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गाँठ…….!!!!!

Shanky❤Salty

May 10, 2021

Shanky❤Salty

गाँठ
चाहे मन में हो
या तन में हो

हकीकत में वो जीने नहीं देते हैं
वक्त है खोल दो गांठ
और खुल कर जी लो

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डूबना……!!!!

May 8, 2021

कोई नहीं चाहता

डूबना

पर ध्यान से जो निकला
वो डूब गया

और जो डूबा
वो सब कुछ पा गया…!!

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मान-अपमान…….!!!!

May 6, 2021

Shanky❤Salty

दुनिया अच्छी नहीं लगेगी
ग़र पीछा छुड़ा अपमान से
भागोगे
पीछे मान के

तो हक़ीक़त में
दुनिया अच्छी नहीं लगेगी
मिला ग़र मान थोड़ा कम तो
मन में उदासी छा जाएगी

मिला ग़र अपमान थोड़ा भी तो
मन में क्रोध की जवाला भड़क जाएगी
यार कैसे समझाऊँ मैं
ये मान-अपमान जह़र की पुड़िया है

ग़र इतना समझ जाओगे तो
दुनिया अच्छी लगेगी

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ख़्वाब लिखा है……!!!!

YourQuote.in

April 24, 2021

Shanky❤Salty

हर पन्ने पर ख़्वाब लिखा है
ज़ख़्मों की स्याही से हमनें
एक किताब लिखी है

ज़ालिम ये दुनिया, ज़ालिम ये ज़हान है
सुना था हमनें हर ज़गह

कितने रहमदिल हैं ये पता किया नहीं हमनें
कपड़े मैले ज़रूर हैं
पर दाग़ नहीं है इसमें…!!

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राम……!!!!!

कौन हैं राम

April 21, 2021

Shanky❤Salty

पाया उसे जाता है राम
जो कहीं खोया है राम
ढूंढा उसे जाता है राम
जो भुलाया है राम
आप कहाँ से आओगे राम
आसमान से टपकोगे राम
या धरती फाड़ आओगे राम
कहीं से नहीं न राम
क्योंकि आप तो हर ज़गह विद्यमान हो राम
चींटी की पुकार हो राम
या मस्जिद कि अज़ान हो राम
आप सब सुनते हो राम
आप तो उर्जा रूप में राम
हर ज़गह हो राम

मैं मर भी नहीं सकता राम
न मैं जी सकता हूँ राम
बस आप में बस सकता हूँ मैं राम
शिव भी मैं ही हूँ राम
शक्ति भी मुझमें ही राम
भक्ति भी मुझमें ही है राम
रावण भी मुझमें ही है राम
मंदिर मूर्ति मस्जिद अज़ान राम
ये सब तो प्रतीक हैं मात्र हैं राम

परछाईं को कोई वास्तविक समझ ले राम
तो यह ना समझी है राम
फ़ोटो को अगर जीवित समझ ले राम
तो क्या करूँ मैं राम
हर किसी की आस्था का प्रणाम है राम
पर आगे भी तो बढ़ना होगा न राम
कब तक तस्वीरों में अटकेगें हम राम
यह संभव नहीं है राम

कि एक ही वक़्त पर हर कोई राम
मंदिर में आपकी पूजा कर सके राम
मस्जिद में बैठ आपको पुकार सके राम
पर यह तो संभव है राम
कि मन मंदिर में बैठ मानस पूजा कर सके राम
शिव रुप में हम शिव की पूजा करेंगे राम
राम रुप में हम राम रस पियेंगे राम
अल्लाह रुप में हम अल्लाह से मिलेंगे राम
हे चिदानंद रुप राम
क्या चढ़ाऊँ मैं तुमको राम

जो सास्वत है राम
उसे कैसे नश्वर अर्पण करूँ मैं राम
चार दीवार के अंदर बैठता हूँ मैं राम
तो चार दीवार ही दिखती है मुझको राम
बाजार में बैठता हूँ मैं राम
तो बाज़ार ही दिखता है मुझको राम
जब राम रुप में बैठता हूँ मैं राम
तो सब राम राम राम ही दिखता है मुझको राम
हद में तुझको ध्याया है राम
तो मानव ही रह गया हूँ मैं राम

बेहद जब तुझको ध्याया है राम
तो तेरा दूत बन कर ही रह गया हूँ मैं राम
अनहद हो कर जब तुझको ध्याया है राम
तो राम रूप में ही ख़ुद को पाया हूँ मैं राम
सब अपने हैं राम
सबके अपने हैं राम
देने में तो आप कंजूसी नहीं करते हो राम
फ़िर हम क्यूँ आपको जपने में कंजूसी कर देते हैं राम
मन नहीं लगता है आपमें हमारा राम
आपको हम ख़ुद से अलग समझते हैं राम

हे राम
अब इच्छा नहीं होती है राम
कि आपको मैं मानव रूप में पूजा करूँ राम
आपको तो आप रूप में ही हो कर पूजना है राम
अब आपको दूध, दही, जल नहीं चढ़ना है राम
आपको तो मन और बुद्धि चढ़ाना है राम
आपको पुष्प और विल्वपत्र क्या चढ़ाऊँ मैं राम
आपको तो सत्व, रज और तम चढ़ाना है राम

आपको क्या भोग लगाऊँ मैं राम
आपको तो प्यार से गले लगाना है राम
क्या दीपक जलाऊँ मैं राम
अब तो आँखों में वो उजाला लाना है राम
जिससे सब कुछ और सबमें राम ही राम दिखे राम
अब क्या कहूँ मैं राम
अब मुझे इससे अधिक कुछ भी नहीं आता है राम
अब मुझे आपको भजना भी नहीं है राम
ना मुख से जपना है राम
ना हाथों से जपना है राम
अब आप हमें भजो न राम
अब हम पायेंगे आपमें ही विश्रा-राम

राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम

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ओ राम…….!!!!!

April 18, 2021

Shanky❤Salty

मुस्कुराने की कला सिखाते है राम
ग़म का ज़हर पीना सिखाते है राम
भूत और भविष्य कि गोद त्यागना सिखाते है राम
वर्तमान में बैठना सिखाते हैं राम
काया-माया छोड़ना सिखाते हैं राम

राम होकर राम में जीना सिखाते हैं राम
स्वाद ज़िन्दगी का चखना सिखाते हैं राम

सुनो ना राम
लिखूँ मैं कैसे तुझपे राम
समझते क्यूँ नहीं हो तुम राम
कैसे लिख दूँ मैं तुझपे राम

तुझ तक मेरी बुद्धि नहीं पहुँच पाएगी राम
वहां तक शब्द मैं कैसे पहुँचाऊ राम
तुम तो अबाधित हो मेरे राम
शब्दों से कैसे बाँधू मैं तुझको राम

ध्यान में लीन हैं मेरे राम
भूखा नहीं है प्यासा नहीं है मेरा राम
तृप्त है मेरा राम
क्या अर्पण करूँ मैं तुझको राम

कोई धाम नहीं है बिना तेरे मेरे राम
हर एक के अंतःकरण में बसता है मेरा राम
सौगंध तेरी खाता हूँ मैं राम
भर भर प्याला पीता हूँ नाम तेरा मेरे मैं राम

सच कहता हूँ ज़िन्दगी सुधरता है मेरा ओ प्यारे राम
पता नहीं ओ मेरे प्यारे राम
क्यों आँखों से पानी छलकता है राम
जब जब जिक़्र होता तेरा है राम
पावन सा तेरा है नाम राम

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कुछ तो बात है……!!!!

April 15, 2021
Shanky❤Salty

कुछ तो बात है
श्मशानों में इतनी भीड़ क्यों है?
जंगल की लकड़ियाँ क्यों कम पड़ रहीं हैं?

कुछ तो बात है
प्रकृति का ऐसा ही वास्तविक रूप है?
या फिर यह हमारे कर्मों का फलस्वरूप है?

कुछ तो बात है
कहीं पर चुनाव जीतने की होड़ है
तो कहीं पर ज़िंदगी हार रही है

कुछ तो बात है
एक वक्त था जब मन में फासलें थे
अब तो हकीकत में भी फासलें हो गयें हैं

कुछ तो बात है
धन हमनें लाखों – करोड़ों में कमाया
पर हमनें मन से छल – क्रोध को छोड़ नहीं पाया

कुछ तो बात है
खाने को दो रोटी नहीं है
पर अल्लाह के लिए बकरी तैयार रखें हैं

कुछ तो बात है
कुंभ के गंगा में भीड़ तो है
पर ज्ञान की गंगा खाली ही है

कुछ तो बात है
कितनी भयावह परिस्थिति है
कि चार जन भी नहीं मिल रहें
अपने को कंधा देने की खातिर

कुछ तो बात है
जंगल की लकड़ियाँ कम पड़ रहीं हैं
यह रौद्र रूप नहीं है प्रकृति का
है यह केवल चेतावनी
पिछले वर्ष कोरोना करूणा में थी
अबको-रोना ही है
वक्त है संभल जाओ
वरना इससे भी भयावह स्थिति
उतपन्न हो सकती है
खै़र
कुछ तो बात है…….!!!!!!

