और बिखर जाते थे
मैं रोने सा लगा था
महादेव को याद करने लगा था
हिम्मत दिया था भोलेनाथ जी ने मुझे
मैं फिर से कोशिश करने लगा
जैसे-जैसे मैं उन काँच के टुकड़ों को समेटता
आँखों से आँसू बहने लगते
पर इन सब की परवाह किये बगैर
मैं उन टुकड़ों को समेटता था
वक्त लगा पर लगभग समेट ही लिया था
फिर बैठा मैं उन सब को जोड़ने की खातिर
मेरे हाथों में जख्म हो चुके थे
रक्त बहने लगे थे
जैसे ही मैंने आखिरी टुकड़े को उठाया था
पता नहीं कैसे वो काँच का गुलदस्ता फिर टूट गया
और बहुत दुर तक बिखर गया
मैं रोता रहा चिल्लाता रहा
पर कोई न आया
लगता था मेरी ज़िंदगी टूट गई है
सब कुछ छुट गया है
मैं खुद से रुठ गया हूँ
मैं दोस्तों के पास भी गया
पर कुछ न हुआ
मैं दारू वाले के पास भी गया
पर कुछ न हुआ
मैं नाथ जी के सामने रोता रहा
फिर भी कुछ न हुआ
धड़कने तेज होती गई
पर उपाय कुछ न सुझा
कैसे जोडू उन बिखरे टुकड़ों को
समझ न आया
एक रात एक नास्तिक आए
मुझको चुप कराया
उम्मीद का किरण दिखाया
महादेव पर विश्वास दिलाया
सब कुछ छोड़
निश्चिंत हो जाने का पाठ पढ़ाया
फिर मुझको प्यार से सुलाया
सुबह कि किरण के साथ
बिन बाँसुरी कृष्ण आए है
मेरे आँखों में फिर से आँसू आए है
ये क्या
बिन बाँसुरी कृष्ण ने ये कैसी धुन है बजाई
मेरे काँच के गुलदस्ते को पल भर में जोड़ है दिखाई
उसमें फिर से फुल है सजाई
मैं क्या कहूं
नाथ जी कि लीला देख मेरे आँखों में फिर से आँसू है आईं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

तुमने ज़रा सी देर कर दी…..!!!!

February 2, 2020
Shanky❤Salty
तुमने ज़रा सी देर कर दी
मैं सारे रिश्ते समेट कर आया हूँ
पर सच कहूँ तो
दिल का एक छोटा सा हिस्सा कहीं भूल आया हूँ

Written by:- Ashish Kumar
Published by:- Anonymous

स्वार्थ…..!!!!!

January 28, 2019
Shanky❤Salty
हैरान हो जाता हूँ
थोड़ा परेशान हो जाता हूँ
फिर समझ में आता है
जहाँ स्वार्थ की खेती होती है
वहाँ खुदा के रहमत की बरसात नहीं हो पाती है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

लिखुं तो क्या लिखुं मैं इस शाम……!!!!!

January 25, 2020
Shanky❤Salty
लिखुं तो क्या लिखुं मैं इस शाम
बस पता है
कल बड़ा सुंदर नज़ारा होगा
ज़ोर शोर से देशभक्ति आएगी
अरे हाँ यार वही देशभक्ति व्हट्सप्प ,फेसबुक, इंस्ट्राग्राम वाली स्टेट्स
तिरंगे वाली डीपी
“झंडा ऊँचा रहे हमारा” गीत हम गाएगें
अपनी आजादी के नारे लगा हम अपने देश ही में आग लगाएगें
मतदान कर बहुमत दे हम सरकार बनवाएगें
सरकार के लिए फैसले पर हम अपने ही देश में दंगे करवाएगें
माँ-बहनों कि अस्मियता पर हम कंलक लगायेंगे
वंदे मातरम् के नारे हम लगाएगें
तिरंगे को चीर कर हम
भगवा हिंदु को
हरा मुस्लिम को
सफेद ईसाई को
दे कर अपने धर्म के नारे हम ही लगाएगें
दी कुर्बानी जिन्होंने देश के प्रति
तस्वीर हम उनकी लगा कर दिवार पर
बँटवारे की राजनीति हम ही करवाएगें
औरंगजेब को दोहराएगें
बाबर को अपनाएगें
अरे कब तुम
अब्दुल कलाम के गुण स्वयं में लाओगे
क्यों तुम भूल जाते हो
संविधान किसी पार्टी के स्याही से नहीं
शहीदों के लहु से लिखी गई है
बस इसी वास्ते हमारा देश महान खड़ा है
लिखुं तो क्या लिखुं मैं इस शाम
मेरे आँसू है की रूकते नहीं
कुकर्म, हत्याएँ, व्याभिचार का है यहाँ जाल
क्या कुछ अच्छा होगा कभी की नहीं
जश्न-ए-आजादी में तुम यूँ मसगुल मत हो जान
कि अपनी देशभक्ति समेट तिरंगे को गिरा घर मत लौट आना

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

म़जाक या फिर रिश्ते….!!!!

January 24, 2020
Shanky❤Salty
कहीं भी घर बना लो
कहीं भी रिश्ते बना लो
या यूँ कहूँ तो
ज़िन्दगी का तुम मज़ाक बना लो
मालूम है न तुम्हें
सारे रिश्ते हैं झूठे
साँस रुकते ही टूटे
फिर-भी हम कभी-भी कही-भी किसी से भी
रिश्ते बना लेते हैं….मन मंदिर में घर बना लेते हैं
बेटा-बाप का नहीं हो पाता है
बेटी-माँ की नहीं हो पाती है
शिष्य-गुरू का नहीं हो पाता है
दोस्त आस्तीन का साँप बन कर रह जाता है
क्या कहूं मैं ???
बाप, बेटे में कैसी ये दूरी है
माँ, बेटी में कैसी ये मजबूरी है
राह चलते हम रिश्ते बना लेते हैं
पर खून के रिश्ते हम क्यों नहीं निभा पाते हैं
क्यूँ हम
अक़्सर एहसासों के रिश्तों को ही सच्चा मान लेते हैं…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

अनकही बातें…..!!!

January 18, 2019
Shanky❤Salty

अपनी नाकामी छुपाते हो
हर बात को किस्मत का नाम देते हो
सच कहूँ तो
ये किस्मत-विस्मत कुछ नहीं होता
सब तुम्हारे कर्मों का ही नतीजा है
और रही बात किस्मत की तो
वो किसी चोर, डाकू या भूत ने नहीं लिखी है
बल्क़ि मेरे ईश्वर मेरे अल्लाह नें लिखी है…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

सब कुछ एक कर दो…..!!!!

January 15, 2020
Shanky❤Salty
सारे ग़म भुला कर
सब कुछ एक कर दो
प्रेम के धागे से बंध कर
ख़ुद को पतंग कर दो
नई-नई उमंग मन में भर कर
आसमान में प्रेम भर दो
गीत ख़ुशियों के गा कर
ईर्ष्या कि चादर हटा दो
सच कहूँ तो
इस मकर संक्रांति पर
हर एक की ज़िन्दगी में रंग भर दो…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

अरी ओ लाडो…..!!!!!