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Review by Nidhi Gupta……!!!!

April 09, 2021
Shanky❤Salty

इस किताब में हमारे आराध्य रामजी के विषय में विस्तृत रूप से बताया गया है, यह एक कवि और उसके आराध्य के बीच का वार्तालाप है, इसमें कवि का कोमल ह्रदय छलकता है, वह अपने राम जी को हर जगह हर वक़्त पाता है, उसे अपनी मृत्यु की भी चिंता नहीं है क्योंकि वह राम राम करते हुए ही मरना चाहता है, कवि का विश्वास है की राम राम करने से चौरासी योनि का जो चक्र है वह टूट जायेगा और उसे मोक्ष प्राप्त हो जायेगा, कवि ने अपने इस किताब में अपने आराध्य रामजी और खुद को दोस्ताने रिश्ते को भी बतलाया है और एक दास के रिश्ते को भी बताया है। इस किताब को पढ़ने के बाद हमे राम जी के संम्पूर्ण जीवन का ज्ञान हो जाता है, कवि राम मंदिर के कारण हुए राजनीति और दंगा फसाद के कारण बहुत दुखी है, वह राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाले से बहुत नाराज है। कवि अपने मन की हर एक बात जो वह अपने राम जी से कहना चाहता है उसने अपने इस किताब में खुल कर लिखा है, आप इसे एक संवाद के रूप में जब पढेगें तब आपको यह समझ में आ जायेगा की कवि कितना मासूम है, वह अपनी हर एक बात अपने आराध्य रामजी से कैसे कहता है। कुछ पंक्तियाँ कवि ने कुछ इस तरह से लिखीं हैं जो बहुत ही गहरी हैं। आप सभी को यह किताब अवश्य पढ़ना चाहिए ताकि आपको रामजी के विषय में और भी जानकारी हो।

Book review by Ziddy Nidhi
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Book Review……!!!!!

April 04, 2021
Shanky❤Salty
Harina Pandya has given review of my book “सच या साजिश
👇
I will recommend this book to know about our culture and civilisation..it is not just about one or two concepts..it covers each and every aspect about our saints, religion, society in today’s era, history, lifestyle and much more..book provides detail information about our sanskriti amazingly.
To read my book click here
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कौन हैं राम…….!!!!

March 26, 2021
Shanky❤Salty
मैंने एक किताब लिखी है जिसे आप देख महसूस करेंगे की यह किसी विशेष धर्म, संप्रदाय, जाति, मज़हब के लिए है लेकिन ये सत्य नहीं है, यह किताब पूरी मानव जाति के लिए है। इस किताब में राम शब्द का प्रयोग एक उर्जा के तौर पर किया गया है जो हर ज़गह विद्यमान हैं। वह उर्जा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह में भी है और शिवजी में भी है,
जिसे आजकल की साईंस ने भी माना है
“गौड पार्टीकल” के रूप में।
मेरा किताब लिखने का एक ही मकसद है की जाति, मजहब, धर्म, रंग, भेद,…आदि को ख़त्म कर उस एक पर ध्यान देना।
दिखते तो यहाँ पर सब अलग अलग हैं पर हैं तो सब एक ही ना।
फ़िर यह ईर्ष्या राघ द्वेष क्यों और किससे..!!!
राजा हो या रंक असली औकात तो श्मशान में दिख ही जाती है
फ़िर जीते जी यह बाहरी दिखावा क्यों।
कुछ वास्तविकता को मैंने लिखा है जिसे लोग जान कर भी अनजान बनें हैं।
जिस्म और रूह की सत्यता को मैंने स्पष्ट रूप से लिखा है।
राम होकर राम को भजना है।
इस किताब का उद्देश्य अपने भीतर छुपी आत्मचेतना को जगाना है।
किसी भी चीज़ का नशा एक-न-एक दिन उतरना ही उतरना है।
रात को पियो तो सुबह
सुबह को पियो तो रात
उतर ही जाता है।
राम नाम का प्याला पी कर के तो देखो।
राम नाम का नशा कर के तो देखो वचन है मेरा आपको इससे सारी ज़िन्दगी सुधर जाती है
राम जी ही तो सरस्वती जी के रूप में मेरी जिह्वा पर विराजमान हैं
और मेरी कलम को एक नई सोच देते हैं।
मैं उन्ही राम जी के अंश राधा अग्रवाल जी और निधि गुप्ता “जिद्दी” जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूँ जिन्होंने मेरे लिखे इस लेख को जो राम जी को समर्पित है
को सही किया है इसे सुंदर बनाया है।
हरिणा पंडया जी और निधि गुप्ता “जिद्दी” ने इस किताब को लिखने में मुझे सहयोग दिया है।
राधा अग्रवाल जी ने मेरी इस किताब का शुद्धिकरण किया है।
सचिन गुरुरानी ने मेरी किताब के लिये डिजाइन तैयार किया है।
मैं इन सभी को तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ।

मेरी किताब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
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वो खड़ी थी…….!!!!

March 19, 2021
Shanky❤Salty
मृत्यु दरवाजे पर आ खड़ी थी राम
पूछा उसने मुझसे राम
क्या किया तुने जीवन में राम
हैरान परेशान हो गया मैं राम
सोने में रात बिता दी थी मैंने राम
खाने में दिन भी गुजार दिया था राम
तेरे नाम का हिसाब दे नहीं पाया मैं राम
फ़िर क्या राम
खोल मुट्ठी मेरी उसने दी राम
चौरासी के चक्कर में उसने धकेल मुझको दिया राम
जीवन मेरा मैंने यूँ हीं गवां दिया राम
सोने का कटोरा रख कर मैंने राम
भीख ही माँगी राम
घाट श्मशान का हो राम
या मणिकर्णिका घाट हो राम
हिसाब तो होगा ही राम
चिड़िया भले ही चुग खेत क्यों ना गई राम
नुकसान तो मेरा ही होगा राम
निंदा करता रहा मैं राम
मुझसे बड़ा निंदक मिला नहीं मुझको राम…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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Truth Or Conspiracy……!!!!

February 24, 2021
Shanky ❤Salty

My fifth book has been published on February 16, 2021. I have written some of my experiences in this book. And some such untold story by our Indian media or paid media or fabricated media. This book is written for the mature reader. Its purpose is not to hurt anyone’s feelings. Neither is it in favor or opposition to any person, society, gender, creed, nation or religion. These are my own views.

In this book you read about:-

  • Some Cultures Of The World
  • Culture Of India
  • Indian Saint

  • What Is The Purpose Of The Saint?
  • Gautam Buddha
  • False Accusations On Gautam Buddha
  • Jayendra Saraswati Shankaracharya
  • False Accusations On Jayendra Saraswati Shankaracharya
  • Asaram Bapu
  • Parliament Of World Religion
  • Scientific Conclusion Of Asaram Bapu Aura
  • Women Empowerment
  • Divine Baby Rites
  • Stop Abortion Campaign
  • Cesarean Delivery
  • Spiritual Awakening Campaign
  • Prisoner Uplift Program
  • Vrinda Expedition
  • Tribal Welfare
  • Gurukul
  • Valentine’s Day
  • Protection Of Cows From Slaughterhouses
  • The Main Reason Why Asaram Was Targeted
  • False Accusations On Revered Bapuji
  • What Are People Saying
  • Attack On Hinduism

I offer my gratitude to God. Those who inspired my writing. I thank you to my mother Pramila Sharan. Without her blessings, the existence of this book was difficult. I’m grateful to the writers, readers & critic bloggers who helped to make my writing the best. I would also like to thank you to Radha Agarwal, who helped me and did a proof reader. I thank to Rekha Rani ma’am for helping me in this book. Who raised the respect of my creation with their thoughts. Also, my heartfelt thanks to those who helped to write this book.
Hope that by reading this book, you will try to understand and appreciate my point of view. And give your feedback.
My book is available on Amazon & Notionpress

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सिखा दो न…..!!!!

February 21, 2021
Shanky❤Salty
ग़म के आँसू भी तो हला-हल कि तरह है ना शिव जी
आप हमें भी पीना सिखा दो न शिव जी
हर परिस्थिति में हमें भी मुस्कुराना सिखा दो न शिव जी…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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अयोध्या वासियों से अनुरोध…….!!!!

February 10, 2021
Shanky ❤Salty
बड़ा व्याकुल है मन हमारा
कभी सम्मान ना मिला
हमारी माँ सीता जो को
आपकी अयोध्या जी में
ब्याह कर के आईं थीं हमारे राम जी से
षड्यंत्रों का शिकार हो वनवास को गई हमारी माँ
अग्नि परीक्षा तक देना पड़ा हमारी माँ को
फ़िर भी चैन ना मिला आपके अयोध्या वासियों को
क्या से क्या कह गए हमारे राम जी को
त्याग सीता को प्रजा का सम्मान रखा राजा रामचंद्र जी ने
है विनती मेरी आपके मोदी जी से
बनवावें रामलला का भव्य मंदिर
पर वो सम्मान लौटावे जो प्रेम किया था हमारे राम जी ने हमारी माँ सीता जी से…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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मेला है या खेला है……!!!!

January 18, 2020
Shanky❤Salty
सबको नंगा आना है
पावन गंगा के तट पर ही जाना है
वो चले गए हैं
मुझे जाना बाकी है
कुछ को अभी आना बाकी है
सच कहूँ तो
दो दिन का मेला है
ज़िंदगी का यही खेला है
बाँध मुठ्ठी आना है
कमा-कमा कर झोली भरना है
खोल मुठ्ठी तो सबको जाना है
जो कुछ भी खोया या पाया है
सब कुछ ही तो कर्मों का खेला है
सबको तू अपना मान बैठा है
पर चिता पर लेटना अकेला है
यारा कहा था ना
दो दिन का मेला है
ज़िंदगी का यही खेला है…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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हाथों में पतंग लेकर…….!!!!

January 14, 2021
Shanky❤Salty
खुशियाँ किसी चीज या वस्तु की मोहताज़ नहीं होती
खुशियों को तो बस बहाना चाहिए
हाथों में पतंग लेकर
आसमान को छूना है
हर ख़्वाब को एक दिन पूरा करना है
ज़िन्दगी कि डोर में प्यार का माँझा हम चढ़ाएँगे
ईर्ष्या की पतंग को काट हम गिराएगें
तिल गुड़ खा कर हर रिश्ते से कड़वाहट हम मिटाएंगे…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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सीख लो……!!!!

January 04, 2021
Shanky❤Salty
ज़िन्दगी जीने की कला सीख लो
मुस्कुरा कर ग़म का ज़हर पीना सीख लो
भूत और भविष्य कि गोद छोड़ वर्तमान में बैठना सीख लो
ज़िस्म को छोड़ रूह में जीना सीख लो
हर हाल में तुम ज़िन्दगी का स्वाद चखना सीख लो…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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ख़ुद ही खुदा…….!!!!

December 02, 2020
Shanky❤Salty
ख़ुदा का काम करते फिरते हो
लगता है इसलिए
दूसरों के कर्मों का
तुम हिसाब लिखते फिरते हो
जरा मेहरबान होकर के
ख़ुद के कर्मों का
भी ग़र तुम हिसाब कर लेते
तो तुम ख़ुद ही खुदा के रूप में पूजे जाते…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
Published by Anonymous
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अर्थहीन सी दुनिया…..!!!!

November 26, 2020
Shanky❤Salty
अर्थहीन दुनिया लगती है
ज़िन्दगी भी अब मुझको व्यर्थ सी लगती है
ख़ुद का अस्तित्व ढूंढनें में मुझको असमर्थता सी महसूस होती है
मेरी हर कोशिश ना जाने क्यों व्यर्थ सी होती है
हर पल लोग खफ़ा हो जाते हैं
हर ज़गह हम असफल हो जाते हैं
आँखे बंद करते हीं आँखों से आँसू बह जाते हैं
एक-दूजे से इंसान जलता ही जाता है
मुट्ठी में रेत की तरह समय बीतता जाता है
व्यर्थ की चिंता कर मनुष्य एक दिन अर्थी पर लेट ही जाता है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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चंद सवाल…..!!!!!

October 5, 2020
Shanky❤Salty
हज़ारों सवाल मन में लिए
क़तरा-क़तरा ज़िन्दगी को जी रहा हूँ
उन्हीं सवालों में से एक सवाल मैं आपसे पूछ रहा हूँ
ना जाने क्यों हम
किसी की चंद गलतियों की वज़ह से
उनकी सारी अच्छाईयाँ भूल कर
सदा के लिए उनसे मुँह मोड़ लेते हैं
और इंसान कि यह फ़ितरत है कह कर
अपनी नाक़ामी छुपाने का बंदोबस्त कर देते हैं…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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क्या जतलाना चाहते हो……!!!!

August 3, 2020
Shanky❤Salty
जब तुम खुद से नफरत नहीं कर सकते,
खुद पर गुस्सा नहीं कर सकते,
फिर तुम दूसरों से कैसे गुस्सा कर लेते हो?
कैसे उनसे नफ़रत कर लेते हो?
भूल क्यों जाते हो
तुम हर पल की
जिसने उसे बनाया उसी ने तुम्हें भी बनाया
नफरत कर उनसे तुम,
कहीं यह तो नहीं जतलाना चाहते
की खुदा के बनाये हुए पर
तुम ऊँगली उठाना चाहते हो

Written by:- Ashish Kumar
My words are incomplete without support of Ziddy Nidhi
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बताओ न मुझको…..!!!!

July 19, 2020
Shanky❤Salty
शीशे में ख़ुद को
निहारते हो
माना की बहुत ही बेहतरीन दिखते हो
पर क्यूँ ज़माने के सामने
मुखौटा लगाए फिरते हो…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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मेरे ह्रदयेश्वर…..!!!!

July 8, 2020
Shanky❤Salty
सुनो ना नाथ जी
कहते हैं मुझको ये लोग
लिखुं मैं तुझपे
समझते क्युं नहीं है मुझको ये लोग
कैसे लिख दूं मैं उनपे
जिन तक बुद्धि नहीं पहुँच सकती
वहां तक मैं शब्द कैसे पहुँचाऊं
जो अबाधित है हर चीज से
उन्हें मैं शब्दों से कैसे बाँध सकता हूँ
जो ध्यान में लीन हैं
उन्हें मैं कैसे ज्ञान में ला सकता हूँ
जिन्हें न भूख है न प्यास है
उन्हें मैं कैसे कुछ भी अर्पण कर सकता हूँ
जिनका न कोई नाम है न कोई धाम है
उन्हें मैं कैसे जान सकता हूँ
देखा है मैंने
भाँग पीने से
नशा चढ़ता है
ठीक उसी प्रकार
तेरा नाम मेरे अंतः में बसता है
पर तेरी सौगंध खा कहता हूँ मैं
भोले बाबा के नाम से ही सारी ज़िंदगी सुधरता है
पता नहीं मेरे ह्रदयेश्वर
तुने मुझको क्या पिलाया है
तेरे नाम के जिक्र से ही
मेरी आँखों से पानी छलकता है
है पावन ये सावन मेरे प्रभु
कहते है लोग मुझको ना जाने क्यों
सुनों जाओ बाबा के मंदिर तुम
पर कैसे बतलाऊं मैं उनको यह
कि तुम मन कि चौखट पर आ बैठते हो
होती है तकलीफ जमाने को
चढता है जब तुझपे दूध तो
कर मन मंदिर में अभिषेक तुम्हारा
हम धारा अश्रुओं से
हो जाते हैं पल-दो-पल के लिए मौन,
ओ मेरे देवा
सुनो ना,
हाँ हाँ महादेवा
अब खुश हो न
जरा बतलाओ ना उनको
ना तो जन्म उसका ना ही मरण है उसका
फिर यह आशीष शरणागत है उसका

A topic suggested by
Priyanshi Dubey, Golden Moon
And a few more.
Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Dr. Sakshi Pal
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समझा दो न मुझको…..!!!!

June 4, 2020
Shanky❤Salty
हमें गिरना तो पसंद नहीं है
पर दूसरों को गिरा कर
खुद उठने में मजा बहुत आता है
पर एक बात समझ नहीं आती मुझे कि
फिर हमें गर्व किस बात पर होता है?

Published by Anonymous on behalf of Shanky_Salty
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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Bible…..!!!!!

May 2, 2020
Shanky❤Salty
Jesus said to them, “Very truly I tell you, unless you eat the flesh of the Son of Man and drink his blood, you have no life in you.
I’m reading bible from this source Bible Hub
Is it true that we don’t have life if we are not eating the flesh of the son of man and drink his blood?
Is this humanity ?
Kindly clear my doubts about this phrase in the comments below.
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बिन कुछ कहे….!!!!

March 14, 2020
Shanky❤Salty
बिन कुछ कहे यूँ तुम्हारा चले जाना
मुझे परेशान करने जैसा है
भरी महफिल में तुम्हारे नाम का जिक्र हो जाना
भरी आँखों से आँसू छुपाने जैसा है
सच कहूँ मैं अब तो मुझे श्मशान में राख हो जाना है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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अपनी कुटिया…..!!!!