January 7, 2020
Shanky❤Salty
अरी ओ लाडो
सुन ना
जल्दी से तैयार हो जा ना
लड़के वाले तुझे देखने आने वाले हैं
दिल से कहूँ तो लाडो
लड़के वाले तुम्हारी बोली लगाने आने वाले हैं
बिकते देखा है बज़ारों में समानों को
आज देखूंगा एक बाप की अमानत को
ज़िन्दगी भर की मेहनत से संजोयी पूंजी लड़की का बाप
सर झुका कर लड़के के बाप के सामने
दहेज के थाल में परोसेगा
चंद दिनों बाद वो अग्नि के फेरे लगायेगी
चंद महीनों बाद वो अग्नि में ख़ुद को जलायेगी
सुना है ना
चिड़िया होती है लडकियाँ
मगर पंख नहीं होते लडकियों के
मायके भी होते है ससूराल भी होते है
मगर घर नहीं होते लड़कियों के
मायका कहता है, ये बेटियाँ तो पराई है ससुराल कहता है, ये पराये घर से आई है
ये ख़ुदा अब तू ही बता
आखिर ये बेटियाँ किस घर के लिये बनाई
सच कहूँ तो धन के लालच ने उन्हें पराया बनाया है
क्योंकि बेटियों से बड़ा धन कुछ भी नहीं होता है
हजारों भिखारी देखे होंगे
पर दहेज माँगता भिखारी देखा है कभी….????

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

अलविदा…..!!!!!

December 24, 2019
Shanky❤Salty
आज सिखा दिया है
ज़िंदगी ने मुझको
खुशियाँ टिक नहीं सकती
ग़म कि कतारे मिट नहीं सकती
भरी अश्कों से मैं
आप सब को अलविदा कहता हूँ
न चाहते हुए भी अब मैं विदा लेता हूँ
पता नहीं हम कब मिलेंगे
सच कहूँ तो
पता नहीं हम कब लिखेंगे

Written by:- Ashish Kumar

इतना तो तय है……!!!!

December 22, 2019
Shanky❤Salty
इतना तो तय है
जब भी मेरी मौत आएगी
अपने के आँखों में आँसू दे कर ही जाएगी
माना की वो कुछ पल के लिए उदास हो जाएंगें
मेरी भोज में आ कर वो जी भर के खाएंगे
मैं कहता था
ना जाने क्यों ज़िंदगी मुझे से रूठी है
पर सच कहुं तो
मैं ही ज़िंदगी से रूठ बैठा हूँ
चंद सपने जो मेरे पूरे ना हो पाये
मैं अपनी ही प्यारी ज़िंदगी से युं ही हठ कर बैठा हूँ
खुद के सपने मैं पूरे करने
ना मैं आया था
खुशी के आँसू मैं बाँटने
ना मैं आया था
पर क्या मैं करूँ
एक ही तो दिल
जो तोड़ उसने दिया था
रोता-रोता मैं उसे जोड़ने अकेला बैठा हूँ

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous

उसने मुझसे कहा….!!!!

December 15, 2019
Shanky❤Salty
मैं यह कह कर रोता रहा
“की तू मेरी किश्मत में नहीं”
.
.
पर उसने मुझसे कहा
“जनाब मैं कैसे समझाऊं आपको
ये किश्मत विश्मत की बातें
जुए में होती है
इश्क में नहीं”

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous

मैं भुल क्यों नहीं पाता हूँ……!!!!

December 13, 2019
Shanky❤Salty
हजारों रास्तें हैं
इस ज़िंदगी में
पर तेरे संग चला हुआ रास्ता
मैं भुल क्यों नहीं पाता हूँ
न चाह कर भी मैं
निराशा की गोद में क्यों सो जाता हूँ
खिड़की से हर वक्त
उम्मीद कि किरण मुझको है झाकती
मैं उससे आँख मिचौली खेल कर रह जाता हूँ
माना की नींद मुझसे रुठी है
पर क्यों मुझसे ही सारे रिश्ते टूटे हैं
जब से तुम गईं हो
बहुत कुछ कह कर मुझको
हकीकत कहता हूँ मैं तुझको
आये तो कई लोग ज़िंदगी में
दर्द को जानने
क्या पता था मरहम के जगह में
खुरेद चले जाएंगे मेरी ज़िंदगी को
विश्वास कर बैठा था हर किसी पर
क्या पता था घात कर जाएंगे मेरे विश्वास पर
एेसा नहीं है की तुम्हारे जाने से
सब कुछ खत्म हो गया है
बस कुछ खाली सा रह गया है
थक सा गया हूँ मैं इस ज़िंदगी से
बस दिल चाहता है
खोल मुट्ठी लेटने को जी चाहता है
हाथ जोड़ सबको अलविदा मैं कह दूं
इस ज़िंदगी से विदा अब मैं ले लूं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous

देश के प्रति…..!!!!!

December 12, 2019
Shanky❤Salty
कर दिया है हमने भी मतदान
देश के प्रति
निभा दिया है हमने भी एक छोटा सा फर्ज अपना
है देखना अब मुझको
देश के प्रति
निभा पाती है आने वाली सरकार फर्ज अपना

Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Written by:- Ashish Kumar

धुंधली यादें……!!!!

December 11, 2019
Shanky❤Salty
तुझे सोचने का मजा ही कुछ और है
तेरे ना होने की सजा मुझे मिलना अभी और है
तेरी बातें सुन कर सोने का मजा ही कुछ और है
तुझे याद कर रोने की सजा मुझे मिलना अभी और भी है
तेरी झूठी आस रखने का मजा ही कुछ और है
तुझे चाहने की सजा मुझे मिलना अभी और है
तेरी वफा का मजा ही कुछ और है
मेरा जिन्दा रह कर मरना अभी बाकी है
सच कहुं तो
मेरी बेवफाई की सजा अभी कुछ और है

Title credit:-SG16
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Written by:- Ashish Kumar

श्रीमद्भागवत गीता…..!!!!

December 8, 2019
Shanky❤Salty
शरीर कि मलिनता दूर करने के लिए
नित-प्रतिदिन नहाना जरूरी है
वैसी हि
ह्रदय कि मलिनता दूर करने के लिए
नित-प्रतिदिन “गीता” के ज्ञानरूपी
सागर में डुबकि लगाना जरूरी है
  • गीता केवल एक ग्रंथ या पुस्तक नहीं है अपितु जीवन जीने कि कला है।
  • गीता ऐसा अद्भुत ग्रंथ है कि थके, हारे, गिरे हुए को उठाता है, बिछड़े को मिलाता ह, भयभीत को निर्भय, निर्भय को नि:शंक, नि:शंक को निर्द्वन्द्व बनाकर नारायण से मिला के जीवन का उद्देश्य समझाता है।
  • विश्व की 578 भाषाओं में गीता का अनुवाद हो चुका है।
  • हर भाषा में कई चिन्तकों, विद्वानों और भक्तों ने मीमांसाएँ की हैं और अभी भी हो रहीं हैं, होती रहेंगी।
  • इस ग्रंथ में सब देशों, जातियों, पंथों के तमाम मनुष्यों के कल्याण की अलौकिक सामग्री भरी हुई है।
  • भोग, मोक्ष, निर्लेपता, निर्भयता आदि तमाम दिव्य गुणों का विकास करनेवाला यह गीताग्रंथ विश्व में अद्वितीय है।
  • स्वामी विवेकानंद जी तो श्रीमद्भगवत गीता को “माँ” कहा करते थे।
  • मदनमोहन मालवीय जी श्रीमद्भगवत गीता को “आत्मा कि औषधि” कहा करते थे।
  • श्रीमद्भगवत गीता किसी धर्म, जाती, समुदाय, मजहब का पुस्तक नहीं है अपितु यह संपूर्ण मानव जाती के लिए है।
  • श्रीमद्भगवत गीता वह ग्रंथ है जिसने युद्ध के मैदान में अर्जुन को योग कि कला सिखा थी।
  • श्रीमद्भगवत गीता वह ग्रंथ है जो हमें सिखाती है “सुख टिक नहीं सकता और दुःख मिट नहीं सकता”
  • मुझे लगता है कि गीता को हाथ में रखकर कसमें खाने से कुछ नहीं होगा अपितु गीता को हाथ में रखकर पढ़ना होगा।
  • ज़िंदगी कि एैसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान श्रीमद्भगवत गीता में ना हो एैसा मेरे विश्वास है।
हम सब ईश्वर से प्रार्थना तो करते है

 

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।

 

 

सर्वे सन्तु निरामयाः।

 

 

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।

 

 

मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥

 

 

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

 

हिन्दी भावार्थ:

 

सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी का जीवन मंगलमय बनें और कोई भी दुःख का भागी न बने।

 

 

हे भगवन हमें ऐसा वर दो!