March 11, 2020
Shanky❤Salty
दूर एकांत में कहीं
चलो चलते हैं
अपनी कुटिया ,अपनी दुनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया
चलो ना चलते हैं
दूर एकांत में कहीं
सहारे सारे छूट गए
अपने सारे रूठ गए
कौन रहा है कौन रहेगा
अपनी तो अब फटी बिछनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया
वही तपती धूप में तुम
कांपते हाथो से पंखा झल देना
जो जाड़े की सर्द रातें हो
तो अटकती सांसो की गर्मी दे देना
वो यौवन का प्रेम अब
चला है होने को अमर
तुम संग मेरे यही अपनी
देह त्याग देना
चलो ना चलते हैं
अपनी कुटिया,अपनी दुनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया
वो महक तेरे केसुओ की
झंकार तेरी पायल की
मैं खोता चला जाता हूं
डूबता चला जाता हूं
जब भी तुझको देखता हूं
तुझ सी खूबसूरत तेरी आभा की झुर्रियां
खन खन करती तेरी चूड़ियां
मैं प्राण त्याग दूंगा तुझमें
तुम मुझमें सम्मिलित हो लेना
जब सांसे अटकती हुई जा रही हो
तुम हाथ दिल पर रख देना
चलो ना चलते हैं
दूर एकांत में कहीं
अपनी कुटिया ,अपनी दुनिया
बुढ़ापे की हमारी छोटी सी दुनिया

This is an Imagination Challenge post given by Sohanpreet Kaur
And thank you soooo much Dr. Sakshi Pal for kind support.
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इश्क था आखिर……!!!!

February 23, 2020
Shanky❤Salty
रात की खामोशी में,
उस घोर अंधेरे में,
हल्की सी चांदनी के बीच,
उसकी आंखें सच कहती रहीं,
और मैं उसके
लबों का झूंठ,
सुनता रहा,
इश्क था आखिर,
आंखो में उतर ही आया।

ना अल्फ़ाज़ मेरे हैं,ना ही जज्बात, बस अल्फाजों की कद्र है, इसलिए नाम मेरा है, और जो मेरा है वो हीं तेरा है
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जी लेते है……!!!!!

February 19, 2020
Shanky❤Salty
दिल लगा के जी लेते हैं
चलो न साथ में चलते हैं
हर ख्वाब को सच बना लेते हैं
हर ऊँचाईयों को छू लेते हैं
मुस्कुरा कर हर गम का जहर हम पी लेते हैं
सुनो चलो ना
हम दिल लगाकर जी लेते हैं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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गुलाब…..!!!!

February 7, 2020
Shanky❤Salty
छुट गए मेरे हाथों से गुलाब
जब ज़हन में ख्याल
पहले प्यार का आया
उनको भूल मैं कैसे गया
जिन्होंने मेरी ज़िंदगी
अपने संस्कारों से
गुलाब की तरह है महकाया

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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एक काँच का गुलदस्ता…..!!!!

February 5, 2019

Shanky❤Salty

एक काँच का गुलदस्ता था
बड़ा ही मजबूत सा था
देख हर कोई उसकी तारीफ करता था
उस गुलदस्ते में कुछ फूल थे भरे
बहुत ही प्यारे प्यारे से
परन्तु एक दिन कुछ ऐसा हुआ वह काँच का गुलदस्ता गिर पड़ा नीचे
परन्तु कैसे गिरा???
किसने गिराया????
कब गिराया????
क्यों गिराया????
खबर ही नहीं हुआ किसी को
वो काँच का गुलदस्ता टूट चुका था
बिखर चुके थे उसके सारे फूल
मैं परेशान सा हो गया
मैं बेचैन सा हो गया
मैं उन टुकड़ों को समेटने की कोशिश करता रहा
किन्तु वह और बिखर जाते थे
मैं रोने सा लगा था
महादेव को याद करने लगा था
हिम्मत दिया था भोलेनाथ जी ने मुझे
मैं फिर से कोशिश करने लगा
जैसे-जैसे मैं उन काँच के टुकड़ों को समेटता
आँखों से आँसू बहने लगते
पर इन सब की परवाह किये बगैर
मैं उन टुकड़ों को समेटता था
वक्त लगा पर लगभग समेट ही लिया था
फिर बैठा मैं उन सब को जोड़ने की खातिर
मेरे हाथों में जख्म हो चुके थे
रक्त बहने लगे थे
जैसे ही मैंने आखिरी टुकड़े को उठाया था
पता नहीं कैसे वो काँच का गुलदस्ता फिर टूट गया
और बहुत दुर तक बिखर गया
मैं रोता रहा चिल्लाता रहा
पर कोई न आया
लगता था मेरी ज़िंदगी टूट गई है
सब कुछ छुट गया है
मैं खुद से रुठ गया हूँ
मैं दोस्तों के पास भी गया
पर कुछ न हुआ
मैं दारू वाले के पास भी गया
पर कुछ न हुआ
मैं नाथ जी के सामने रोता रहा
फिर भी कुछ न हुआ
धड़कने तेज होती गई
पर उपाय कुछ न सुझा
कैसे जोडू उन बिखरे टुकड़ों को
समझ न आया
एक रात एक नास्तिक आए
मुझको चुप कराया
उम्मीद का किरण दिखाया
महादेव पर विश्वास दिलाया
सब कुछ छोड़
निश्चिंत हो जाने का पाठ पढ़ाया
फिर मुझको प्यार से सुलाया
सुबह कि किरण के साथ
बिन बाँसुरी कृष्ण आए है
मेरे आँखों में फिर से आँसू आए है
ये क्या
बिन बाँसुरी कृष्ण ने ये कैसी धुन है बजाई
मेरे काँच के गुलदस्ते को पल भर में जोड़ है दिखाई
उसमें फिर से फुल है सजाई
मैं क्या कहूं
नाथ जी कि लीला देख मेरे आँखों में फिर से आँसू है आईं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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स्वार्थ…..!!!!!

January 28, 2019
Shanky❤Salty
हैरान हो जाता हूँ
थोड़ा परेशान हो जाता हूँ
फिर समझ में आता है
जहाँ स्वार्थ की खेती होती है
वहाँ खुदा के रहमत की बरसात नहीं हो पाती है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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म़जाक या फिर रिश्ते….!!!!

January 24, 2020
Shanky❤Salty
कहीं भी घर बना लो
कहीं भी रिश्ते बना लो
या यूँ कहूँ तो
ज़िन्दगी का तुम मज़ाक बना लो
मालूम है न तुम्हें
सारे रिश्ते हैं झूठे
साँस रुकते ही टूटे
फिर-भी हम कभी-भी कही-भी किसी से भी
रिश्ते बना लेते हैं….मन मंदिर में घर बना लेते हैं
बेटा-बाप का नहीं हो पाता है
बेटी-माँ की नहीं हो पाती है
शिष्य-गुरू का नहीं हो पाता है
दोस्त आस्तीन का साँप बन कर रह जाता है
क्या कहूं मैं ???
बाप, बेटे में कैसी ये दूरी है
माँ, बेटी में कैसी ये मजबूरी है
राह चलते हम रिश्ते बना लेते हैं
पर खून के रिश्ते हम क्यों नहीं निभा पाते हैं
क्यूँ हम
अक़्सर एहसासों के रिश्तों को ही सच्चा मान लेते हैं…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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अनकही बातें…..!!!

January 18, 2019
Shanky❤Salty

अपनी नाकामी छुपाते हो
हर बात को किस्मत का नाम देते हो
सच कहूँ तो
ये किस्मत-विस्मत कुछ नहीं होता
सब तुम्हारे कर्मों का ही नतीजा है
और रही बात किस्मत की तो
वो किसी चोर, डाकू या भूत ने नहीं लिखी है
बल्क़ि मेरे ईश्वर मेरे अल्लाह नें लिखी है…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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अरी ओ लाडो…..!!!!!

January 7, 2020
Shanky❤Salty
अरी ओ लाडो
सुन ना
जल्दी से तैयार हो जा ना
लड़के वाले तुझे देखने आने वाले हैं
दिल से कहूँ तो लाडो
लड़के वाले तुम्हारी बोली लगाने आने वाले हैं
बिकते देखा है बज़ारों में समानों को
आज देखूंगा एक बाप की अमानत को
ज़िन्दगी भर की मेहनत से संजोयी पूंजी लड़की का बाप
सर झुका कर लड़के के बाप के सामने
दहेज के थाल में परोसेगा
चंद दिनों बाद वो अग्नि के फेरे लगायेगी
चंद महीनों बाद वो अग्नि में ख़ुद को जलायेगी
सुना है ना
चिड़िया होती है लडकियाँ
मगर पंख नहीं होते लडकियों के
मायके भी होते है ससूराल भी होते है
मगर घर नहीं होते लड़कियों के
मायका कहता है, ये बेटियाँ तो पराई है ससुराल कहता है, ये पराये घर से आई है
ये ख़ुदा अब तू ही बता
आखिर ये बेटियाँ किस घर के लिये बनाई
सच कहूँ तो धन के लालच ने उन्हें पराया बनाया है
क्योंकि बेटियों से बड़ा धन कुछ भी नहीं होता है
हजारों भिखारी देखे होंगे
पर दहेज माँगता भिखारी देखा है कभी….????

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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इतना तो तय है……!!!!

December 22, 2019
Shanky❤Salty
इतना तो तय है
जब भी मेरी मौत आएगी
अपने के आँखों में आँसू दे कर ही जाएगी
माना की वो कुछ पल के लिए उदास हो जाएंगें
मेरी भोज में आ कर वो जी भर के खाएंगे
मैं कहता था
ना जाने क्यों ज़िंदगी मुझे से रूठी है
पर सच कहुं तो
मैं ही ज़िंदगी से रूठ बैठा हूँ
चंद सपने जो मेरे पूरे ना हो पाये
मैं अपनी ही प्यारी ज़िंदगी से युं ही हठ कर बैठा हूँ
खुद के सपने मैं पूरे करने
ना मैं आया था
खुशी के आँसू मैं बाँटने
ना मैं आया था
पर क्या मैं करूँ
एक ही तो दिल
जो तोड़ उसने दिया था
रोता-रोता मैं उसे जोड़ने अकेला बैठा हूँ

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous
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मैं भुल क्यों नहीं पाता हूँ……!!!!

December 13, 2019
Shanky❤Salty
हजारों रास्तें हैं
इस ज़िंदगी में
पर तेरे संग चला हुआ रास्ता
मैं भुल क्यों नहीं पाता हूँ
न चाह कर भी मैं
निराशा की गोद में क्यों सो जाता हूँ
खिड़की से हर वक्त
उम्मीद कि किरण मुझको है झाकती
मैं उससे आँख मिचौली खेल कर रह जाता हूँ
माना की नींद मुझसे रुठी है
पर क्यों मुझसे ही सारे रिश्ते टूटे हैं
जब से तुम गईं हो
बहुत कुछ कह कर मुझको
हकीकत कहता हूँ मैं तुझको
आये तो कई लोग ज़िंदगी में
दर्द को जानने
क्या पता था मरहम के जगह में
खुरेद चले जाएंगे मेरी ज़िंदगी को
विश्वास कर बैठा था हर किसी पर
क्या पता था घात कर जाएंगे मेरे विश्वास पर
एेसा नहीं है की तुम्हारे जाने से
सब कुछ खत्म हो गया है
बस कुछ खाली सा रह गया है
थक सा गया हूँ मैं इस ज़िंदगी से
बस दिल चाहता है
खोल मुट्ठी लेटने को जी चाहता है
हाथ जोड़ सबको अलविदा मैं कह दूं
इस ज़िंदगी से विदा अब मैं ले लूं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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देश के प्रति…..!!!!!

December 12, 2019
Shanky❤Salty
कर दिया है हमने भी मतदान
देश के प्रति
निभा दिया है हमने भी एक छोटा सा फर्ज अपना
है देखना अब मुझको
देश के प्रति
निभा पाती है आने वाली सरकार फर्ज अपना

Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Written by:- Ashish Kumar
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धुंधली यादें……!!!!

December 11, 2019
Shanky❤Salty
तुझे सोचने का मजा ही कुछ और है
तेरे ना होने की सजा मुझे मिलना अभी और है
तेरी बातें सुन कर सोने का मजा ही कुछ और है
तुझे याद कर रोने की सजा मुझे मिलना अभी और भी है
तेरी झूठी आस रखने का मजा ही कुछ और है
तुझे चाहने की सजा मुझे मिलना अभी और है
तेरी वफा का मजा ही कुछ और है
मेरा जिन्दा रह कर मरना अभी बाकी है
सच कहुं तो
मेरी बेवफाई की सजा अभी कुछ और है

Title credit:-SG16
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Written by:- Ashish Kumar
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श्रीमद्भागवत गीता…..!!!!

December 8, 2019
Shanky❤Salty
शरीर कि मलिनता दूर करने के लिए
नित-प्रतिदिन नहाना जरूरी है
वैसी हि
ह्रदय कि मलिनता दूर करने के लिए
नित-प्रतिदिन “गीता” के ज्ञानरूपी
सागर में डुबकि लगाना जरूरी है
  • गीता केवल एक ग्रंथ या पुस्तक नहीं है अपितु जीवन जीने कि कला है।
  • गीता ऐसा अद्भुत ग्रंथ है कि थके, हारे, गिरे हुए को उठाता है, बिछड़े को मिलाता ह, भयभीत को निर्भय, निर्भय को नि:शंक, नि:शंक को निर्द्वन्द्व बनाकर नारायण से मिला के जीवन का उद्देश्य समझाता है।
  • विश्व की 578 भाषाओं में गीता का अनुवाद हो चुका है।
  • हर भाषा में कई चिन्तकों, विद्वानों और भक्तों ने मीमांसाएँ की हैं और अभी भी हो रहीं हैं, होती रहेंगी।
  • इस ग्रंथ में सब देशों, जातियों, पंथों के तमाम मनुष्यों के कल्याण की अलौकिक सामग्री भरी हुई है।
  • भोग, मोक्ष, निर्लेपता, निर्भयता आदि तमाम दिव्य गुणों का विकास करनेवाला यह गीताग्रंथ विश्व में अद्वितीय है।
  • स्वामी विवेकानंद जी तो श्रीमद्भगवत गीता को “माँ” कहा करते थे।
  • मदनमोहन मालवीय जी श्रीमद्भगवत गीता को “आत्मा कि औषधि” कहा करते थे।
  • श्रीमद्भगवत गीता किसी धर्म, जाती, समुदाय, मजहब का पुस्तक नहीं है अपितु यह संपूर्ण मानव जाती के लिए है।
  • श्रीमद्भगवत गीता वह ग्रंथ है जिसने युद्ध के मैदान में अर्जुन को योग कि कला सिखा थी।
  • श्रीमद्भगवत गीता वह ग्रंथ है जो हमें सिखाती है “सुख टिक नहीं सकता और दुःख मिट नहीं सकता”
  • मुझे लगता है कि गीता को हाथ में रखकर कसमें खाने से कुछ नहीं होगा अपितु गीता को हाथ में रखकर पढ़ना होगा।
  • ज़िंदगी कि एैसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान श्रीमद्भगवत गीता में ना हो एैसा मेरे विश्वास है।
हम सब ईश्वर से प्रार्थना तो करते है

 

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।

 

 

सर्वे सन्तु निरामयाः।

 

 

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।

 

 

मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥

 

 

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

 

हिन्दी भावार्थ:

 

सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी का जीवन मंगलमय बनें और कोई भी दुःख का भागी न बने।

 

 

हे भगवन हमें ऐसा वर दो!

 

पर यह संभव तभी है जब श्रीमद्भगवत गीता को जीवन में अपनायेगें।
बस जीवन में एक बार पढ़कर देखो “मोहब्बत कि बरसात ना हो गईं तो कहना”

Written by:- Ashish Kumar
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बड़ा भाई……!!!!

November 30, 2019
Shanky❤Salty
मैं तुमसे रूठ कर बैठा हूँ
तुम मुझसें रूठ कर बैठे हो
मैं तुमको मनाता नहीं हूँ
तुम मुझको मनाते नहीं हो
मैं हर वक्त तुमसे जीतता हूँ
तुम हर वक्त मुझसे हारते हो
मैं तुम्हें जब भी बुलाता हूँ
तुम आ नहीं पाते हो
जो भी हो तुम देख नहीं पाते मेरी तकलीफ को
गले जब भी तुम लगाते थे
मेरे मुरझाये चेहरे मुस्कुरा जाते थे
सच कहूँ जो मैं तो आँखों से आँसू छलक जाते थे
वो चार साल मैं कॉलेज में सीना तान मस्ती करता था
हर छोटी-बड़ी कांड कर तुझको ही तो फोन करता था
तुम्हें कुछ शिकायत रहती मुझसे
मैं फोन नहीं उठाता, दुनिया से कट कर रहता
उन शिकायतों को तो मैंने सिर्फ तुम्हारे लिए दूर कर दिया
पर तुम्हारी नौकरी ने हम दोनों को दूर कर दिया
मेरी ज़िंदगी के पहले शख़्स तुम ही थे जिसने मुझे पुरा बॉक्स मिल्कीबार का दिया था
तुम्हारे इस साल के जन्मदिन में बधाई ना देने वाला इंसान मैं ही होऊगां
तुम्हें तुम्हारा जन्मदिन पसंद नहीं
और मुझे तुम्हारा जन्मदिन ही सबसे अधिक पसंद
क्योंकि तुम्हारा जन्मदिन ना होता तो तुम मेरे बड़े भाई ना होते।
आपको पता है मेरे एक दोस्त अंकित ने कहा था बड़े भाई पर लिखना। पर भाई सच कहुं तो बड़ा कठिन है उन बीते हुए यादों को समेट कर शब्दों में पिरोना।
छोड़ों अब मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूँगा
बस
तुम हर वक्त मुझसे परेशान ही होते हो
पर समझते नहीं हो
मोहब्बत जब जोर पकड़ती है
ना तो शरारत का ही रूप लेती है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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One More Time…..!!!!

November 21, 2019
Shanky❤Salty
Do not give up
Even if you fail
Try one more time
Just one more
I’m sure
You will definitely get success
गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में
वो तिफ़्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले

Written by:- Ashish Kumar
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क्यों मैं निःशब्द हो जाता हूँ….!!!!