 

पर यह संभव तभी है जब श्रीमद्भगवत गीता को जीवन में अपनायेगें।
बस जीवन में एक बार पढ़कर देखो “मोहब्बत कि बरसात ना हो गईं तो कहना”

Written by:- Ashish Kumar

बड़ा भाई……!!!!

November 30, 2019
Shanky❤Salty
मैं तुमसे रूठ कर बैठा हूँ
तुम मुझसें रूठ कर बैठे हो
मैं तुमको मनाता नहीं हूँ
तुम मुझको मनाते नहीं हो
मैं हर वक्त तुमसे जीतता हूँ
तुम हर वक्त मुझसे हारते हो
मैं तुम्हें जब भी बुलाता हूँ
तुम आ नहीं पाते हो
जो भी हो तुम देख नहीं पाते मेरी तकलीफ को
गले जब भी तुम लगाते थे
मेरे मुरझाये चेहरे मुस्कुरा जाते थे
सच कहूँ जो मैं तो आँखों से आँसू छलक जाते थे
वो चार साल मैं कॉलेज में सीना तान मस्ती करता था
हर छोटी-बड़ी कांड कर तुझको ही तो फोन करता था
तुम्हें कुछ शिकायत रहती मुझसे
मैं फोन नहीं उठाता, दुनिया से कट कर रहता
उन शिकायतों को तो मैंने सिर्फ तुम्हारे लिए दूर कर दिया
पर तुम्हारी नौकरी ने हम दोनों को दूर कर दिया
मेरी ज़िंदगी के पहले शख़्स तुम ही थे जिसने मुझे पुरा बॉक्स मिल्कीबार का दिया था
तुम्हारे इस साल के जन्मदिन में बधाई ना देने वाला इंसान मैं ही होऊगां
तुम्हें तुम्हारा जन्मदिन पसंद नहीं
और मुझे तुम्हारा जन्मदिन ही सबसे अधिक पसंद
क्योंकि तुम्हारा जन्मदिन ना होता तो तुम मेरे बड़े भाई ना होते।
आपको पता है मेरे एक दोस्त अंकित ने कहा था बड़े भाई पर लिखना। पर भाई सच कहुं तो बड़ा कठिन है उन बीते हुए यादों को समेट कर शब्दों में पिरोना।
छोड़ों अब मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूँगा
बस
तुम हर वक्त मुझसे परेशान ही होते हो
पर समझते नहीं हो
मोहब्बत जब जोर पकड़ती है
ना तो शरारत का ही रूप लेती है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

क्यों मैं निःशब्द हो जाता हूँ….!!!!

November 18, 2019
Shanky❤Salty
हम अजनबी थे ना….”बोलो ना हाँ”
हम जानते थे एक दूसरे को…..”बोलो ना नहीं”
फिर क्यों साथ चल दिये मेरे….???
एक ही ब्रान्च में थे इसलिए
या कोई स्वार्थ था इसलिए
या किसी ने कुछ कहा था इसलिए
है कोई जवाब
अच्छा छोड़ो ये सब
चलो कुछ और बता दो मुझे
भूख लगती थी मुझे तो तुम डाँटते क्यों थे
फिर रात को खाना खिलाने भी ले जाते थे
माना कि मैं एक-दो रोटी से ज्यादा नहीं खा पाता था क्योंकि मेरा पेट भर जाता था तुझे खाता देख
चाहे ठंडी हो या गर्मी मेरा ड्राइवर तू ही रहा करता था
हाँ और भी बेहतरीन ड्राइवर थे मेरे पास पर तू शायद ख़ास था क्योंकि तू मुझे अपनी पीठ पर सुलाया करता था
हम दोनों ही थे ना फोर्थ फ्लोर में जो सेमेस्टर के दिनों में बेफिक्र अपनी ही मस्ती में किताबों से दूर रहते थे
शायद अब तुम समझ गये होंगे मैं तुम्हारी ही बातें कर रहा हूँ
पर समझ कर क्या कर लोगे कुछ नहीं ना तो फिर चुप होकर आगे पढ़ते जाओ ना
याद है तुम्हें जब मेरे पेट में दर्द रहता था और मैं अस्पताल जाने में लापरवाही करता था तो तुम ही मुझे डाँट कर अस्पताल ले जाते थे
वो 6 बजे सुबह भी याद होगी ही तुम्हें जब तुमने मेरा पैर खींच बेड से नीचे उतार दिया था और स्कूटी की चाबी लेने नीचे भेजा था
अल्ट्रासाउंड टैस्ट में ले जाने के लिये
अगर नहीं भी याद तो कोई नहीं मुझे सब याद है तुम बस अब चुप होकर पढ़ते जाओ जो मैं लिख रहा हूँ
वो तुम ही थे ना जो मुझ से मिलने अस्पताल आये थे मेरे एक बार बुलाने पर
याद है ना मेरी मम्मी बोली थी की आज इतना ज़्यादा ख़ुश है तुमसे मिलकर
और
उठ कर बैठा है
तुम जब जाने लगे थे तो मैंने तुझे 👍 एैसा इशारा किया था जिसका मतलब तुम नहीं समझे थे कोई नहीं समझा दूँगा तुम आगे पढ़ते तो जाओ
तुम मेरे अस्पताल से छुट्टी वाले दिन भी आये थे ये बात मैं अपनी आखिरी साँस तक नहीं भूल सकता
अगर तुम भूल गये हो तो कल से बादाम खाया करो
शायद तुम ना होते तो मेरे पापा मम्मी की जान निकल जाती मुझे होटल तक ले जाने में तुमने जो मुझे गोद में लिया था भाई उसके लिये ना चाहते हुए भी तुम्हें दोनों हाथ जोड़ धन्यवाद कहता हूँ 🙏
और भी हज़ारों,लाखों पल आये थे जब तुम मेरे साथ खड़े थे या यूँ कहूँ तो तुम मुझे पास थामे थे
वक़्त पड़ने पर तुमने मुझे
पिता जैसी डाँट लगाई है पर तुम पिता तो नहीं हो मेरे
माँ जैसी प्रेम दिखाया है पर तुम माँ तो नहीं हो मेरी
भाई जैसा स्नेह किया है पर तुम भाई तो नहीं हो मेरे
सच कहूँ तो तुझ से कौन सा रिश्ता है नहीं जानता
माना की हम बचपन के दोस्त नहीं हैं पर हमारा बचपना अभी तक गया नहीं है
दोस्त कहता हूँ तुझे पर सच कहूँ तो तुम दोस्त भी नहीं हो मेरे
क्योंकि वक़्त-बे-वक़्त दोस्त भी साथ छोड़ देते हैं
कोई मुझे मिल्कीबार दे,दे या मुझे समौसे खिलाने की बात कर दे तो मैं उससे तुरंत ख़ुश हो जाता हूँ

पर तुझ से ये सब लेने की चाह नहीं है बस तू मुझे कुछ खाता नज़र आ जाये मेरे मुस्कुराने कि वज़ह बन जाती है
तूने कहा था ना सचिन गुरुरानी पे लिख लेकिन मुझे माफ़ करना
मैं उन यादों को छोड़ तुम पर बहुत कुछ लिखना चाहता हूंँ
पर ना जाने क्यों मैं नि:शब्द हो जाता हूँ

तुम अजनबी से कब हमनबी बन गये पता ही नहीं चला…!!
बस भाई बाक़ी फ़िर कभी 😅

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

ज़िंदगी की औकात…..!!!!