November 18, 2019
Shanky❤Salty
हम अजनबी थे ना….”बोलो ना हाँ”
हम जानते थे एक दूसरे को…..”बोलो ना नहीं”
फिर क्यों साथ चल दिये मेरे….???
एक ही ब्रान्च में थे इसलिए
या कोई स्वार्थ था इसलिए
या किसी ने कुछ कहा था इसलिए
है कोई जवाब
अच्छा छोड़ो ये सब
चलो कुछ और बता दो मुझे
भूख लगती थी मुझे तो तुम डाँटते क्यों थे
फिर रात को खाना खिलाने भी ले जाते थे
माना कि मैं एक-दो रोटी से ज्यादा नहीं खा पाता था क्योंकि मेरा पेट भर जाता था तुझे खाता देख
चाहे ठंडी हो या गर्मी मेरा ड्राइवर तू ही रहा करता था
हाँ और भी बेहतरीन ड्राइवर थे मेरे पास पर तू शायद ख़ास था क्योंकि तू मुझे अपनी पीठ पर सुलाया करता था
हम दोनों ही थे ना फोर्थ फ्लोर में जो सेमेस्टर के दिनों में बेफिक्र अपनी ही मस्ती में किताबों से दूर रहते थे
शायद अब तुम समझ गये होंगे मैं तुम्हारी ही बातें कर रहा हूँ
पर समझ कर क्या कर लोगे कुछ नहीं ना तो फिर चुप होकर आगे पढ़ते जाओ ना
याद है तुम्हें जब मेरे पेट में दर्द रहता था और मैं अस्पताल जाने में लापरवाही करता था तो तुम ही मुझे डाँट कर अस्पताल ले जाते थे
वो 6 बजे सुबह भी याद होगी ही तुम्हें जब तुमने मेरा पैर खींच बेड से नीचे उतार दिया था और स्कूटी की चाबी लेने नीचे भेजा था
अल्ट्रासाउंड टैस्ट में ले जाने के लिये
अगर नहीं भी याद तो कोई नहीं मुझे सब याद है तुम बस अब चुप होकर पढ़ते जाओ जो मैं लिख रहा हूँ
वो तुम ही थे ना जो मुझ से मिलने अस्पताल आये थे मेरे एक बार बुलाने पर
याद है ना मेरी मम्मी बोली थी की आज इतना ज़्यादा ख़ुश है तुमसे मिलकर
और
उठ कर बैठा है
तुम जब जाने लगे थे तो मैंने तुझे 👍 एैसा इशारा किया था जिसका मतलब तुम नहीं समझे थे कोई नहीं समझा दूँगा तुम आगे पढ़ते तो जाओ
तुम मेरे अस्पताल से छुट्टी वाले दिन भी आये थे ये बात मैं अपनी आखिरी साँस तक नहीं भूल सकता
अगर तुम भूल गये हो तो कल से बादाम खाया करो
शायद तुम ना होते तो मेरे पापा मम्मी की जान निकल जाती मुझे होटल तक ले जाने में तुमने जो मुझे गोद में लिया था भाई उसके लिये ना चाहते हुए भी तुम्हें दोनों हाथ जोड़ धन्यवाद कहता हूँ 🙏
और भी हज़ारों,लाखों पल आये थे जब तुम मेरे साथ खड़े थे या यूँ कहूँ तो तुम मुझे पास थामे थे
वक़्त पड़ने पर तुमने मुझे
पिता जैसी डाँट लगाई है पर तुम पिता तो नहीं हो मेरे
माँ जैसी प्रेम दिखाया है पर तुम माँ तो नहीं हो मेरी
भाई जैसा स्नेह किया है पर तुम भाई तो नहीं हो मेरे
सच कहूँ तो तुझ से कौन सा रिश्ता है नहीं जानता
माना की हम बचपन के दोस्त नहीं हैं पर हमारा बचपना अभी तक गया नहीं है
दोस्त कहता हूँ तुझे पर सच कहूँ तो तुम दोस्त भी नहीं हो मेरे
क्योंकि वक़्त-बे-वक़्त दोस्त भी साथ छोड़ देते हैं
कोई मुझे मिल्कीबार दे,दे या मुझे समौसे खिलाने की बात कर दे तो मैं उससे तुरंत ख़ुश हो जाता हूँ

पर तुझ से ये सब लेने की चाह नहीं है बस तू मुझे कुछ खाता नज़र आ जाये मेरे मुस्कुराने कि वज़ह बन जाती है
तूने कहा था ना सचिन गुरुरानी पे लिख लेकिन मुझे माफ़ करना
मैं उन यादों को छोड़ तुम पर बहुत कुछ लिखना चाहता हूंँ
पर ना जाने क्यों मैं नि:शब्द हो जाता हूँ

तुम अजनबी से कब हमनबी बन गये पता ही नहीं चला…!!
बस भाई बाक़ी फ़िर कभी 😅

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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ज़िंदगी की औकात…..!!!!

November 14, 2019
Shanky❤Salty
किसी की औकात बादशाहों जैसी दिखती
तो
किसी की औकात फकीरों जैसी दिखती
सच कहुं तो ज़िंदगी की असली औकात शमशानों में दिखती

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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50K Views….!!!!

November 9, 2019
Shanky❤Salty
I would like to take a moment and say thank you to all my viewers.

Today, my site has crossed a milestone of 50,000 views. Something I once thought I would never do. But it was not me, it was all of you guys that read my writings and hit the like buttons.

If I wouldn’t get your support guys, I could not have achieved this milestone. So we did it together. You guys deserve a round of applause.
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वो भी क्या वक्त था…..!!!!

November 1, 2019
Shanky❤Salty
वो भी क्या वक्त था
जब एक-दुजे को इश्क था
और
आज एक-दुजे पे श्क है
Written by:- Ashish Kumar

जब मिले थे
तो दर्मियान इश्क़ था
और अब मिले तो शक का फासला है
Written by:- Yasmin Khaan
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कुछ नया करते है….!!!!

October 27, 2019
Shanky❤Salty
घर और मन की साफ-सफाई हो गईं हो तो
चलो ना इस दीपावली कुछ नया करते हैं
रौशन गली-मोहल्ले, चौक-चौराहे तो होंगे ही
वक्त है अब दिल के दीप जलाए रखने का
ज़िंदगी कि कशमकस से थोड़ा वक्त निकालना होगा
अपनों के साथ वक्त बिताना होगा
लक्ष्मी की पूजा कर धन तो कमाना होगा
साथ ही सरस्वती की भी पूजा कर
धन को बुद्धिमता से सदुपयोग करना होगा
बुझ रही हो गर किसी के जीवनदीप तो
लौ खुशी की, बन ज्योति, आनंद की,
चलो उस लौ को अपने हथेलियां बढ़ाकर प्रज्वलित रखना होगा
हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई धर्म से उपर उठ
मानव धर्म को अपनाना होगा
चलो इस दीपावाली कुछ नया करते हैं

Written by:- Ashish Kumar
Thank you so much SG16 for supporting.
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क्या है मेरे पास……???

October 24, 2019
Shanky❤Salty
क्या है मेरे पास ???
दुआ भी दूसरों की
बद-दुआ भी दूसरों की
ज़िन्दगी एक है
क़िरदार अनेक हैं
आएं हैं ये तो पता है
जाना कहाँ है ये तो पता नहीं
बाँध मुठ्ठी आया था
खोल मुठ्ठी जाऊँगा
फ़िर किस बात का ग़ुरुर है मेरे पास ???

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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इज्ज़त…..!!!!

October 19, 2019
Shanky❤Salty
ज़िस्म बेचा करती थी
इसलिए समाज में उसकी कोई इज्ज़त नहीं थी
क्योंकि वह “वैश्या” थी…!!
ज़िस्म खरीदा करता था
इसलिए समाज में उसकी बहुत इज्ज़त थी
क्योंकि वह मर्द था…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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कद्र कहां……!!!!

October 9, 2019
Shanky❤Salty
थोड़े से ऑक्सीजन के बदले हम डॉक्टरों को हजारों रुपए दे देते हैं
लेकिन
पेड़ हमें जीवन भर ऑक्सीजन देते है बदले में हम उन्हें काट देते हैं
किसी ने सच ही कहा था
“कीमत” पैसे की ही होती है
मुफ्त की चीजों कि कद्र कहाँ…!!

Written by:- Sachin Gururani
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
Published by:- Ashish Kumar
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मेरे शब्द……!!!!

October 7, 2019
Shanky❤Salty
माना कि मेरे शब्द अब लड़खड़ाते हैं
पहले वाली वो बात नहीं है मेरे शब्दों में
लेकिन मुझे यक़ीन है मेरे शब्दों पर
वक़्त-बे-वक़्त मेरे शब्द तुझे
रूलाते भी हैं
और
हंसाते भी हैं
हाँ मैंने कई बार
अपने शब्दों से
अपने ग़म को उकेरा है
कई बार ग़म छुपाया भी है
शायद तुम्हें भी मालूम होगा
इन ही शब्दों कि वज़ह से
हम एक-दूजे से दूर हैं
और साथ ही मज़बूर भी
ना जाने कब तक
मेरे शब्द साथ देंगे
ना जाने कहाँ तक
मेरे शब्द साथ देंगे
क्योंकि अपनी ज़िन्दगी में देखा
सिर्फ़ ज़रूरत पर ही साथ देते है लोग
लेकिन मुझे इतना यक़ीन है
कि मेरे मरणोंपरांत भी मेरे शब्द
कहीं-ना-कहीं अपनी छाप छोड़ जाएंगे….!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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दोस्त और दोस्ती……!!!!

September 26, 2019
Shanky❤Salty

ये दोस्ती भी बड़ी गज़ब की है
ना रंग देखती है, ना ढ़ंग
ना जात देखती है, ना पात
ना उम्र देखती है, ना रूप
जब से मेरे दोस्त मेरी ज़िन्दगी में आये हैं
ग़म मुझे मुड़ कर नहीं देखती हैं…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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ना जाने कैसे…..!!!!

September 18, 2019
Shanky❤Salty
सुनो ना…..!!!!
हाँ,हाँ तुमसे ही कह रहा हूँ
बस दो मिनट लगेंगे
सुन लो ना
फ़िर चले जाना ना
देखो बात एेसी है
कि अब कुछ अच्छा सा नहीं लगता है
एक दिल था ना
हाँ वही दिल
जिसको वक्त और हालात ने तोड़ दिया था
वो भी अब ठीक से काम नहीं कर रहा है
वक़्त-बे-वक़्त धड़कनें तेज़ होने लगती हैं
ना चाहते हुए भी डिप्रेशन दूर करने की गोलियाँ लेने पड़ती है
पर अब तो उन गोलियाँ ने भी मुझ पर अपना असर करना छोड़ा दिया है
ना जाने क्यों ज़िन्दगी मुझसे पल-पल रुठ जाती है
अब तुम आ ही गयी हो तो मुझे मनाने कि कोई युक्ती तो बता दो
थक सा गया हूँ इस ज़िन्दगी से
दिल करता है सब कुछ ख़त्म मैं कर दूँ
पर मैं कायर नहीं ना हूँ
मैं शांति से सोना चाहता हूँ अब
पर तुम तो अच्छे से जानती ही हो ना
नींद और मेरा कोई वास्ता नहीं है बिन दवा के
सुना था “दवा से ज़्यादा दुआ में असर होता है”
पर ज़िन्दगी में ना जाने क्यों बद्दुआ ही मिली
पर अब जो भी हो मुझे निश्चिंत होकर नारायण में सोना है
मैं जानता हूं वो वक़्त कभी लौट नहीं आयेगा
पर मुझे ये ज़रूर बता दो
वो यादें क्यों लौट आती है ???
चलो आती है तो आने दो पर जीने क्यों नहीं देती है ???
लगता है दो मिनट हो गये हैं
तुम्हें भी जल्दी होगी ना
अच्छा कोई नहीं फ़िर कभी
पर याद रखना हारा नहीं हूँ
अभी थक गया हूं सिर्फ़
जल्द ही आऊँगा
ग़म का ज़हर पीता जाऊँगा
और मुस्कराते हुए ज़िन्दगी को लिखता जाऊँगा…!!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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ना जाने कब…..!!!!

September 14, 2019
Shanky❤Salty
हज़ारों सवाल मन में लिए बैठा हूँ
पूछें तो पूछें किस से
सब अपने सवालों में उलझे हैं
वैसे तो मैं बुरा बन बैठा हूँ
क्योंकि मैंने सफाइयाँ देनी जो छोड़ दी हैं
ना जानें कब, कैसे, किस से मेरे सवाल हल होंगे
ना जानें कब हम रोते हुए ख़्वाबों को सच करेंगे
और
ना जाने कब हम मुस्कुराकर ज़िन्दगी को जियेंगे…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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हैवानियत का नाच……!!!!

September 1, 2019
Shanky❤Salty
मर्द बनने कि चाहत में
ना-मर्द का छाप छोड़ गया
उसके लाख ‘ना’ करने के बावजूद भी
वह हैवानियत का नाच करता गया

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- An Incredible writer Yasmin Khan
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समझ में ना आया…..!!!!

August 25, 2019
Shanky❤Salty
कल रात वो आ ही गईं थी
मुझको साथ ले जाने वाली ही थी
दवा ने भी अपना असर है छोड़ा था
दर्द ने जो साथ पकड़ा था
काफी दिनों के बाद मेरे दिल में दर्द उठा था
बाहर पेड़-पौधे बारिश में भीग रहे थे
इधर मैं पसीने से भीगा हुआ था
नींद तो एैसी रुठी थी
दवा लेने के बाद भी मुझसे दुर बैठी थी
हर कोई श्री कृष्ण के जन्म की तैयारियाँ कर रहा था
मैं लेट अपनी धड़कनों को गीन रहा था
पर माँ वो तुम ही थी ना
जिसने श्रीकृष्ण की पूजा छोड़
मुझे गोद में सुलाया था
मेरे दिल पर हाथ रख
“गोविंद हरे गोपाल हरे जय-जय प्रभु दिन दयाल हरे”
गाकर मेरे दर्द को दूर कर रही थी
माँ तेरे थपकियों ने ही मुझको सुलाया था
कल तक चलना तो दूर मुँह से आवाज तक नहीं ले पा रहा था
पर माँ तेरे प्रेम और वात्सल्य में जादू है जादू
देखो ना आज बैठ ये चार पंक्तियाँ लिख रहा हूँ।
ये कैसा है जादू समझ में ना आया
तेरे प्यार ने हमको जीना सिखाया

Written by:- Ashish Kumar
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16 अगस्त…….!!!!!

August 16, 2019
Shanky❤Salty
देखा था मैंने 15 अगस्त को सड़कें साफ सुथरी
देखा था मैंने देश का तिरंगा लहरहाता हुआ
पर आज
देख रहा हूँ मैं 16 अगस्त को सड़कें मैली-मैली
देख रहा हूँ मैं देश का तिरंगा युहीं ज़मीन पर
देशभक्ति को नमन कर भारत को विश्व गुरु बनाना है
हमनें 15 अगस्त खुशियों से मनाया है
अब 16 अगस्त फर्ज के साथ निभाना है
हर गली-मोहल्ले, चौक-चौराहे घूम-घूम माँ भारती को स्वच्छ बनाना है
गिरे हुए तिरंगे को उठा अपना इमान बचा तिरंगे को सम्मान दिलाना है
कचरा उठा उसे कचरा पेटी में डालना है
हम सब इसे माँ भारती कहते है
सेना सरहद कि रक्षा कर कर्तव्य निभाती है
हमें भी माँ के आँचल को स्वच्छ कर
माँ भारती के प्रति अपना कर्तव्य निभाना है
याद है ना आज ही के दिन
कीचड़ में कमल खिला गया
अटल हमारा चला गया
आओ ना हम सब को मिल
नया भारत बनाना है

Written by:- Ashish Kumar
Published by:- Anonymous
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Need Your Help…..!!!!!

August 11, 2019
Shanky❤️Salty
Hello, my incredible writers!!!!! Hope you all are fine, but unfortunately I’m not 😉. Because I’m very curious to know something.
Requesting Your help🙏.
I think everyone knows that the fresh fruits, green vegetables, quality protein, nuts, seeds, whole grains and Milkybar are the healthy food for the body.
But
I want to know that what is the food for the soul?
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बनारस घाट…….!!!!!

August 7, 2019
Shanky❤Salty
तुम चाहती हो ना
बनारस घाट पर बसना
मैं भी चाहता हूँ तुम्हारे संग
बनारस घाट पर बसना
तुम गंगा स्नान नहीं चाहती हो ना
बस राख बन
उसमे प्रवाहित हो जाना चाहती हो ना
पर मैं तो गंगा स्नान कर
तेरी राख को खुद में
लपेट अघोरी बनना चाहता हूं
तुझसे सुना था की तुम
महादेव कि ज्योत जला पूजा नहीं कर सकती इसलिए खुद की देह को जलाना चाहती हो ना
जीते जी तुम मन ही मन महादेव की पूजा
दूध, दही, शहद, घी, जल, पुष्प से करना चाहती
पर ये सब तो निषेध था मेरी निधि के लिए
पर मैं तो तेरी चिता की आग से महादेव की मंगला आरती करना चाहता हूं
तेरी शरीर की राख से अपने शंभु की भस्म आरती करना चाहता हूं
सांस चलते तक निधि के लिए निषेध था
पर साँस रुकते ही इस आशिष ने सब कुछ संभव कर दिया
खुद तो कभी गंगा में डुबकी लगा पावन हो ना सकी
पर हर एक को डुबकी लगावा पावन कर दिया जिसने तुझे कन्धा दिया
चंद लोग ही ना थे जो मेरी निधि को महादेव के मंदिर का घंटा बजाने से रोकते थे
आज वही लोग निधि के जाते ही मंदिर की घंटाध्वनि सुन आँखों से आँसू बहा रहे है
मणिकर्णिका घाट पर निधि खामोश हो लेटी रहेगी
लेकिन हर कोई चिख रहा होगा
निधि के जाने के गम में या फिर हल्दी बंद होने के दर्द में
न जाने कौन सी है ये रीत इस दुनिया कि ओ मेरे महादेव
जीते जी इस निधि की पूजा निषेध है
हे शंभु इस दुनिया की रीत एक तरफ रख दो
या फिर
निधि का निश्छल प्रेम स्वीकार कर लो
नहीं तो
अंत में तैयार रहो
भस्म आरती के लिए
हाँ महादेव वही भस्म आरती
राख से
हाँ
हाँ
हाँ
निधि कि राख से

This is a collaboration with Nidhi Gupta

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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My 1st Book…..!!!!