November 14, 2019
Shanky❤Salty
किसी की औकात बादशाहों जैसी दिखती
तो
किसी की औकात फकीरों जैसी दिखती
सच कहुं तो ज़िंदगी की असली औकात शमशानों में दिखती

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

50K Views….!!!!

November 9, 2019
Shanky❤Salty
I would like to take a moment and say thank you to all my viewers.

Today, my site has crossed a milestone of 50,000 views. Something I once thought I would never do. But it was not me, it was all of you guys that read my writings and hit the like buttons.

If I wouldn’t get your support guys, I could not have achieved this milestone. So we did it together. You guys deserve a round of applause.

वो भी क्या वक्त था…..!!!!

November 1, 2019
Shanky❤Salty
वो भी क्या वक्त था
जब एक-दुजे को इश्क था
और
आज एक-दुजे पे श्क है
Written by:- Ashish Kumar

जब मिले थे
तो दर्मियान इश्क़ था
और अब मिले तो शक का फासला है
Written by:- Yasmin Khaan

कुछ नया करते है….!!!!

October 27, 2019
Shanky❤Salty
घर और मन की साफ-सफाई हो गईं हो तो
चलो ना इस दीपावली कुछ नया करते हैं
रौशन गली-मोहल्ले, चौक-चौराहे तो होंगे ही
वक्त है अब दिल के दीप जलाए रखने का
ज़िंदगी कि कशमकस से थोड़ा वक्त निकालना होगा
अपनों के साथ वक्त बिताना होगा
लक्ष्मी की पूजा कर धन तो कमाना होगा
साथ ही सरस्वती की भी पूजा कर
धन को बुद्धिमता से सदुपयोग करना होगा
बुझ रही हो गर किसी के जीवनदीप तो
लौ खुशी की, बन ज्योति, आनंद की,
चलो उस लौ को अपने हथेलियां बढ़ाकर प्रज्वलित रखना होगा
हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई धर्म से उपर उठ
मानव धर्म को अपनाना होगा
चलो इस दीपावाली कुछ नया करते हैं

Written by:- Ashish Kumar
Thank you so much SG16 for supporting.

क्या है मेरे पास……???

October 24, 2019
Shanky❤Salty
क्या है मेरे पास ???
दुआ भी दूसरों की
बद-दुआ भी दूसरों की
ज़िन्दगी एक है
क़िरदार अनेक हैं
आएं हैं ये तो पता है
जाना कहाँ है ये तो पता नहीं
बाँध मुठ्ठी आया था
खोल मुठ्ठी जाऊँगा
फ़िर किस बात का ग़ुरुर है मेरे पास ???

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

इज्ज़त…..!!!!

October 19, 2019
Shanky❤Salty
ज़िस्म बेचा करती थी
इसलिए समाज में उसकी कोई इज्ज़त नहीं थी
क्योंकि वह “वैश्या” थी…!!
ज़िस्म खरीदा करता था
इसलिए समाज में उसकी बहुत इज्ज़त थी
क्योंकि वह मर्द था…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

कद्र कहां……!!!!

October 9, 2019
Shanky❤Salty
थोड़े से ऑक्सीजन के बदले हम डॉक्टरों को हजारों रुपए दे देते हैं
लेकिन
पेड़ हमें जीवन भर ऑक्सीजन देते है बदले में हम उन्हें काट देते हैं
किसी ने सच ही कहा था
“कीमत” पैसे की ही होती है
मुफ्त की चीजों कि कद्र कहाँ…!!

Written by:- Sachin Gururani
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
Published by:- Ashish Kumar

मेरे शब्द……!!!!

October 7, 2019
Shanky❤Salty
माना कि मेरे शब्द अब लड़खड़ाते हैं
पहले वाली वो बात नहीं है मेरे शब्दों में
लेकिन मुझे यक़ीन है मेरे शब्दों पर
वक़्त-बे-वक़्त मेरे शब्द तुझे
रूलाते भी हैं
और
हंसाते भी हैं
हाँ मैंने कई बार
अपने शब्दों से
अपने ग़म को उकेरा है
कई बार ग़म छुपाया भी है
शायद तुम्हें भी मालूम होगा
इन ही शब्दों कि वज़ह से
हम एक-दूजे से दूर हैं
और साथ ही मज़बूर भी
ना जाने कब तक
मेरे शब्द साथ देंगे
ना जाने कहाँ तक
मेरे शब्द साथ देंगे
क्योंकि अपनी ज़िन्दगी में देखा
सिर्फ़ ज़रूरत पर ही साथ देते है लोग
लेकिन मुझे इतना यक़ीन है
कि मेरे मरणोंपरांत भी मेरे शब्द
कहीं-ना-कहीं अपनी छाप छोड़ जाएंगे….!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

दोस्त और दोस्ती……!!!!

September 26, 2019
Shanky❤Salty

ये दोस्ती भी बड़ी गज़ब की है
ना रंग देखती है, ना ढ़ंग
ना जात देखती है, ना पात
ना उम्र देखती है, ना रूप
जब से मेरे दोस्त मेरी ज़िन्दगी में आये हैं
ग़म मुझे मुड़ कर नहीं देखती हैं…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

ना जाने कैसे…..!!!!

September 18, 2019
Shanky❤Salty
सुनो ना…..!!!!
हाँ,हाँ तुमसे ही कह रहा हूँ
बस दो मिनट लगेंगे
सुन लो ना
फ़िर चले जाना ना
देखो बात एेसी है
कि अब कुछ अच्छा सा नहीं लगता है
एक दिल था ना
हाँ वही दिल
जिसको वक्त और हालात ने तोड़ दिया था
वो भी अब ठीक से काम नहीं कर रहा है
वक़्त-बे-वक़्त धड़कनें तेज़ होने लगती हैं
ना चाहते हुए भी डिप्रेशन दूर करने की गोलियाँ लेने पड़ती है
पर अब तो उन गोलियाँ ने भी मुझ पर अपना असर करना छोड़ा दिया है
ना जाने क्यों ज़िन्दगी मुझसे पल-पल रुठ जाती है
अब तुम आ ही गयी हो तो मुझे मनाने कि कोई युक्ती तो बता दो
थक सा गया हूँ इस ज़िन्दगी से
दिल करता है सब कुछ ख़त्म मैं कर दूँ
पर मैं कायर नहीं ना हूँ
मैं शांति से सोना चाहता हूँ अब
पर तुम तो अच्छे से जानती ही हो ना
नींद और मेरा कोई वास्ता नहीं है बिन दवा के
सुना था “दवा से ज़्यादा दुआ में असर होता है”
पर ज़िन्दगी में ना जाने क्यों बद्दुआ ही मिली
पर अब जो भी हो मुझे निश्चिंत होकर नारायण में सोना है
मैं जानता हूं वो वक़्त कभी लौट नहीं आयेगा
पर मुझे ये ज़रूर बता दो
वो यादें क्यों लौट आती है ???
चलो आती है तो आने दो पर जीने क्यों नहीं देती है ???
लगता है दो मिनट हो गये हैं
तुम्हें भी जल्दी होगी ना
अच्छा कोई नहीं फ़िर कभी
पर याद रखना हारा नहीं हूँ
अभी थक गया हूं सिर्फ़
जल्द ही आऊँगा
ग़म का ज़हर पीता जाऊँगा
और मुस्कराते हुए ज़िन्दगी को लिखता जाऊँगा…!!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

ना जाने कब…..!!!!

September 14, 2019
Shanky❤Salty
हज़ारों सवाल मन में लिए बैठा हूँ
पूछें तो पूछें किस से
सब अपने सवालों में उलझे हैं
वैसे तो मैं बुरा बन बैठा हूँ
क्योंकि मैंने सफाइयाँ देनी जो छोड़ दी हैं
ना जानें कब, कैसे, किस से मेरे सवाल हल होंगे
ना जानें कब हम रोते हुए ख़्वाबों को सच करेंगे
और
ना जाने कब हम मुस्कुराकर ज़िन्दगी को जियेंगे…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

हैवानियत का नाच……!!!!

September 1, 2019
Shanky❤Salty
मर्द बनने कि चाहत में
ना-मर्द का छाप छोड़ गया
उसके लाख ‘ना’ करने के बावजूद भी
वह हैवानियत का नाच करता गया

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- An Incredible writer Yasmin Khan

समझ में ना आया…..!!!!

August 25, 2019
Shanky❤Salty
कल रात वो आ ही गईं थी
मुझको साथ ले जाने वाली ही थी
दवा ने भी अपना असर है छोड़ा था
दर्द ने जो साथ पकड़ा था
काफी दिनों के बाद मेरे दिल में दर्द उठा था
बाहर पेड़-पौधे बारिश में भीग रहे थे
इधर मैं पसीने से भीगा हुआ था
नींद तो एैसी रुठी थी
दवा लेने के बाद भी मुझसे दुर बैठी थी
हर कोई श्री कृष्ण के जन्म की तैयारियाँ कर रहा था
मैं लेट अपनी धड़कनों को गीन रहा था
पर माँ वो तुम ही थी ना
जिसने श्रीकृष्ण की पूजा छोड़
मुझे गोद में सुलाया था
मेरे दिल पर हाथ रख
“गोविंद हरे गोपाल हरे जय-जय प्रभु दिन दयाल हरे”
गाकर मेरे दर्द को दूर कर रही थी
माँ तेरे थपकियों ने ही मुझको सुलाया था
कल तक चलना तो दूर मुँह से आवाज तक नहीं ले पा रहा था
पर माँ तेरे प्रेम और वात्सल्य में जादू है जादू
देखो ना आज बैठ ये चार पंक्तियाँ लिख रहा हूँ।
ये कैसा है जादू समझ में ना आया
तेरे प्यार ने हमको जीना सिखाया

Written by:- Ashish Kumar

मेरे कागज सुखे खेत…..!!!!

August 21, 2019
Shanky❤Salty
सुना है शब्द सीमित है
पर निश्चित ही तुम असीमित हो
मेरे कागज सूखे खेत की तरह होते हैं
शब्दों की बारिश कर लहलहाती खेत बना देती हो आप
आप कितने भी व्यस्त रहते हो
भूलकर भी मुझको ना नहीं कहते हो
आप सब कुछ मेरे बारे में जानते हे
फिर भी हम एक दूजे से अनजान हो बैठे हैं
चाय का शौक नहीं रखते हैं
पर जब पागल होते हैं
तो भर दो ग्लास चाय पी कर मुझको हसाते हैं
सच कहुं तो आप ना होते तो
मैं हर रोज नहीं लिख पाता एक नई कहानियाँ
और ना ही हो पाती मुझसे कविताओं की खेती
हर वक्त ये मरघट पर है लिखती
पता नहीं इतना मुझको क्यों है भाती
मेरी हर कविता को चंद मिनटों में सुंदर है बनाती
ये हर कोई से सताई है जाती
क्या कहूं मैं ये मासूम सी है लड़की
हर गलती पर मुँह है फुलाती
जब जब कागज पर शब्दों को है उकेरती
अपने आँसुओं का दर्द बयान है कराती
वैसे है तो ये जिद्दी निधि पर जब तक इसे जानुंगा समझुंगा तब तक ये दुनिया को अलविदा कह चुंकी होगीं
तेरे शब्दों में इतनी ताकत है कि तुम मुर्दें में भी जान ला सकती हो
धोखा तुझे जो दे तू उसे जीते जी मुर्दा भी बना सकती है
धन्य है वो माता- पिता जिसने तुझे जन्म दे संस्कारों का तेज भरा है
क्या कहुं क्या लिखुं शब्द तो सीमित है पर निश्चित ही तुम असीमित हो

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

16 अगस्त…….!!!!!

August 16, 2019
Shanky❤Salty
देखा था मैंने 15 अगस्त को सड़कें साफ सुथरी
देखा था मैंने देश का तिरंगा लहरहाता हुआ
पर आज
देख रहा हूँ मैं 16 अगस्त को सड़कें मैली-मैली
देख रहा हूँ मैं देश का तिरंगा युहीं ज़मीन पर
देशभक्ति को नमन कर भारत को विश्व गुरु बनाना है
हमनें 15 अगस्त खुशियों से मनाया है
अब 16 अगस्त फर्ज के साथ निभाना है
हर गली-मोहल्ले, चौक-चौराहे घूम-घूम माँ भारती को स्वच्छ बनाना है
गिरे हुए तिरंगे को उठा अपना इमान बचा तिरंगे को सम्मान दिलाना है
कचरा उठा उसे कचरा पेटी में डालना है
हम सब इसे माँ भारती कहते है
सेना सरहद कि रक्षा कर कर्तव्य निभाती है
हमें भी माँ के आँचल को स्वच्छ कर
माँ भारती के प्रति अपना कर्तव्य निभाना है
याद है ना आज ही के दिन
कीचड़ में कमल खिला गया
अटल हमारा चला गया
आओ ना हम सब को मिल
नया भारत बनाना है

Written by:- Ashish Kumar
Published by:- Anonymous

आजादी का पर्व……!!!!

Shanky❤Salty

August 15, 2018
Shanky❤Salty

काफी दिनों के बाद मैं आज सुबह जल्दी उठा
क्युकिं पापा को आज ऑफिस जल्दी जाना था
घर से बाहर निकला दूध लाने को
तो थोड़ा अचम्भित रह गया

सड़के साफ सुथरी नजर आ रही थी
हर दुकान तिरंगे से सजा हुआ था
हर गाड़ी पे तिरंगा लगा हुआ था
छोटे छोटे बच्चे हाथों में तिरंगा लिए स्कूल जा रहे थे

तभी मेरे फोन पे एक मेसेज आता है
सुप्रभात!!!!! हैप्पी इंडिपेंडेंस हे!!!!!

और मुझे ज़ोर से हँसी आती है
क्युकिं आज वही आजादी का पर्व है जब
लाल किले से कोई पगड़ी वाला
आपना मौन व्रत तोड़ेगा
और देखकर भाषण पढ़ेगा

या
कोई छप्पन इंच सिने वाल
नई-नई योजनाएँ लाएगा, सरकार कि उपलब्धियाँ गिनाएगा

आज बड़ी-बड़ी दुकानों में
बड़े-बड़े अॉफर मिलेंगे
पर हर चौराहे पे एक गरीब बच्चा
फटे-पुराने कपड़े पहने
तिरंगा बेचते जरूर मिलेगा
और कुछ वाहियात इंसान वहाँ देखने को भी मिलेगे
जो…

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Need Your Help…..!!!!!

August 11, 2019
Shanky❤️Salty
Hello, my incredible writers!!!!! Hope you all are fine, but unfortunately I’m not 😉. Because I’m very curious to know something.
Requesting Your help🙏.
I think everyone knows that the fresh fruits, green vegetables, quality protein, nuts, seeds, whole grains and Milkybar are the healthy food for the body.
But
I want to know that what is the food for the soul?

बनारस घाट…….!!!!!

August 7, 2019
Shanky❤Salty
तुम चाहती हो ना
बनारस घाट पर बसना
मैं भी चाहता हूँ तुम्हारे संग
बनारस घाट पर बसना
तुम गंगा स्नान नहीं चाहती हो ना
बस राख बन
उसमे प्रवाहित हो जाना चाहती हो ना
पर मैं तो गंगा स्नान कर
तेरी राख को खुद में
लपेट अघोरी बनना चाहता हूं
तुझसे सुना था की तुम
महादेव कि ज्योत जला पूजा नहीं कर सकती इसलिए खुद की देह को जलाना चाहती हो ना
जीते जी तुम मन ही मन महादेव की पूजा
दूध, दही, शहद, घी, जल, पुष्प से करना चाहती
पर ये सब तो निषेध था मेरी निधि के लिए
पर मैं तो तेरी चिता की आग से महादेव की मंगला आरती करना चाहता हूं
तेरी शरीर की राख से अपने शंभु की भस्म आरती करना चाहता हूं
सांस चलते तक निधि के लिए निषेध था
पर साँस रुकते ही इस आशिष ने सब कुछ संभव कर दिया
खुद तो कभी गंगा में डुबकी लगा पावन हो ना सकी
पर हर एक को डुबकी लगावा पावन कर दिया जिसने तुझे कन्धा दिया
चंद लोग ही ना थे जो मेरी निधि को महादेव के मंदिर का घंटा बजाने से रोकते थे
आज वही लोग निधि के जाते ही मंदिर की घंटाध्वनि सुन आँखों से आँसू बहा रहे है
मणिकर्णिका घाट पर निधि खामोश हो लेटी रहेगी
लेकिन हर कोई चिख रहा होगा
निधि के जाने के गम में या फिर हल्दी बंद होने के दर्द में
न जाने कौन सी है ये रीत इस दुनिया कि ओ मेरे महादेव
जीते जी इस निधि की पूजा निषेध है
हे शंभु इस दुनिया की रीत एक तरफ रख दो
या फिर
निधि का निश्छल प्रेम स्वीकार कर लो
नहीं तो
अंत में तैयार रहो
भस्म आरती के लिए
हाँ महादेव वही भस्म आरती
राख से
हाँ
हाँ
हाँ
निधि कि राख से

This is a collaboration with Nidhi Gupta

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

My 1st Book…..!!!!

August 5, 2019

Shanky❤Salty

Hello, my incredible writers’ & lovely friends’, I have finally published my Poetry book “Yaado K Panno Se” on Notionpress, Flipkart & Amazon. It is available in paperback form.
This book was possible only because of encouragement and motivation from all my blogger friends’ and my family who have always followed me on my blog and inspired me to write & publish my collection in international market.
Key Features
Language: Hindi
Binding: Paperback
Publisher: Notion Press
Genre: Poetry
ISBN: 9781646500161
Edition: 1
Publishing year: 2019
Pages: 60
I would like to express my special thanks of gratitude to my publisher “Notionpress“, my modifier-cum-editor “Nidhi Gupta🐿️” who encouraged me through the entire period of this journey. Secondly, I would also like to thank my “Parents”, Treasury partner “Sumit Kr. Ambastha“, my special friend Sachin Gururani who helped me a lot in finalizing this book within the limited time frame.

I am being over helmed in all humbleness and gratefulness to acknowledge my depth to all those who have helped me to put these ideas, well above the level of simplicity and into something concrete. Any attempt at some level can’t be satisfactorily completed without the support and guidance of my parents and friends. I would like to thank my parents who helped me a lot in gathering different information, collecting data and guiding me from time to time in publishing the book, despite their busy schedules, they gave me different ideas in publishing the book.
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Please do visit the link and buy this book. If you contribute to buy this book, it would be very big support from your end to grow and enhance my career. It’s my humble request to support me.
Thank you all, who already buy and gone through my book. Happy reading dear friends. Keep supporting me.

आजकल की मोहब्बत……!!!!

July 24, 2019
Shanky❤Salty
यारों आज कल की मोहब्बत का अपना ही अंदाज है
बंद कमरे में जिनके कपड़े उतारते है
बाहर निकलते ही उनकी इज्जत उतारते है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

काश……!!!!!

July 20, 2019
Shanky❤Salty
ये “काश” ही है
जो ज़िंदगी की खुशियों को थामें रखती है
सुनो ना……
हर हाल में खुश होना सीख लो
गम को खुद से दुर रखने कि कला सीख लो

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

धर्म और राजनीति…..!!!!

July 2, 2019
Shanky❤Salty
हिंदु मुस्लिम के नाम पर दंगें कराते हैं
एक दुजे से नफरत कर खुन बहाते हैं
कभी तो दो पल निकाल गीता-कुरान पढ़ना
सब में राम-रहिम है बसते
इस्लाम खतरे में है कह जेहाद करते हैं
हिंदू खतरे में है कह तलवार निकालते हैं
जनाब कुछ तो समझो,
सियासत की कुर्सी खतरे में है
आगे आप देख लो…..
मुझसे ज्यादा समझदार लगते हो……

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

Dear Manager…….!!!!

June 29, 2019
Shanky❤️Salty
Dear Manager,
Do you know you are a blessing for your friend’s group? I believe that person’s can give their time as a most precious gift, as you can never take it back and you can also gift your time to them. You’re man, who simply make everything brighter. A simple day can become special because of you like a birthday party OR a trip OR a night out OR a technical event OR Uddharsha OR any function that you manage. You always make ordinary moments into extraordinary, But I always tease you. Dear there are lots of memories that we’ve spent in our college life. As well as chugli’s. In our group you’re an only vegetarian guy who eat Egg-roll😂

You know that we surely have different interest’s and point of view because we’re not blood related but we’re brothers from another mother. There are few misunderstanding & dull moment with us, but we never judge each other. We left it because we know that in rose there are few thorns are available.
You deal with my immaturity. I’m very hard to deal with people & times, but you never left me. You always try to understand and love me behind my flaws.

Brother, I’m not always present to celebrate with you the good times, knowing that I’m always happy and proud of you. And for the bad times, my shoulder is always ready for your tears. But don’t be tense. Bad times never come in front of you.
I’m not even sure if I deserve your trust. You trust me with a lot of things in your life. And I promise not to do anything stupid that will break your trust.

You’re very strong, independent, caring and selfless. Specially a good manager OR leader. You know that this letter wouldn’t end. Because there’s surely a million memories and reasons I would want to write and thank you for, but words are not enough.
Thank you sooooooo much Rahul Kr. Singh for being in my life & Wish you a Very Happy Birthday.

जिस तरह मैं इस भीड़ में खो गया हूँ ना
बस उसी तरह तेरे चेहरे के पीछे छुपी हुईं उदासी भी कहीं खो जाए
और
मेरा भाई दिल से खुश हो जाए यही दुआ हम करते है

Written by:- Ashish Kumar

माँ कि अंतिम यात्रा……!!!!!

June 26, 2019
Shanky❤Salty
माँ के आँखों में आँसू था
मौत जो उन्हें साथ ले जा रहा था
माँ कहती हैं मेरी ममता जीत गई थी
क्योंकि तुम मेरे साथ थी मेरा अंश थी
और मैंने मौत को मात दे तुम्हें जन्म दिया था
पर मुझे यह ना मालूम था
कि 65 वर्ष कि आयु में मेरी मृत्यु होगी तो तुम मेरीे अंतिम यात्रा में इस कदर आओगी कि तुम्हें जमाना याद रखेगा। मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि इस कलियुग के डिजिटल युग में तुम विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मेरी अंतिम यात्रा में सम्मिलित तो हो गई।
क्योंकि कुछ बच्चे एैसे भी होते कि जब उन्हें माँ कि याद आती है तो वे विदेशों से घर आते है तो बिस्तर पर माँ का कंकाल पड़ा मिलता है। इस माँ को तो अंतिम यात्रा तक का मौका भी नहीं मिला।

खैर छोड़ो बेटा ये सब बकवास कि बातें।
मैं कुरियर से अपनी अस्थियां भेजवा रही हूँ।
वक्त हो तो इसे गंगा में विस्रजीत कर देना।
अगर वक्त ना हो तो कोई बात नहीं “घर बैठे मेरी अस्थियों कि फोटे ले कर #गंगा लिख सोशल मीडिया पर अपलोड कर देना।
मुझे लगता है माँ तो अब सिर्फ शब्द बन कर रह गई है

पुरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें👇
1. विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मेरी अंतिम यात्रा
2. बिस्तर पर माँ का कंकाल पड़ा

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

अजीब है ये दुनिया……!!!!

June 20, 2019
Shanky❤Salty
देखो ना……!!!!
ये दुनिया कितनी अजीब है
ज़िंदगी भर मुझमें कमियां निकालेगी
फिर मरने के बाद कुछ दिन आँसू बहायेगी
और भोज में आ खाने कि कमियां निकालेगी

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

मैं और पापा……!!!!!

June 18, 2019
Shanky❤Salty
पापा भी दर्द नहीं बताते अपना
मैं भी दर्द नहीं बताता अपना
एक ही घर में रहते
एक दुजे से चुप है रहते
पापा पूर्व बन अपने आत्मासम्मान में रहते है
मैं पश्चिम बन अपने आत्मसम्मान में रहता हूं
माँ सूरज बन पूर्व-पश्चिम का खयाल रखती है
पापा रूतबे से कहते है “जो भी हूं तेरा बाप हूं”
मैं रूतबे से कहता हूं “जो भी हूं आपकी ही औलाद हूं”
दो पीढ़ीयों में खिंचाव तो जायज है। पर जो भी हो पापा कि जान हूं मैं और मेरा सम्मान है पापा।

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

Dear Salty…….!!!!

June 12, 2019
Shanky❤️Salty
Dear Salty,
Today, I lie down on my bed & feel that you are here with me. I didn’t know how heavy this separation would be in my heart. I hope you are not in as much utter misery as I am without you. Salty, I think you know that “The absence makes the heart grow fonder, and my fondness has no bounds.
I lie awake & feel the gentle warmth of your breath as it would fall on my cheek. I imagine the heat of your body pressed me. And tears out from my eyes. I turn & lay my head against the pillow, feeling your heartbeat drum a lullaby in my ear.

While I know we will again be together. Until I can see you and hold you again, you will remain omnipresent in my dreams.
Regards
Ashish Kumar

वो आएँगी…….!!!!!

June 5, 2019
Shanky❤Salty
वो आएँगी
पर पता नहीं
कब आएँगी
पर पता है
जरूर आएँगी
.
.
.
जब भी आएँगी
मुझे खुशियों से भर देगी
जब भी आएँगी
अपनों के आँखें भर देगी
जब भी आएँगी
मुझे नई ज़िंदगी देगी
.
.
.
उसके आते ही
वादा है सब कुछ छोड़ दूँगा
उसके आते ही
वादा है उसे अपना बना लूंगा
उसके आते ही
वादा है मैं मुस्करा दूँगा
.
.
.
कब आएँगी
कैसे आएँगी
क्या पहन आएँगी
क्या लेकर आएँगी
किस रूप में आएँगी
पर जरूर आएँगी
.
.
.
चुपके से आएँगी
या दस्तक दे आएँगी
पर सुनो ना………
वो आएँगी
.
.
.
पता है ना कौन??????
.
.
.
अरे वही यार
.
.
.

.
.
.
मेरी मौत

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

फर्क…….!!!!

May 20, 2019
Shanky❤Salty
जब होती हो तुम उदास
तब खेलती हो तुम एक खेल
जब होता मैं उदास
तब खेलता मैं भी एक खेल
बस फर्क इतना है की
तुम खेलती हो खेल जज़्बातों से
और मैं खेलता खेल शब्दों से

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous

ज्ञानरूपी माँ…….!!!!

May 12, 2019
Shanky❤Salty
न्यायालय में गीता की कसमें खिलाई जाती
किन्तु कभी गीता पढ़ाई नहीं जाती
कसमें खाने के बाद भी झूठ बोल सकते हो
परन्तु मेरा विश्वास है निरंतर गीता पढ़ने वाला झूठ नहीं बोल सकता
मैं पुनः कहता हूँ गीता किसी देश, धर्म, जाती, पंथ, समुदाय का नहीं है बल्कि मानव मात्र के लिए है। गीता की कसमें खा सच को पचाना उद्देश्य नहीं है। गीता तो थके, हारे, गिरे हुए को उठाता है बिछड़े को मिलाता है भयभीत को निर्भय, निर्भय को नि:शंक
नि:शंक को निर्द्वन्द्व बनाकर जीवन जीने कि कला सिखाता है।
माँ बच्चों को निःस्वार्थ भाव से प्रेम करती है उसी तरह मातृ रूपेण गीता भी ज्ञान देकर जीवन का सर्वांगीण विकास करती है।
माँ कि गोद में जिस तरह कि शांति मिलती है ठीक उसी तरह कि शांति गीता के ज्ञान में है
विश्वास नहीं होता ना……..तो सिर्फ एक बार पढ़ कर देखो

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous

कुछ तो बात होगी…..!!!!

May 8, 2019
Shanky❤Salty
मेरी ज़िंदगी दुःखों का सागर बन चुका है
तुम आ जाओ ना
खुशियों कि कश्ती ले कर

ये क्या हो गया है इसे😨

फिर से उदासी के सागर में😟

कुछ तो बात होगी😳

Published by “Anonymous” On behalf of Ashish Kumar

There was a girl….!!!!

March 8, 2018
Shanky❤Salty
For himself
Bigger problem were
Standing up & standing
There was a girl,
Girl was a daughter, daughter was a sister, sister was a girlfriend.
Mother was a wife, wife was a daughter-in-law.
And do not even know what as.
But she was not just she
By making the folds of cloths like that
She shut himself down
Inside the door
Like cleaning the house
She’ll broom my houses
Like a cooker sheet
Answer my silence
Like stolen money that
Mocking she
That the whole house of mine is mine
But her own privacy closed in an angle
Not seen anywhere on the ground
When-when she tired
Find herself…..she found………she have been
Bad daughter, bad sister, bad girlfriend.
Bad wife, bad mother, bad daughter-in-law.
Do not know even know what
What are all doors closed
Who is stoping her
Inwardly
Is her privacy so expensive
That she can not buy
Own freedom
By herself

एैसा क्यों…….!!!!

April 19, 2019
Shanky❤Salty
ये दुनिया भी बड़ी अजीब है
रोते हुए के आँसू नहीं पोछती है
बल्कि उत्सुकता से पूछती है
क्या हुआ
और अगर ना बतलाओ तो
थोड़े और आँसू दे जाती है

Written by:- Ashish Kumar
Published by:- Anonymous

हे राम जी…..!!!!!

April 12, 2019
Shanky❤Salty
सुनो ना राम जी,
मुझे एक प्यारी सी बात आपसे है कहनी
ज्यादा वक्त लेंगे ना हम ,जरा सी बात है बतलानी
वैसे तो आप सब कुछ जानते हो
अपनी हि जन्म भूमि पर टेन्ट में जो रहते हो
चुनावों का मौसम है आया
सत्ता का लालच है भाया
क्या कहूँ मैं आपसे हम भी तड़पे है कितना
आपके बिन तड़पे थे भरत जी जितना
कैसे बताए हम, 14 वर्षों तक बिछड़े भरत जी
कैसे बताए, हम 134 वर्षों से तड़पे राम जी
एक दिल था, बिन मोल वो तुमको दिया
बस कर दिल में, कर अनमोल तुमने दिया
क्या बतलाऊँ, क्या जताऊँ, क्या समझाऊँ
कैसे पढ़ू, कैसे लिखुं, कैसे गाऊँ
विरह के गीत मैं
पास होकर भी दूर लगते हो
सुनते तो आप हो, कहते कुछ क्यों नहीं
मंदिर वही बनाएँगे
मंदिर हम ही बनाएँगे
पर तारीख नहीं बतलाएँगे
गर तारीख बतलाएँगे
तो सियासत कि रोटी किस पे सकेंगे
अटल, अशोक जैसे हजारों राम भक्त आए
आँखों में भव्य मंदिर राम का सपना लिए
आँखें बंद कर राम नाम सत्य है की गुंज के साथ चल दिये
छप्पन इंच का सीना भी सत्ता में सिमट गया
पप्पू भी राम भक्त कहलाने कि होड़ में दौड़ गया
कसम हम राम की खाते हैं
भव्य राम मंदिर हम क्यों नहीं बनाते हैं
मीठी निगाहों से देखेंगे आँखें बंद करने से पहले
दिल में बसाएगें आपको धड़कन रूकने से पहले
रामायण में सिखया आपने खुद से दूर ना रहना
फिर क्यों चल दिये छोड़ मुझको यहां कोई ना अपना
राम जी बोलो ना कुछ धैर्य टूटता है अपना
भव्य राम मंदिर के सिवा कुछ नहीं है सपना

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous

मेरी अंतिम यात्रा……!!!!

April 4, 2019
Shanky❤Salty
मैं लेटा हुआ था
बर्फ के बिस्तर पर
जैसे जैसे बर्फ पिघल रहा था
अपने के आँखों से आँसू निकल रहा था
मिलने को हर कोई बेताब था
या राम नाम के नारे लगाने को बेताब था
हर कोई भरी आँखों से
मेरी अच्छाई गिन रहे थे
पर ये सब से बेफिक्र
मैं निश्चिंत हो लेटा था
मैं अक्सर दूसरों को सहारा देनें कि चाह रखता था
पर आज खुद चार कंधों के सहारे लेटा था
मेरी आँखें बंद रहेंगी
पर हर एक को मैं देखूंगा
जो आग मेरे सिने में जल रही थी
वह आग पूरे शरीर में लगने वाली थी
व्यर्थ कि चिंता में मैं हड्डी हो गया था
वह हड्डी भी चिता पर लेट राख बनने वाला था
मेरी अस्थीयों को तुम अपने आँसुओं से गीली कर गंगा में विस्रजीत कर देना। जीते जी पुण्य तो ना अर्जित ना कर सका। तुम मेरी मृत्यु के बाद अपना फर्ज पुरा कर देना।
मेरी प्रियतम भी किसी कोने में खड़े हो अपने आँसू
पोछ मुझसे लिपटने कि इच्छा मन में ला रही होगी
पर अब जिस्म से लिपट कर क्या करोगी……..रूह तो निकल गईं……..अब पल भर में जिस्म भी राख बन जाएगी…….और
मेरी अंतिम यात्रा कि कहानी राम नाम के साथ थम जाएगी।
चलोगें ना तुम सब मेरी अंतिम यात्रा में
एक अद्भुत लेखिका ज़िद्दी निधि जिसे हम जब तक समझेंगे, तब तक ये दुनिया से अलविदा कह चुकी होंगी। मेरे लेख में सुझाव देने के लिए आपका ह्रदय से धन्यवाद🙏
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Meet Me When……!!!!!

March 26, 2019
Shanky❤Salty
Meet me when You ready to give me a Milky bar
Meet me when My dream looks broken
Meet me when I start recollecting my happiness
Meet me when I’m unable to recognize myself
Meet me when You understand my pain
Meet me when I don’t have any tears in my eyes
Meet me when I can’t speak a single word
Meet me when I can’t listen a single voice
Meet me when My heart is stop working
Meet me when I’m free from all responsibilities
Meet me when Everyone ready to give me a shoulder
Meet me when I stop writing
Simply
Meet me when My body & soul will separate
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Holiii……!!!!!!

March 21, 2019
Shanky❤Salty

This festival of Holi is to humorous humor and awaken the hidden joy-nature.
Holi means
Hooo…….Liii……
Passed away so much.
Do not hate him, do not think much of him.
It’s past, not the past.
Do not fear the future, do not be trapped in the present.
Do not attachment, do not attach yourself.
Make your heart feel free to pray. Do not you dare!
Get up and walk, towards self-realization.
Go to color in their color, then Holi of yours will make you great and immortal.
Forget what has gone, forgive every one, and Rock your life…

Wash out every worry, tensions and burden with the beautiful colours of Mother Nature!

Play Holi as much you want, Celebrate life as much you want & Be happy as much you can!

Just BE CAREFUL THAT IT SHOULDN’T HURT ANYONE & HARM YOURSELF in any ways!

Say No to chemicals & synthetic colours, go green, go eco friendly!

Happy Holi, guys!

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याद आऊँगा…….!!!!!

March 16, 2019
Shanky❤Salty
सुनो ना……!!!!!!
गुस्सा मत होना कभी
मेरी बातो और मेरी हरकतों से दोस्तों
क्योंकि
इन्ही हरकतों की वजह से
मैं तुम सबको हमेशा याद आऊँगा
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अकेला हूँ……..!!!!!

March 13, 2019
Shanky❤Salty

अकेला हूँ तनहा हूँ

रोता हूँ, लिखता हूँ

सच कहता हूँ मैं

खुद की महफिल सजाता हूँ

खुद में ही जीता हूँ

सुबह जल्दी ना उठो तो पापा हैं चिलाते

तीन रोटी ना खा पाओ तो माँ है मारती

पढ़ाई ना करो तो दीदी हैं डाँटती

दोस्तों से मिल ना पाओ तो दोस्त हैं टुटे

मेरी हरकतो से सारे रिश्ते हैं छुटे

सच कहूं तो हम खुद से रुठे

लाखों की भीड़ में खुद को मैं खोजता हूँ

सब के साथ होकर भी सब से दुर मैं होता हूँ

यादों के सहारे जीने कि कोशिश मैं करता हूँ

जिंदा होकर भी लाश मैं बनता हूँ

अकेला होकर मैं चलता हूँ

अधूरा होकर मैं चलता हूँ

आँखें छुपाकर मैं चलता हूँ

आँसू छुपाकर मैं चलता हूँ

भीड़ से दूर होकर मैं अकेला चलता हूँ

अतित को भूलाने की कोशिश करता हूँ

लोगों को समझने की कोशिश करता हूँ

पर

सब अपनी ही सुनाते

सुनता ना कोई मुझे

सब मुझे ही समझाते

समझता ना कोई मुझे

खुद की बातें ही करते

करता ना कोई हमारी बातें

रुठता है हर कोई मुझसे

हम ना रूठते किसीसे

अकेला हूँ

सहारा देने तो न आ पाओगे

कंधा देने तो आ ही जाओगे

बहुत हो गया अब

जाने भी दो न यारों

बेकार की बातों का

दास्तान सुनकर क्या करोगे

खामोशी मेरी युंहीं नही है

बस दर्द ने बे-जुबान कर दिया है

I’ve been able to follow your steps on how to create and write a blog. Thank you Jiddy Nidhii for providing detailed and actionable information.
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My Burning Diary…..!!!!

March 9, 2019
Shanky❤Salty
Dear Someone,
You hurt me and then you say ‘sorry’ But you hurt again. You say ‘you don’t love me’. Then you show some love. After that you ignore me again. You treat me just as a Toy, which you need when you are bored. Then you throw away. Just like a thing that you pick up in need only in need, then you find it useless. My heart pains each time, but you never understand my tachycardic problem. I Still want you to be happy with Me And just want your arms to die in.

JUST WANT YOU TO BE ONLY MINE
Dear, still I love you. But I’m sure you never understand me or my love because you are a child & child always play with a toy and shanky is also a toy.
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