August 5, 2019

Shanky❤Salty

Hello, my incredible writers’ & lovely friends’, I have finally published my Poetry book “Yaado K Panno Se” on Notionpress, Flipkart & Amazon. It is available in paperback form.
This book was possible only because of encouragement and motivation from all my blogger friends’ and my family who have always followed me on my blog and inspired me to write & publish my collection in international market.
Key Features
Language: Hindi
Binding: Paperback
Publisher: Notion Press
Genre: Poetry
ISBN: 9781646500161
Edition: 1
Publishing year: 2019
Pages: 60
I would like to express my special thanks of gratitude to my publisher “Notionpress“, my modifier-cum-editor “Nidhi Gupta🐿️” who encouraged me through the entire period of this journey. Secondly, I would also like to thank my “Parents”, Treasury partner “Sumit Kr. Ambastha“, my special friend Sachin Gururani who helped me a lot in finalizing this book within the limited time frame.

I am being over helmed in all humbleness and gratefulness to acknowledge my depth to all those who have helped me to put these ideas, well above the level of simplicity and into something concrete. Any attempt at some level can’t be satisfactorily completed without the support and guidance of my parents and friends. I would like to thank my parents who helped me a lot in gathering different information, collecting data and guiding me from time to time in publishing the book, despite their busy schedules, they gave me different ideas in publishing the book.
Buy My Book from:
Notionpress
Flipkart
Amazon
Please do visit the link and buy this book. If you contribute to buy this book, it would be very big support from your end to grow and enhance my career. It’s my humble request to support me.
Thank you all, who already buy and gone through my book. Happy reading dear friends. Keep supporting me.
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काश……!!!!!

July 20, 2019
Shanky❤Salty
ये “काश” ही है
जो ज़िंदगी की खुशियों को थामें रखती है
सुनो ना……
हर हाल में खुश होना सीख लो
गम को खुद से दुर रखने कि कला सीख लो

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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1000 Followers……!!!!!

July 17, 2019
Shanky❤Salty
Thank you so much my lovely admires’ for following me on WordPress 1,000 times over! I’m grateful for all your support. I promise to continue writing harder in serving you.

If you haven’t followed me yet, it’s my humble request to do so. You can get me on writing platform, i.e. Instagram, and Yourquote.
Thank you so much for your kind support.
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है कोई…….!!!!!

July 13, 2019
Shanky❤Salty
लोग अल्फाज चुरा लेते हैं
तुम नींद चुरा लेती हो
ऐ खुदा बता मुझे
इस जहां में कौन है जो मेरा दर्द चुरा ले जाये

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous
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धर्म और राजनीति…..!!!!

July 2, 2019
Shanky❤Salty
हिंदु मुस्लिम के नाम पर दंगें कराते हैं
एक दुजे से नफरत कर खुन बहाते हैं
कभी तो दो पल निकाल गीता-कुरान पढ़ना
सब में राम-रहिम है बसते
इस्लाम खतरे में है कह जेहाद करते हैं
हिंदू खतरे में है कह तलवार निकालते हैं
जनाब कुछ तो समझो,
सियासत की कुर्सी खतरे में है
आगे आप देख लो…..
मुझसे ज्यादा समझदार लगते हो……

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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Dear Manager…….!!!!

June 29, 2019
Shanky❤️Salty
Dear Manager,
Do you know you are a blessing for your friend’s group? I believe that person’s can give their time as a most precious gift, as you can never take it back and you can also gift your time to them. You’re man, who simply make everything brighter. A simple day can become special because of you like a birthday party OR a trip OR a night out OR a technical event OR Uddharsha OR any function that you manage. You always make ordinary moments into extraordinary, But I always tease you. Dear there are lots of memories that we’ve spent in our college life. As well as chugli’s. In our group you’re an only vegetarian guy who eat Egg-roll😂

You know that we surely have different interest’s and point of view because we’re not blood related but we’re brothers from another mother. There are few misunderstanding & dull moment with us, but we never judge each other. We left it because we know that in rose there are few thorns are available.
You deal with my immaturity. I’m very hard to deal with people & times, but you never left me. You always try to understand and love me behind my flaws.

Brother, I’m not always present to celebrate with you the good times, knowing that I’m always happy and proud of you. And for the bad times, my shoulder is always ready for your tears. But don’t be tense. Bad times never come in front of you.
I’m not even sure if I deserve your trust. You trust me with a lot of things in your life. And I promise not to do anything stupid that will break your trust.

You’re very strong, independent, caring and selfless. Specially a good manager OR leader. You know that this letter wouldn’t end. Because there’s surely a million memories and reasons I would want to write and thank you for, but words are not enough.
Thank you sooooooo much Rahul Kr. Singh for being in my life & Wish you a Very Happy Birthday.

जिस तरह मैं इस भीड़ में खो गया हूँ ना
बस उसी तरह तेरे चेहरे के पीछे छुपी हुईं उदासी भी कहीं खो जाए
और
मेरा भाई दिल से खुश हो जाए यही दुआ हम करते है

Written by:- Ashish Kumar
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माँ कि अंतिम यात्रा……!!!!!

June 26, 2019
Shanky❤Salty
माँ के आँखों में आँसू था
मौत जो उन्हें साथ ले जा रहा था
माँ कहती हैं मेरी ममता जीत गई थी
क्योंकि तुम मेरे साथ थी मेरा अंश थी
और मैंने मौत को मात दे तुम्हें जन्म दिया था
पर मुझे यह ना मालूम था
कि 65 वर्ष कि आयु में मेरी मृत्यु होगी तो तुम मेरीे अंतिम यात्रा में इस कदर आओगी कि तुम्हें जमाना याद रखेगा। मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि इस कलियुग के डिजिटल युग में तुम विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मेरी अंतिम यात्रा में सम्मिलित तो हो गई।
क्योंकि कुछ बच्चे एैसे भी होते कि जब उन्हें माँ कि याद आती है तो वे विदेशों से घर आते है तो बिस्तर पर माँ का कंकाल पड़ा मिलता है। इस माँ को तो अंतिम यात्रा तक का मौका भी नहीं मिला।

खैर छोड़ो बेटा ये सब बकवास कि बातें।
मैं कुरियर से अपनी अस्थियां भेजवा रही हूँ।
वक्त हो तो इसे गंगा में विस्रजीत कर देना।
अगर वक्त ना हो तो कोई बात नहीं “घर बैठे मेरी अस्थियों कि फोटे ले कर #गंगा लिख सोशल मीडिया पर अपलोड कर देना।
मुझे लगता है माँ तो अब सिर्फ शब्द बन कर रह गई है

पुरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें👇
1. विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मेरी अंतिम यात्रा
2. बिस्तर पर माँ का कंकाल पड़ा

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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वो आएँगी…….!!!!!

June 5, 2019
Shanky❤Salty
वो आएँगी
पर पता नहीं
कब आएँगी
पर पता है
जरूर आएँगी
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जब भी आएँगी
मुझे खुशियों से भर देगी
जब भी आएँगी
अपनों के आँखें भर देगी
जब भी आएँगी
मुझे नई ज़िंदगी देगी
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उसके आते ही
वादा है सब कुछ छोड़ दूँगा
उसके आते ही
वादा है उसे अपना बना लूंगा
उसके आते ही
वादा है मैं मुस्करा दूँगा
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कब आएँगी
कैसे आएँगी
क्या पहन आएँगी
क्या लेकर आएँगी
किस रूप में आएँगी
पर जरूर आएँगी
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चुपके से आएँगी
या दस्तक दे आएँगी
पर सुनो ना………
वो आएँगी
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पता है ना कौन??????
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अरे वही यार
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मेरी मौत

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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फर्क…….!!!!

May 20, 2019
Shanky❤Salty
जब होती हो तुम उदास
तब खेलती हो तुम एक खेल
जब होता मैं उदास
तब खेलता मैं भी एक खेल
बस फर्क इतना है की
तुम खेलती हो खेल जज़्बातों से
और मैं खेलता खेल शब्दों से

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous