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यात्रा…..वो भी अंतिम……!!!!

June 17, 2021

Shanky❤Salty

सही समझे
मृत्यु
हाँ मैं मृत्यु के बारे में ही लिख रहा हूँ
वो मृत्यु जो मुझे मार नहीं सकती है
पर हाँ आपको ज़रूर मार सकती है
ग़र आप स्वयं को जीवन समझते हैं तो
मृत्यु उसे ही स्वीकारता है
जो जन्म को स्वीकारता है

ना तो मेरा जन्म हुआ है
ना ही मेरी मृत्यु हो सकती है
ये शरीर का जन्म होता है
तो मृत्यु भी उसी की हो सकती है
हमारी नहीं, कभी नहीं

स्वयं नाथ जी भी हमें नहीं मार सकते हैं
यक़ीनन वो सर्वसमर्थ हैं
पर हमें मारने में कभी भी नहीं
अपनी उर्जा को पहचानों
वो कहते हैं ना अज्ञानता का जीवन किसी मृत्यु से कम नहीं है

महेंदी के पत्ते में ही उसकी लाली छिपी होती है
एक बीज में ही जन्म और मृत्यु छिपा है
मृत्यु एक वस्त्र बदलने की प्रक्रिया है
बस और कुछ नहीं

अर्थ स्पष्ट है मेरे शीर्षक का
इस जीवन की यात्रा
अंतिम होनी चाहिए
कोई कितना भी बुलाए
लौट के नहीं आना है
यह जीवन अनमोल है
व्यर्थ ना गवाओ

मोक्ष की उस स्थिति को जान लो
मर्जी तुम्हारी है
सुख-दुख कि चक्की में पिसना है
या उस चक्की के कील से लग कर
और अपनी यात्रा को अंतिम करना है

अब अलविदा कहता हूँ
कुछ पल के लिए
जो इस आत्मज्ञान से निकला वो तो डूब गया
और जो इस आत्मज्ञान में डूबा वो तो हो गया पार…!!


Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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तुम मुझे नहीं समझते…….!!!!

May 25, 2021

Shanky❤Salty

“तुम मुझे नहीं समझते”
वो अक़्सर मुझसे कहती थी

ग़र ये बात वो समझ जाते
तो हर दफ़ा यह मुझे नहीं समझाते

कैसे कहूँ मैं
यह समझने की च़ीज है
समझाने की नहीं

यार समझता सब कुछ हूँ
पर समझा नहीं पाता
और रही बात समझने की
तो वो जख्म लगने पर
खुद-ब-खुद समझ आ जाती है…

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अकेलापन……!!!!

May 23, 2021

Shanky❤Salty

अकेलापन जैसा कुछ भी नहीं होता है
ग़र अकेलेपन को तुम महसूस करतें हो तो
यकीनन तुमनें खुद का भी साथ छोड़ा ही दिया होगा

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ओ मेरे यारा…..!!!!

May 21, 2021

Shanky❤Salty

तुझे देखने के लिये ही
मंदिरों में भीड़ लगती है
हमनें तो तुझे
हृदय मंदिर में ही देख लिया है ।

तुझे पाने के लिए लोग काबा गये
हमनें तो तुझे इंसानों में ही देख लिया है ।

कहाँ खोजूं मैं तुझे कहाँ तू नहीं है
वो ज़गह ही नहीं है जहाँ तू नहीं है

खाने वाला भी तू खिलाने वाला भी तू
बरसाने वाला भी तू भीगनें वाला भी तू

सुनने वाला भी तू सुनाने वाला भी तू
जीवन देने वाला भी तू लेने वाला भी तू

ओ सुनने वाले ज़रा मुझ पर यूँ रहम अदा फ़रमा दो
इस काया को मिट्टी में मिला कर मुझे खुद में मिला दो…!!

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जिंदगी रेलगाड़ी सी…..!!!!

May 18, 2021

Shanky❤Salty

ये जिंदगी
कुछ रेलगाड़ी सी हो गई है
कि तुम अभी कुछ वक्त -साल
अपनी ही सीट पर बैठे रहो,

तुम बाहर तो देखो
पर तुम बाहर मत निकलो
क्योंकि बाहर करोना जो है,
तुम खाओ, सो, उठो
और फिर खा कर फिर से सो जाओ,

बस जिंदगी रेलगाड़ी सी हो गई है
सब बैठें हैं अपनी-अपनी सीटों पे,
पर एक दुजे से अनजान हैं,


तुम इंतज़ार करो रेल रूकने का
वरना चार जन भी नहीं मिलेंगे
तुम्हारे जनाजे को उठाने के लिए,


बिलख-बिलख रोएगी तुम्हारी जोड़ी
पर जंगल की लकड़ी भी नसीब नहीं होगी
तुम्हें पंच तत्व में विलीन करने को,


तुम घबराओ नहीं
जल्द ही रुक जाएगी ये रेलगाड़ी
ग़र सब्र के साथ तुम बैठोगे अपनी सीटों पे
हाँ टिकट लेना ना भुलना
राम नाम का
नहीं तो कटने में देर ना लगेगी

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गाँठ…….!!!!!

Shanky❤Salty

May 10, 2021

Shanky❤Salty

गाँठ
चाहे मन में हो
या तन में हो

हकीकत में वो जीने नहीं देते हैं
वक्त है खोल दो गांठ
और खुल कर जी लो

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डूबना……!!!!

May 8, 2021

कोई नहीं चाहता

डूबना

पर ध्यान से जो निकला
वो डूब गया

और जो डूबा
वो सब कुछ पा गया…!!

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मान-अपमान…….!!!!

May 6, 2021

Shanky❤Salty

दुनिया अच्छी नहीं लगेगी
ग़र पीछा छुड़ा अपमान से
भागोगे
पीछे मान के

तो हक़ीक़त में
दुनिया अच्छी नहीं लगेगी
मिला ग़र मान थोड़ा कम तो
मन में उदासी छा जाएगी

मिला ग़र अपमान थोड़ा भी तो
मन में क्रोध की जवाला भड़क जाएगी
यार कैसे समझाऊँ मैं
ये मान-अपमान जह़र की पुड़िया है

ग़र इतना समझ जाओगे तो
दुनिया अच्छी लगेगी

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ख़्वाब लिखा है……!!!!

YourQuote.in

April 24, 2021

Shanky❤Salty

हर पन्ने पर ख़्वाब लिखा है
ज़ख़्मों की स्याही से हमनें
एक किताब लिखी है

ज़ालिम ये दुनिया, ज़ालिम ये ज़हान है
सुना था हमनें हर ज़गह

कितने रहमदिल हैं ये पता किया नहीं हमनें
कपड़े मैले ज़रूर हैं
पर दाग़ नहीं है इसमें…!!

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राम……!!!!!

कौन हैं राम

April 21, 2021

Shanky❤Salty

पाया उसे जाता है राम
जो कहीं खोया है राम
ढूंढा उसे जाता है राम
जो भुलाया है राम
आप कहाँ से आओगे राम
आसमान से टपकोगे राम
या धरती फाड़ आओगे राम
कहीं से नहीं न राम
क्योंकि आप तो हर ज़गह विद्यमान हो राम
चींटी की पुकार हो राम
या मस्जिद कि अज़ान हो राम
आप सब सुनते हो राम
आप तो उर्जा रूप में राम
हर ज़गह हो राम

मैं मर भी नहीं सकता राम
न मैं जी सकता हूँ राम
बस आप में बस सकता हूँ मैं राम
शिव भी मैं ही हूँ राम
शक्ति भी मुझमें ही राम
भक्ति भी मुझमें ही है राम
रावण भी मुझमें ही है राम
मंदिर मूर्ति मस्जिद अज़ान राम
ये सब तो प्रतीक हैं मात्र हैं राम

परछाईं को कोई वास्तविक समझ ले राम
तो यह ना समझी है राम
फ़ोटो को अगर जीवित समझ ले राम
तो क्या करूँ मैं राम
हर किसी की आस्था का प्रणाम है राम
पर आगे भी तो बढ़ना होगा न राम
कब तक तस्वीरों में अटकेगें हम राम
यह संभव नहीं है राम

कि एक ही वक़्त पर हर कोई राम
मंदिर में आपकी पूजा कर सके राम
मस्जिद में बैठ आपको पुकार सके राम
पर यह तो संभव है राम
कि मन मंदिर में बैठ मानस पूजा कर सके राम
शिव रुप में हम शिव की पूजा करेंगे राम
राम रुप में हम राम रस पियेंगे राम
अल्लाह रुप में हम अल्लाह से मिलेंगे राम
हे चिदानंद रुप राम
क्या चढ़ाऊँ मैं तुमको राम

जो सास्वत है राम
उसे कैसे नश्वर अर्पण करूँ मैं राम
चार दीवार के अंदर बैठता हूँ मैं राम
तो चार दीवार ही दिखती है मुझको राम
बाजार में बैठता हूँ मैं राम
तो बाज़ार ही दिखता है मुझको राम
जब राम रुप में बैठता हूँ मैं राम
तो सब राम राम राम ही दिखता है मुझको राम
हद में तुझको ध्याया है राम
तो मानव ही रह गया हूँ मैं राम

बेहद जब तुझको ध्याया है राम
तो तेरा दूत बन कर ही रह गया हूँ मैं राम
अनहद हो कर जब तुझको ध्याया है राम
तो राम रूप में ही ख़ुद को पाया हूँ मैं राम
सब अपने हैं राम
सबके अपने हैं राम
देने में तो आप कंजूसी नहीं करते हो राम
फ़िर हम क्यूँ आपको जपने में कंजूसी कर देते हैं राम
मन नहीं लगता है आपमें हमारा राम
आपको हम ख़ुद से अलग समझते हैं राम

हे राम
अब इच्छा नहीं होती है राम
कि आपको मैं मानव रूप में पूजा करूँ राम
आपको तो आप रूप में ही हो कर पूजना है राम
अब आपको दूध, दही, जल नहीं चढ़ना है राम
आपको तो मन और बुद्धि चढ़ाना है राम
आपको पुष्प और विल्वपत्र क्या चढ़ाऊँ मैं राम
आपको तो सत्व, रज और तम चढ़ाना है राम

आपको क्या भोग लगाऊँ मैं राम
आपको तो प्यार से गले लगाना है राम
क्या दीपक जलाऊँ मैं राम
अब तो आँखों में वो उजाला लाना है राम
जिससे सब कुछ और सबमें राम ही राम दिखे राम
अब क्या कहूँ मैं राम
अब मुझे इससे अधिक कुछ भी नहीं आता है राम
अब मुझे आपको भजना भी नहीं है राम
ना मुख से जपना है राम
ना हाथों से जपना है राम
अब आप हमें भजो न राम
अब हम पायेंगे आपमें ही विश्रा-राम

राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम-राम

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ओ राम…….!!!!!

April 18, 2021

Shanky❤Salty

मुस्कुराने की कला सिखाते है राम
ग़म का ज़हर पीना सिखाते है राम
भूत और भविष्य कि गोद त्यागना सिखाते है राम
वर्तमान में बैठना सिखाते हैं राम
काया-माया छोड़ना सिखाते हैं राम

राम होकर राम में जीना सिखाते हैं राम
स्वाद ज़िन्दगी का चखना सिखाते हैं राम

सुनो ना राम
लिखूँ मैं कैसे तुझपे राम
समझते क्यूँ नहीं हो तुम राम
कैसे लिख दूँ मैं तुझपे राम

तुझ तक मेरी बुद्धि नहीं पहुँच पाएगी राम
वहां तक शब्द मैं कैसे पहुँचाऊ राम
तुम तो अबाधित हो मेरे राम
शब्दों से कैसे बाँधू मैं तुझको राम

ध्यान में लीन हैं मेरे राम
भूखा नहीं है प्यासा नहीं है मेरा राम
तृप्त है मेरा राम
क्या अर्पण करूँ मैं तुझको राम

कोई धाम नहीं है बिना तेरे मेरे राम
हर एक के अंतःकरण में बसता है मेरा राम
सौगंध तेरी खाता हूँ मैं राम
भर भर प्याला पीता हूँ नाम तेरा मेरे मैं राम

सच कहता हूँ ज़िन्दगी सुधरता है मेरा ओ प्यारे राम
पता नहीं ओ मेरे प्यारे राम
क्यों आँखों से पानी छलकता है राम
जब जब जिक़्र होता तेरा है राम
पावन सा तेरा है नाम राम

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कुछ तो बात है……!!!!

April 15, 2021
Shanky❤Salty

कुछ तो बात है
श्मशानों में इतनी भीड़ क्यों है?
जंगल की लकड़ियाँ क्यों कम पड़ रहीं हैं?

कुछ तो बात है
प्रकृति का ऐसा ही वास्तविक रूप है?
या फिर यह हमारे कर्मों का फलस्वरूप है?

कुछ तो बात है
कहीं पर चुनाव जीतने की होड़ है
तो कहीं पर ज़िंदगी हार रही है

कुछ तो बात है
एक वक्त था जब मन में फासलें थे
अब तो हकीकत में भी फासलें हो गयें हैं

कुछ तो बात है
धन हमनें लाखों – करोड़ों में कमाया
पर हमनें मन से छल – क्रोध को छोड़ नहीं पाया

कुछ तो बात है
खाने को दो रोटी नहीं है
पर अल्लाह के लिए बकरी तैयार रखें हैं

कुछ तो बात है
कुंभ के गंगा में भीड़ तो है
पर ज्ञान की गंगा खाली ही है

कुछ तो बात है
कितनी भयावह परिस्थिति है
कि चार जन भी नहीं मिल रहें
अपने को कंधा देने की खातिर

कुछ तो बात है
जंगल की लकड़ियाँ कम पड़ रहीं हैं
यह रौद्र रूप नहीं है प्रकृति का
है यह केवल चेतावनी
पिछले वर्ष कोरोना करूणा में थी
अबको-रोना ही है
वक्त है संभल जाओ
वरना इससे भी भयावह स्थिति
उतपन्न हो सकती है
खै़र
कुछ तो बात है…….!!!!!!

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Review by Nidhi Gupta……!!!!

April 09, 2021
Shanky❤Salty

इस किताब में हमारे आराध्य रामजी के विषय में विस्तृत रूप से बताया गया है, यह एक कवि और उसके आराध्य के बीच का वार्तालाप है, इसमें कवि का कोमल ह्रदय छलकता है, वह अपने राम जी को हर जगह हर वक़्त पाता है, उसे अपनी मृत्यु की भी चिंता नहीं है क्योंकि वह राम राम करते हुए ही मरना चाहता है, कवि का विश्वास है की राम राम करने से चौरासी योनि का जो चक्र है वह टूट जायेगा और उसे मोक्ष प्राप्त हो जायेगा, कवि ने अपने इस किताब में अपने आराध्य रामजी और खुद को दोस्ताने रिश्ते को भी बतलाया है और एक दास के रिश्ते को भी बताया है। इस किताब को पढ़ने के बाद हमे राम जी के संम्पूर्ण जीवन का ज्ञान हो जाता है, कवि राम मंदिर के कारण हुए राजनीति और दंगा फसाद के कारण बहुत दुखी है, वह राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाले से बहुत नाराज है। कवि अपने मन की हर एक बात जो वह अपने राम जी से कहना चाहता है उसने अपने इस किताब में खुल कर लिखा है, आप इसे एक संवाद के रूप में जब पढेगें तब आपको यह समझ में आ जायेगा की कवि कितना मासूम है, वह अपनी हर एक बात अपने आराध्य रामजी से कैसे कहता है। कुछ पंक्तियाँ कवि ने कुछ इस तरह से लिखीं हैं जो बहुत ही गहरी हैं। आप सभी को यह किताब अवश्य पढ़ना चाहिए ताकि आपको रामजी के विषय में और भी जानकारी हो।

Book review by Ziddy Nidhi
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Book Review……!!!!!

April 04, 2021
Shanky❤Salty
Harina Pandya has given review of my book “सच या साजिश
👇
I will recommend this book to know about our culture and civilisation..it is not just about one or two concepts..it covers each and every aspect about our saints, religion, society in today’s era, history, lifestyle and much more..book provides detail information about our sanskriti amazingly.
To read my book click here
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होली…….!!!!!

March 28, 2021
Shanky❤Salty
होली हुई या हो गई है
या होनी बाकी है अभी
या हो रही है
ज़रा बतलाओ मुझको,
लकड़ियों के ढ़ेर को जलाया
या होलिका को जलाया
ज़रा बतलाओ मुझको,
पापिन, अविद्या को जलाया
या राघ, द्वेष को जलाया
ज़रा बतलाओ मुझको,
सीमित रह कर होली मनाया
या उस असीमित को पार कर होली मनाया
ज़रा बतलाओ मुझको,
जहाँ आशा जली नहीं
तृष्णा मिटी नहीं
ईष्या की आग मन में लगी
कैसे मनाई फिर होली
ज़रा बतलाओ मुझको,
वक्त बीता और मुख में अग्नि पड़ी
यार कैसे मनी होली
वो रंग ही क्या जो चढ़ कर उतर जाए
लाल से रंगा
पीले से भी रंगा
और हरे से भी रंग लिया
पर वह तो पानी से धुल गया
फिर कैसे मनी होली
ज़रा बतलाओ मुझको,
सुनो ना राम
अरे हाँ श्याम
तुम मुझे अपने ही रंग में रंग दो ना
ज्ञान के रंगों से
माधुर्य के रंगों से
वात्सल्य के रंगों से
चढ़ा दो मुझ पर श्याम ऐसा रंग
जो कभी ना उतरे
अज्ञान मिटा ज्ञान का रंग लगा दो ना
मोहन मुझे अपने ही रंग में रंग दो ना
ये रंग और कहीं नहीं मिलेगा,
जैसे मेहंदी के हरे पत्ते में ही लाली छुपी है
वैसे ही हमारे भीतर ही सब कुछ है
बस यह होली खुद से खेलों
फिर तो हर क्षण होली है

Written by:- Ashish Kumar
My words are incomplete without support of Ziddy Nidhi
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कौन हैं राम…….!!!!

March 26, 2021
Shanky❤Salty
मैंने एक किताब लिखी है जिसे आप देख महसूस करेंगे की यह किसी विशेष धर्म, संप्रदाय, जाति, मज़हब के लिए है लेकिन ये सत्य नहीं है, यह किताब पूरी मानव जाति के लिए है। इस किताब में राम शब्द का प्रयोग एक उर्जा के तौर पर किया गया है जो हर ज़गह विद्यमान हैं। वह उर्जा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह में भी है और शिवजी में भी है,
जिसे आजकल की साईंस ने भी माना है
“गौड पार्टीकल” के रूप में।
मेरा किताब लिखने का एक ही मकसद है की जाति, मजहब, धर्म, रंग, भेद,…आदि को ख़त्म कर उस एक पर ध्यान देना।
दिखते तो यहाँ पर सब अलग अलग हैं पर हैं तो सब एक ही ना।
फ़िर यह ईर्ष्या राघ द्वेष क्यों और किससे..!!!
राजा हो या रंक असली औकात तो श्मशान में दिख ही जाती है
फ़िर जीते जी यह बाहरी दिखावा क्यों।
कुछ वास्तविकता को मैंने लिखा है जिसे लोग जान कर भी अनजान बनें हैं।
जिस्म और रूह की सत्यता को मैंने स्पष्ट रूप से लिखा है।
राम होकर राम को भजना है।
इस किताब का उद्देश्य अपने भीतर छुपी आत्मचेतना को जगाना है।
किसी भी चीज़ का नशा एक-न-एक दिन उतरना ही उतरना है।
रात को पियो तो सुबह
सुबह को पियो तो रात
उतर ही जाता है।
राम नाम का प्याला पी कर के तो देखो।
राम नाम का नशा कर के तो देखो वचन है मेरा आपको इससे सारी ज़िन्दगी सुधर जाती है
राम जी ही तो सरस्वती जी के रूप में मेरी जिह्वा पर विराजमान हैं
और मेरी कलम को एक नई सोच देते हैं।
मैं उन्ही राम जी के अंश राधा अग्रवाल जी और निधि गुप्ता “जिद्दी” जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूँ जिन्होंने मेरे लिखे इस लेख को जो राम जी को समर्पित है
को सही किया है इसे सुंदर बनाया है।
हरिणा पंडया जी और निधि गुप्ता “जिद्दी” ने इस किताब को लिखने में मुझे सहयोग दिया है।
राधा अग्रवाल जी ने मेरी इस किताब का शुद्धिकरण किया है।
सचिन गुरुरानी ने मेरी किताब के लिये डिजाइन तैयार किया है।
मैं इन सभी को तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ।

मेरी किताब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
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वो खड़ी थी…….!!!!

March 19, 2021
Shanky❤Salty
मृत्यु दरवाजे पर आ खड़ी थी राम
पूछा उसने मुझसे राम
क्या किया तुने जीवन में राम
हैरान परेशान हो गया मैं राम
सोने में रात बिता दी थी मैंने राम
खाने में दिन भी गुजार दिया था राम
तेरे नाम का हिसाब दे नहीं पाया मैं राम
फ़िर क्या राम
खोल मुट्ठी मेरी उसने दी राम
चौरासी के चक्कर में उसने धकेल मुझको दिया राम
जीवन मेरा मैंने यूँ हीं गवां दिया राम
सोने का कटोरा रख कर मैंने राम
भीख ही माँगी राम
घाट श्मशान का हो राम
या मणिकर्णिका घाट हो राम
हिसाब तो होगा ही राम
चिड़िया भले ही चुग खेत क्यों ना गई राम
नुकसान तो मेरा ही होगा राम
निंदा करता रहा मैं राम
मुझसे बड़ा निंदक मिला नहीं मुझको राम…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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Truth Or Conspiracy……!!!!

February 24, 2021
Shanky ❤Salty

My fifth book has been published on February 16, 2021. I have written some of my experiences in this book. And some such untold story by our Indian media or paid media or fabricated media. This book is written for the mature reader. Its purpose is not to hurt anyone’s feelings. Neither is it in favor or opposition to any person, society, gender, creed, nation or religion. These are my own views.

In this book you read about:-

  • Some Cultures Of The World
  • Culture Of India
  • Indian Saint

  • What Is The Purpose Of The Saint?
  • Gautam Buddha
  • False Accusations On Gautam Buddha
  • Jayendra Saraswati Shankaracharya
  • False Accusations On Jayendra Saraswati Shankaracharya
  • Asaram Bapu
  • Parliament Of World Religion
  • Scientific Conclusion Of Asaram Bapu Aura
  • Women Empowerment
  • Divine Baby Rites
  • Stop Abortion Campaign
  • Cesarean Delivery
  • Spiritual Awakening Campaign
  • Prisoner Uplift Program
  • Vrinda Expedition
  • Tribal Welfare
  • Gurukul
  • Valentine’s Day
  • Protection Of Cows From Slaughterhouses
  • The Main Reason Why Asaram Was Targeted
  • False Accusations On Revered Bapuji
  • What Are People Saying
  • Attack On Hinduism

I offer my gratitude to God. Those who inspired my writing. I thank you to my mother Pramila Sharan. Without her blessings, the existence of this book was difficult. I’m grateful to the writers, readers & critic bloggers who helped to make my writing the best. I would also like to thank you to Radha Agarwal, who helped me and did a proof reader. I thank to Rekha Rani ma’am for helping me in this book. Who raised the respect of my creation with their thoughts. Also, my heartfelt thanks to those who helped to write this book.
Hope that by reading this book, you will try to understand and appreciate my point of view. And give your feedback.
My book is available on Amazon & Notionpress

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सिखा दो न…..!!!!

February 21, 2021
Shanky❤Salty
ग़म के आँसू भी तो हला-हल कि तरह है ना शिव जी
आप हमें भी पीना सिखा दो न शिव जी
हर परिस्थिति में हमें भी मुस्कुराना सिखा दो न शिव जी…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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Think About Valentine Day….!!!!

February 11, 2021
Shanky❤Salty
Love is innocent, love unites us with Ram, love unites us with God, love unites with Allah. Love is the name of supreme power. The true feeling of love will do well not only India but the entire humanity. Why should not we develop real love? I think every person/young boys/young girls should greet, respect and worship their true love that is parents. Everyone celebrates day of love or week of love. Then why should we not celebrate this week or day with parents & their children. I think this is true & divine love. Passion and lust give a bad name of love. This is a big difference between love and lust. Lust gives rise to sexual excitement and thoughtless gratification of desires. And love always gives eternal joy. It helps one behold oneself in all creatures. Parents have spent longer time in this world, so they are more experienced than us. We easily get the benefit of experience of the three simply by respecting them. So, whosoever wants to progress in life must obey, respect and worship our parents. When I read some article regarding bad effect of the valentines’ day. I think No Hindu, No Christian, No Muslim, No Sikh parents wants his or her child to be spineless due to premarital relationship. No parents want his or her child to disobey his or her and violate social norms and succumb to a profligate lifestyle, becomes mean by leading a selfish life, moan and groan in the old age. If the children respect their parents, they will receive auspicious blessings from their hearts which will save these future leaders of the nation from the evils of lust day.
See this video👇
To read about Divine Love click here
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अयोध्या वासियों से अनुरोध…….!!!!

February 10, 2021
Shanky ❤Salty
बड़ा व्याकुल है मन हमारा
कभी सम्मान ना मिला
हमारी माँ सीता जो को
आपकी अयोध्या जी में
ब्याह कर के आईं थीं हमारे राम जी से
षड्यंत्रों का शिकार हो वनवास को गई हमारी माँ
अग्नि परीक्षा तक देना पड़ा हमारी माँ को
फ़िर भी चैन ना मिला आपके अयोध्या वासियों को
क्या से क्या कह गए हमारे राम जी को
त्याग सीता को प्रजा का सम्मान रखा राजा रामचंद्र जी ने
है विनती मेरी आपके मोदी जी से
बनवावें रामलला का भव्य मंदिर
पर वो सम्मान लौटावे जो प्रेम किया था हमारे राम जी ने हमारी माँ सीता जी से…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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मेला है या खेला है……!!!!

January 18, 2020
Shanky❤Salty
सबको नंगा आना है
पावन गंगा के तट पर ही जाना है
वो चले गए हैं
मुझे जाना बाकी है
कुछ को अभी आना बाकी है
सच कहूँ तो
दो दिन का मेला है
ज़िंदगी का यही खेला है
बाँध मुठ्ठी आना है
कमा-कमा कर झोली भरना है
खोल मुठ्ठी तो सबको जाना है
जो कुछ भी खोया या पाया है
सब कुछ ही तो कर्मों का खेला है
सबको तू अपना मान बैठा है
पर चिता पर लेटना अकेला है
यारा कहा था ना
दो दिन का मेला है
ज़िंदगी का यही खेला है…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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हाथों में पतंग लेकर…….!!!!

January 14, 2021
Shanky❤Salty
खुशियाँ किसी चीज या वस्तु की मोहताज़ नहीं होती
खुशियों को तो बस बहाना चाहिए
हाथों में पतंग लेकर
आसमान को छूना है
हर ख़्वाब को एक दिन पूरा करना है
ज़िन्दगी कि डोर में प्यार का माँझा हम चढ़ाएँगे
ईर्ष्या की पतंग को काट हम गिराएगें
तिल गुड़ खा कर हर रिश्ते से कड़वाहट हम मिटाएंगे…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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सीख लो……!!!!

January 04, 2021
Shanky❤Salty
ज़िन्दगी जीने की कला सीख लो
मुस्कुरा कर ग़म का ज़हर पीना सीख लो
भूत और भविष्य कि गोद छोड़ वर्तमान में बैठना सीख लो
ज़िस्म को छोड़ रूह में जीना सीख लो
हर हाल में तुम ज़िन्दगी का स्वाद चखना सीख लो…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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ख़ुद ही खुदा…….!!!!

December 02, 2020
Shanky❤Salty
ख़ुदा का काम करते फिरते हो
लगता है इसलिए
दूसरों के कर्मों का
तुम हिसाब लिखते फिरते हो
जरा मेहरबान होकर के
ख़ुद के कर्मों का
भी ग़र तुम हिसाब कर लेते
तो तुम ख़ुद ही खुदा के रूप में पूजे जाते…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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अर्थहीन सी दुनिया…..!!!!

November 26, 2020
Shanky❤Salty
अर्थहीन दुनिया लगती है
ज़िन्दगी भी अब मुझको व्यर्थ सी लगती है
ख़ुद का अस्तित्व ढूंढनें में मुझको असमर्थता सी महसूस होती है
मेरी हर कोशिश ना जाने क्यों व्यर्थ सी होती है
हर पल लोग खफ़ा हो जाते हैं
हर ज़गह हम असफल हो जाते हैं
आँखे बंद करते हीं आँखों से आँसू बह जाते हैं
एक-दूजे से इंसान जलता ही जाता है
मुट्ठी में रेत की तरह समय बीतता जाता है
व्यर्थ की चिंता कर मनुष्य एक दिन अर्थी पर लेट ही जाता है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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हे माँ…….!!!!!

October 23, 2020
Shanky❤Salty
हे माँ
सुना है मैंने, सैकड़ों अपराध करने के बाद भी जो इंसान तुम्हारी शरण आकर तुम्हें माँ कह कर पुकारता है तुम उसे क्षमा कर देती हो।
माँ तुम तो करूणा का सागर हो, ममता कि मूरत हो तुम माँ।
पर देवी शुरेश्वरि यह बालक तुम्हारा बहुत ही परेशान है, थोड़ी कृपा कर दो जगदम्बिका।
जो भी तुम्हें पुकारता है तो तुम दौड़ी चली आती हो और उसके सारे कष्ट हर उसे निसंकोच मन-वांक्षित फ़ल देती हो।
अच्छा है माँ बहुत ही अच्छा है।
लेकिन माँ परिस्तिथि अनुकूल नहीं है।
लोग सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारी उस मूरत को पुजते हैं। माँ आएगी शेर पर सवार होकर सभी भुजाओं में अस्त्र लेकर पर हक़ीक़त में तो वे सत्य से विमुख हैं माँ
मेरा यह विश्वास है दुर्गे की तुम नहीं आओगी।
जगदमबिके जब तुम सर्वव्यापक हो, कण-कण में बसी हो तो कैसे आओगी और कहां से आओगी माँ???
पता नहीं माँ लोग क्यों तुम्हें फोटो और पत्थर तक ही सीमित मानते है। तुम तो हर जीव में शिव रूप में विराजमान हो।
फिर क्यों लोग दूसरों के प्रति क्रोध, लोभ, छल, कपट, हिंसा का भाव रखते है। या यूँ कहूं तो लोग तुम्हारे जीव पर ही बैर रखते है या आसान शब्दों में कहूं तो तुमसे बैर रखते है????
देवी सुनो ना
लोग कहते है ना “नवरात्र में नौ दिन देवी को पूजते हो और बाकि दिनों में स्त्री कि अस्मिता को नोचते हो”
यह सुन कर मैं कुछ पल के लिए मौन हो जाता हूँ। दिल बड़ा दुखती होता उन्हें कैसे समझाऊं की “जो देवी कि पूजा करता है वह एैसा घिनैना कृत कभी नहीं करता। करता वही है और बोलता भी वही है जो कभी देवी कि पूजा नहीं करता है।”
ओ माँ,
है निवेदन इस बालक का तुझसे आज
किसी भी व्यक्ति को रुपया, पैसा, धन, दौलत, सम्पत्ति, यश, क्रृति, ना दो माँ। तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ ज्ञान दो माँ।
क्योकिं माँ ज्ञान से व्यक्ति हर चीज़ पा सकता है। और रही बात माँ मुफ्त के चिजों कि लोगों को क्रद नहीं होती। तुम तो सबकी झोलियाँ भरती हो माँ। पर लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
देवी तुम प्रसन्न हो जाओ कह कर लोग जीव कि बलि दे देते है। पर भवानी वह जीव जिसकी भाषा मनुष्य समझ नहीं सकता वह तुम्हारा ही तो बालक है और तुम उसकी माँ। फिर तुम कैसे खुश हो सकती हो? यह मुझको स्पष्ट करो?
मेरा तो दिल यही कहता है माँ कि लोग अपने सुख के लिए मासूम से जीव की हत्या करते है तुम्हारा सहारा ले कर। चाहे वह किसी भी धर्म के क्यों ना हो। अल्लाह भी तुम्ही हो देवी जगतजननी भी तुम्हीं।
माँ श्रीमद् भगवद् गीता में तुमने ही ना श्री कृष्ण रूप में कहा है “नाहं वसामि वैकुण्ठे योगिनां हृदये न च ।
मद्भक्ता यत्र गायन्ति तत्र तिष्ठामि नारद ॥”
मैं न तो बैकुंठ में ही रहता हूँ और न योगियों के हृदय में ही रहता हूँ। मैं तो वहीं रहता हूँ, जहाँ प्रेमाकुल होकर मेरे भक्त मेरे नाम लिया करते हैं। मैं सर्वदा लोगों के अन्तःकरण में विद्यमान रहता हूं !
तो फिर माँ क्यों नहीं समझते है लोग कि हमें ही एक दुसरे कि मदद करनी होगी। सबका साथ देना होगा। हमें खुद ही खुद के लिए खड़ा होना होगा।
बहुत कमी है माँ सब में ज्ञान कि। तुम दे दोना। फिर कुछ देने कि जरूरत ही नहीं है।
लोगों को जिस्म का और रूह के बीच के ज्ञान का बोध करा दो। फिर तुम खुद ही देखना माँ हत्या, बलात्कार, ईर्ष्या जैसे घिनैने कृत खुद-ब-खुद रूक जाएंगे। क्योंकि शरीर को स्वयं राम और कृष्ण भी नहीं रख पाए
और आत्मा को तो स्वयं भोलेनाथ भी नहीं मार पाए
बस इतनी सी तो बात है माँ, दे दो ना।
और कुछ भी नहीं मुझे अपने लिए
क्योंकि पता है माँ मुझे यह खेल जरूर खत्म होगा और मेरा आपसे सदा के लिए मेल ज़रूर होगा…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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चंद सवाल…..!!!!!

October 5, 2020
Shanky❤Salty
हज़ारों सवाल मन में लिए
क़तरा-क़तरा ज़िन्दगी को जी रहा हूँ
उन्हीं सवालों में से एक सवाल मैं आपसे पूछ रहा हूँ
ना जाने क्यों हम
किसी की चंद गलतियों की वज़ह से
उनकी सारी अच्छाईयाँ भूल कर
सदा के लिए उनसे मुँह मोड़ लेते हैं
और इंसान कि यह फ़ितरत है कह कर
अपनी नाक़ामी छुपाने का बंदोबस्त कर देते हैं…

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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इंसान…..!!!!!

October 2, 2020
Shanky❤Salty
हर इंसान
ये बनूँ
वो बनूँ
एैसा बनूँ
वैसा बनूँ
उसके जैसा बनूँ
के चक्कर में
न जाने क्यूँ
इंसान बनना ही भूल जाता है
और हैवानियत का नंगा नाच कर
पल-दो-पल इंसानियत को शर्मसार करता है

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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क्या जतलाना चाहते हो……!!!!

August 3, 2020
Shanky❤Salty
जब तुम खुद से नफरत नहीं कर सकते,
खुद पर गुस्सा नहीं कर सकते,
फिर तुम दूसरों से कैसे गुस्सा कर लेते हो?
कैसे उनसे नफ़रत कर लेते हो?
भूल क्यों जाते हो
तुम हर पल की
जिसने उसे बनाया उसी ने तुम्हें भी बनाया
नफरत कर उनसे तुम,
कहीं यह तो नहीं जतलाना चाहते
की खुदा के बनाये हुए पर
तुम ऊँगली उठाना चाहते हो

Written by:- Ashish Kumar
My words are incomplete without support of Ziddy Nidhi
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युद्ध……!!!!

July 29, 2020
Shanky❤Salty
सिखा दिया है, ज़िंदगी नें मुझे
फिर से की…. कि
युद्ध जरूरी है, परन्तु अन्य से नहीं
बल्कि स्वयं से ही जरूरी है युद्ध
ज़िंदगी मुस्कुराने लगेगी
गर तुमनें कर लिया स्वयं से युद्ध तो,
तुम विजई रहो अथवा पराजित रहो इस स्वयं के युध्द में
किन्तु इतना तय है की तुम्हें वह सूकुन मिलेगा
जिसकी तुम्हें आवश्यकता है
जिसकी तुम्हें चाह है और जिसकी तुम्हें जरूरत है

Originally written by Ziddy Nidhi
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बताओ न मुझको…..!!!!

July 19, 2020
Shanky❤Salty
शीशे में ख़ुद को
निहारते हो
माना की बहुत ही बेहतरीन दिखते हो
पर क्यूँ ज़माने के सामने
मुखौटा लगाए फिरते हो…!!

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal
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क्या है तु…..!!!!

July 16, 2020
Shanky❤Salty
ओए दोस्त सुन न,
प्यार, इश्क, मोहब्बत की तो बात होती है
पर जहां तु होता है न
वहां तो इन सब की बरसात होती है
मेरी खामोशी को तुम हर सुन ही लेते हो
चुप रहकर भी बहुत कुछ बोल देते हो
जब खुद को मैं अकेला छोड़ देता हूँ
तब तुम ही तो पीछे से आकर हाथ थाम लेते हो
वो चोंगे कि तरह तुम्हारा चिल्लाना
मेरा पैर पकड़ बिस्तर से गिरा देना
बाईक पर पीछे बैठा मुझे हर जगह ले जाना
परीक्षा के दिनों में बिना पढ़ें ही पास हो जाना
और अब इन सब बातों को याद कर
आँखों से आँसुओं का छलक जाना
मुझको तो पता नहीं क्या है ये
दोस्ती कहते है कुछ लोग इसे
तो कुछ लोग भाई कहते है इसे
पर हकीकत में मुझे अभी तक पता नहीं
जो भी है इन सबसे अलग
है जी कुछ खास है
मेरे ही दिल के पास है
जो अनसुलछी सी है मेरी ज़िंदगी
उसे तु पल भर में सुलझाए
हर किसी से मैंने रिश्ता बनाया है
वक्त-बे-वक्त मैंने उसमें दाग पाया है
एक तु ही है जिससे मैंनें न तो कोई रिश्ता बनाया है
न ही अभी तक क़तरा सा भी दाग पाया है
हर कोई जमाने की बात करता है
पीठ पीछे फसाने की बात करता है
तु तो ज़िंदगी कि बात करता है
हर पल निभा कर ही बात करता है
मैं चल न सका तो तु
मेरे एक बुलावे पे तु दौड़ा चला आया
गोद में ले सीढ़ियाँ चढ़ मुझे कमरे तक पहुँचाया
अब यह सुन तुम ये मत कहना कि
क्या भाई तु भी न
बता तु ही मुझको
क्या मैं भुल जाऊँ इन सब पल को
या दे दूं तुम्हें तुम्हारे जन्मदिन की हार्दिक बधाई

ह्रदय ये प्रणाम है उस माँ को जिसने तुझको जन्म है दिया।
है प्रणाम उस पिता को जिसने पालन है तेरा किया।
है धन्यवाद उसे नाथ को
अरे हाँ जी भोलेनाथ को
जिसनें मेरी ज़िंदगी में तुझको दिया

Written by:- Ashish Kumar
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ज़िंदगी के रंग…..!!!!!

July 10, 2020

Shanky❤Salty

कभी ज़ेहन में ख्याल आता था लिखना बहुत आसान है। बस चाहिये काग़ज़, क़लम, एक दिल, दिमाग़ और कुछ लफ़्ज़, बस लिखने का सिलसिला चल निकलता है। लेकिन जब लेखनी हाथों में लिया, तब समझ आया लफ़्ज़ों, नज़्मों, कविताओं के खेल निराले होते हैं। तूलिका पकड़, कल्पना के सहारे ज़िंदगी के सच्चे रंग नहीं उकेरे जा सकते। ऐसे रंग कभी बहुत गहरे, कभी हल्के और कभी बदरंग हो जातें हैं।
लिखने के लिये चाहिये जिंदगी के सच्चे सबक, सच्ची सीख, चोटें, अनुभव और उनसे निचोड़े लफ्ज़। इनसे बनती हैं सच्ची कविताएँ और नज़्म। सच है, दिल से निकली बातें हीं दिल तक जाती हैं। बहते पानी सी अनवरत चलती ज़िदगीं ने बहुत रंग दिखाये। जीवन में उतार-चढ़ाव और ठहराव दिखाये। ख़ुद आईना बनने की कोशिश में इन सब को शब्दों और लफ़्जों का जामा….लिबास पहना कविता का रुप दे दिया। ज़िंदगी को इन कविताओं में ढालने की यह कोशिश कैसी लगी? क्या ये कवितायें आपके दिल को छूती हैं? पढ़ कर देखिये न रेखा आंटी की किताब को।

Title: Zindagi Ke Rang
Product ID: 197911-1336776-NA-NED-T0-NIKI-REG-IND-DIY
ISBN: 9781649511652
Format: Paperback
Date of Publication: 06-07-2020
Year: 2020

Click here to read this book.

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मेरे ह्रदयेश्वर…..!!!!

July 8, 2020
Shanky❤Salty
सुनो ना नाथ जी
कहते हैं मुझको ये लोग
लिखुं मैं तुझपे
समझते क्युं नहीं है मुझको ये लोग
कैसे लिख दूं मैं उनपे
जिन तक बुद्धि नहीं पहुँच सकती
वहां तक मैं शब्द कैसे पहुँचाऊं
जो अबाधित है हर चीज से
उन्हें मैं शब्दों से कैसे बाँध सकता हूँ
जो ध्यान में लीन हैं
उन्हें मैं कैसे ज्ञान में ला सकता हूँ
जिन्हें न भूख है न प्यास है
उन्हें मैं कैसे कुछ भी अर्पण कर सकता हूँ
जिनका न कोई नाम है न कोई धाम है
उन्हें मैं कैसे जान सकता हूँ
देखा है मैंने
भाँग पीने से
नशा चढ़ता है
ठीक उसी प्रकार
तेरा नाम मेरे अंतः में बसता है
पर तेरी सौगंध खा कहता हूँ मैं
भोले बाबा के नाम से ही सारी ज़िंदगी सुधरता है
पता नहीं मेरे ह्रदयेश्वर
तुने मुझको क्या पिलाया है
तेरे नाम के जिक्र से ही
मेरी आँखों से पानी छलकता है
है पावन ये सावन मेरे प्रभु
कहते है लोग मुझको ना जाने क्यों
सुनों जाओ बाबा के मंदिर तुम
पर कैसे बतलाऊं मैं उनको यह
कि तुम मन कि चौखट पर आ बैठते हो
होती है तकलीफ जमाने को
चढता है जब तुझपे दूध तो
कर मन मंदिर में अभिषेक तुम्हारा
हम धारा अश्रुओं से
हो जाते हैं पल-दो-पल के लिए मौन,
ओ मेरे देवा
सुनो ना,
हाँ हाँ महादेवा
अब खुश हो न
जरा बतलाओ ना उनको
ना तो जन्म उसका ना ही मरण है उसका
फिर यह आशीष शरणागत है उसका

A topic suggested by
Priyanshi Dubey, Golden Moon
And a few more.
Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Dr. Sakshi Pal
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तुम खुद को मर्द कहते हो….!!!!

June 30, 2020
Shanky❤Salty
सुना है
तुम खुद को मर्द कहते हो?
औरतों के जिस्म का धंधा भी करते हो
छोटे कपड़े न पहनने की नसीहत देते हो
और बुरखे वाली को भी नजरों से नंगा कर देते हो
खुद को खुद्दार कहते हो
फिर दहेज माँग खुद नामर्द क्यों बना देते हो
है जन्मते वे औरत के जिस्म से
फिर होकर बड़े वे फेरते हैं हाथ औरत के जिस्मो पे
और खुद को मर्द कहतें हैं वो…..!!!!
वो बाँझ कहतें हैं औरत को
न होते बच्चे उनके तो
करतें हैं ब्याह एक के बाद एक वो
फिर भी न हुआ बच्चा जो
तो क्यों न कहतें हैं खुद को नामर्द वो?
जब जब उनकी नजरें उठती है
तब तब सामने वाली स्त्री की नजरें झूकती हैं
और वो खुद को मर्द कहते हैं
किया था इन्हीं वक्षस्थल से कभी दुग्धपान
आज घुरते हैं उसके स्तनों को
तुम क्या यह बतलाना चाहते हो
कुत्तों की तरह माँस का टुकड़ा चाहते हो
दो पैरों के बीच को ताड़ कर
वासना की भूख मिटाना चाहते हो
और खुद को मर्द कहते है….!!!!
एक औरत ने तुझको अपनी योनी से जन्म दे, वक्षस्थल से दुध पिला मर्द है बनाया।
आज तूने उसी योनी-वक्ष को देख अपनी काम वासना जागृत कर खुद को सबकी नजरों में ना-मर्द है बनाया।

Published by Anonymous on behalf of Shanky_Salty
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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कोरोना संक्रमण…….!!!!

June 25, 2020
Shanky❤Salty
ये जो फैली है हवा में जहर
खत्म हो ही जाएगा
एक-न-एक दिन
लेकिन मन में जो फैली है जहर
हम सबके
वो कब खत्म होगा?

Published by Anonymous on behalf of Shanky_Salty
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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Read Then Think…..!!!

June 9, 2020
Shanky❤Salty
Writing a book is harder than I thought and more rewarding than I could have ever imagined. None of this would have been possible without our society, who gave me multiple (multi-coloured) experiences of life. I’m eternally grateful to Mr. Sachin Gururani my friend-cum- brother who has designed the beautiful cover of the book and my parents as well, who encouraged me during the entire journey of my writing. Special thanks to Dr. Sakshi Pal and friends who suggested me to write a book and helped me in finalizing it within a limited time frame. Writing a book about the reality of life is a surreal process. I’m forever indebted to my incredible readers as this has become possible because of their efforts and encouragement. Finally, thanks to all those who have been a part of this beautiful journey.
I have written some of my experiences in this book. And some such feelings which are completely blank. Some letters have been written, also some have the character and the face of the society. I have written the life just as much as I have lived and have embraced death.
This book is dedicate To my friend-cum-boss Heena Chugh 99% motivation & 99% patience. No, it does not add upto 198% but she multitasks.
To read this book click here
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समझा दो न मुझको…..!!!!

June 4, 2020
Shanky❤Salty
हमें गिरना तो पसंद नहीं है
पर दूसरों को गिरा कर
खुद उठने में मजा बहुत आता है
पर एक बात समझ नहीं आती मुझे कि
फिर हमें गर्व किस बात पर होता है?

Published by Anonymous on behalf of Shanky_Salty
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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अफसाने तेरे पन्नों में…..!!!!

May 31, 2020
Shanky❤Salty
एक खुश-खबरी आप सभी के साथा साझा करना चाहता हूँ।
अफसाना तेरे पन्नों मेंमधुसूदन सिंह का पहला काव्य-संग्रह है। इस संग्रह में गीत एवं कविता का शानदार मिश्रण है।
“मधुसूदन सिंह के कविताओं एवं गीतों में भावनाओं एवं कल्पनाओं का अद्भुत प्रवाह है। जिसे पढ़कर ऐसा लगेगा जैसे उन पन्नो में दर्ज अफसाने अपने ही हैं।
मधुसूदन सिंह का जन्म 17 जनवरी 1973 को नाना के घर गाँव खुदरांव जिला रोहतास में हुआ था। उनका बचपन ननिहाल में ही गुजरा। उनका पैतृक गाँव डिहरी जो कि बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित है। उनके पिता श्री सुरेंद्र सिंह किसान एवं उनकी माता श्रीमती रेवती देवी गृहिणी हैं। वे चार भाई, बहनों में दूसरी संतान हैं। मधुसूदन सिंह की पत्नी का नाम नीलम सिंह है।
मधुसूदन सिंह अपनी प्रारम्भिक शिक्षा नाना जी के यहाँ प्राप्त करने के पश्चात सीता उच्च विद्यालय हरिहरगंज पलामू,झारखंड से दसवीं तथा मगध यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। चुकि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के कारण शुरुआती दिनों में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जिसके कारण वे स्नातक की उपाधि हासिल करने के तुरन्त बाद पाँच वर्षों तक परिवार से दूर रोजगार की तलाश में दिल्ली में भटकते रहे और एक संस्थान में नौकरी करते हुए सम्पूर्ण उत्तर भारत का दौरा किया। वर्तमान में वे राँची स्थित एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं। वे बचपन से ही नाट्यमंच से जुड़े रहे मगर जीवन की आपाधापी में वे साहित्य से दूर हो गए। कहते हैं जिसके नस नस में साहित्य समाया हो भला वह कबतक अपने आप को लेखनी से दूर रख पाता है। आखिरकार वे सन 2017 में वर्डप्रेस से जुड़े और वे आज करीब 500 सौ से ऊपर कविताएँ लिख चुके हैं। और आज उनकी पहली काव्य संग्रह ‘अफसाने तेरे पन्नों में’ प्रकाशित हुई है।

Title: Afsane Tere Panno Mei
Product ID: 195201-1335597-NA-NED-T0-NIKI-REG-IND-DIY
ISBN: 9781648995057
Format: Paperback
Date of Publication: 30-05-2020
Year: 2020
Page: 94
Price: ₹120

Click here to order book.

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Dear……!!!!

May 6, 2020
Shanky❤Salty
Dear……..!!!!!
Hi!
How are you?
I hope, you are doing great. It’s been three years and you haven’t contacted me once. I know, leaving me, was totally your decision, a decision taken carefully, but like a fool (that I am), I waited for you just in a hope that one day, you would think about me and all those lovely memories, we created. Guess, I was wrong.
Anyway, I am sorry, I didn’t want to disturb you like this, but, I got to know about your wedding and was dying of curiosity.
I just want to know about you and him? How is he? Is he a good looking guy or a cute one? Or the muscular one?
Is he taller than me or the one who suits your height? Is he an IIT engineer or a UPSC aspirant or Doctor?
Apologies in advance, but, I want to know everything. How have you exactly felt, when you deleted my name like a corrupted file from your life and accepted him as your life partner? Were the both names written the same way on the wedding card as we had thought of ours? Were you happy when he held your hands around the fire, taking vows to stay together? Did your tears tell our incomplete story or were you happy for a new beginning?
Does he kiss you on the forehead to make your day or do you still miss our morning hug? Does he prepare morning tea for you or do you still miss my breakfast in bed?
Is he a good boy, who puts the things in proper place or just messes with things like me? Does he bite your fingers when you feed him with your hand or make faces when you add extra salt in? Does he like when you wear a western outfit or force you to wear only Indian attires? Does he go out with you and carry your shopping bags or only pay for it?
I want to know, is he able to handle your mood swings or gets irritated easily? Does he like to move his hands between your silky hair or find it boring? Does he pamper you during menstruation period or feel bothered? Does he make ugly faces in your selfies or give perfect pose? Does he put your mobile on charging when you play late night games or just leave it with you?
Does his love and care make you happy or you miss my care? Do you enjoy his car rides or miss my bike rides? Have you really fallen in love with him or still have feelings for me?
Who am I for you- a sweet memory or the worst nightmare? Honestly, it doesn’t matter, whatever I am to you. You are still the same for me. The one, whom I loved with all my heart and will always love till the last breath. Maybe we were never meant to be together yet the days we have spent together hold the greatest memories.
Heartiest congratulations on your new life.
Don’t worry, I am happy in my life. My family is there to shower their love and never- ending blessings.
Enclosing with love and warm wishes.

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Heena Chugh
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My 1st Book…..!!!!

August 5, 2019

Shanky❤Salty

Hello, my incredible writers’ & lovely friends’, I have finally published my Poetry book “Yaado K Panno Se” on Notionpress, Flipkart & Amazon. It is available in paperback form.
This book was possible only because of encouragement and motivation from all my blogger friends’ and my family who have always followed me on my blog and inspired me to write & publish my collection in international market.
Key Features
Language: Hindi
Binding: Paperback
Publisher: Notion Press
Genre: Poetry
ISBN: 9781646500161
Edition: 1
Publishing year: 2019
Pages: 60
I would like to express my special thanks of gratitude to my publisher “Notionpress“, my modifier-cum-editor “Nidhi Gupta🐿️” who encouraged me through the entire period of this journey. Secondly, I would also like to thank my “Parents”, Treasury partner “Sumit Kr. Ambastha“, my special friend Sachin Gururani who helped me a lot in finalizing this book within the limited time frame.

I am being over helmed in all humbleness and gratefulness to acknowledge my depth to all those who have helped me to put these ideas, well above the level of simplicity and into something concrete. Any attempt at some level can’t be satisfactorily completed without the support and guidance of my parents and friends. I would like to thank my parents who helped me a lot in gathering different information, collecting data and guiding me from time to time in publishing the book, despite their busy schedules, they gave me different ideas in publishing the book.
Buy My Book from:
Notionpress
Flipkart
Amazon
Please do visit the link and buy this book. If you contribute to buy this book, it would be very big support from your end to grow and enhance my career. It’s my humble request to support me.
Thank you all, who already buy and gone through my book. Happy reading dear friends. Keep supporting me.
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धर्म और राजनीति…..!!!!

July 2, 2019
Shanky❤Salty
हिंदु मुस्लिम के नाम पर दंगें कराते हैं
एक दुजे से नफरत कर खुन बहाते हैं
कभी तो दो पल निकाल गीता-कुरान पढ़ना
सब में राम-रहिम है बसते
इस्लाम खतरे में है कह जेहाद करते हैं
हिंदू खतरे में है कह तलवार निकालते हैं
जनाब कुछ तो समझो,
सियासत की कुर्सी खतरे में है
आगे आप देख लो…..
मुझसे ज्यादा समझदार लगते हो……

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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Dear Manager…….!!!!

June 29, 2019
Shanky❤️Salty
Dear Manager,
Do you know you are a blessing for your friend’s group? I believe that person’s can give their time as a most precious gift, as you can never take it back and you can also gift your time to them. You’re man, who simply make everything brighter. A simple day can become special because of you like a birthday party OR a trip OR a night out OR a technical event OR Uddharsha OR any function that you manage. You always make ordinary moments into extraordinary, But I always tease you. Dear there are lots of memories that we’ve spent in our college life. As well as chugli’s. In our group you’re an only vegetarian guy who eat Egg-roll😂

You know that we surely have different interest’s and point of view because we’re not blood related but we’re brothers from another mother. There are few misunderstanding & dull moment with us, but we never judge each other. We left it because we know that in rose there are few thorns are available.
You deal with my immaturity. I’m very hard to deal with people & times, but you never left me. You always try to understand and love me behind my flaws.

Brother, I’m not always present to celebrate with you the good times, knowing that I’m always happy and proud of you. And for the bad times, my shoulder is always ready for your tears. But don’t be tense. Bad times never come in front of you.
I’m not even sure if I deserve your trust. You trust me with a lot of things in your life. And I promise not to do anything stupid that will break your trust.

You’re very strong, independent, caring and selfless. Specially a good manager OR leader. You know that this letter wouldn’t end. Because there’s surely a million memories and reasons I would want to write and thank you for, but words are not enough.
Thank you sooooooo much Rahul Kr. Singh for being in my life & Wish you a Very Happy Birthday.

जिस तरह मैं इस भीड़ में खो गया हूँ ना
बस उसी तरह तेरे चेहरे के पीछे छुपी हुईं उदासी भी कहीं खो जाए
और
मेरा भाई दिल से खुश हो जाए यही दुआ हम करते है

Written by:- Ashish Kumar
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अजीब है ये दुनिया……!!!!

June 20, 2019
Shanky❤Salty
देखो ना……!!!!
ये दुनिया कितनी अजीब है
ज़िंदगी भर मुझमें कमियां निकालेगी
फिर मरने के बाद कुछ दिन आँसू बहायेगी
और भोज में आ खाने कि कमियां निकालेगी

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
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Dear Salty…….!!!!

June 12, 2019
Shanky❤️Salty
Dear Salty,
Today, I lie down on my bed & feel that you are here with me. I didn’t know how heavy this separation would be in my heart. I hope you are not in as much utter misery as I am without you. Salty, I think you know that “The absence makes the heart grow fonder, and my fondness has no bounds.
I lie awake & feel the gentle warmth of your breath as it would fall on my cheek. I imagine the heat of your body pressed me. And tears out from my eyes. I turn & lay my head against the pillow, feeling your heartbeat drum a lullaby in my ear.

While I know we will again be together. Until I can see you and hold you again, you will remain omnipresent in my dreams.
Regards
Ashish Kumar
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फर्क…….!!!!

May 20, 2019
Shanky❤Salty
जब होती हो तुम उदास
तब खेलती हो तुम एक खेल
जब होता मैं उदास
तब खेलता मैं भी एक खेल
बस फर्क इतना है की
तुम खेलती हो खेल जज़्बातों से
और मैं खेलता खेल शब्दों से

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous
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ज्ञानरूपी माँ…….!!!!

May 12, 2019
Shanky❤Salty
न्यायालय में गीता की कसमें खिलाई जाती
किन्तु कभी गीता पढ़ाई नहीं जाती
कसमें खाने के बाद भी झूठ बोल सकते हो
परन्तु मेरा विश्वास है निरंतर गीता पढ़ने वाला झूठ नहीं बोल सकता
मैं पुनः कहता हूँ गीता किसी देश, धर्म, जाती, पंथ, समुदाय का नहीं है बल्कि मानव मात्र के लिए है। गीता की कसमें खा सच को पचाना उद्देश्य नहीं है। गीता तो थके, हारे, गिरे हुए को उठाता है बिछड़े को मिलाता है भयभीत को निर्भय, निर्भय को नि:शंक
नि:शंक को निर्द्वन्द्व बनाकर जीवन जीने कि कला सिखाता है।
माँ बच्चों को निःस्वार्थ भाव से प्रेम करती है उसी तरह मातृ रूपेण गीता भी ज्ञान देकर जीवन का सर्वांगीण विकास करती है।
माँ कि गोद में जिस तरह कि शांति मिलती है ठीक उसी तरह कि शांति गीता के ज्ञान में है
विश्वास नहीं होता ना……..तो सिर्फ एक बार पढ़ कर देखो

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous
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कुछ तो बात होगी…..!!!!

May 8, 2019
Shanky❤Salty
मेरी ज़िंदगी दुःखों का सागर बन चुका है
तुम आ जाओ ना
खुशियों कि कश्ती ले कर

ये क्या हो गया है इसे😨

फिर से उदासी के सागर में😟

कुछ तो बात होगी😳

Published by “Anonymous” On behalf of Ashish Kumar
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एैसा क्यों…….!!!!

April 19, 2019
Shanky❤Salty
ये दुनिया भी बड़ी अजीब है
रोते हुए के आँसू नहीं पोछती है
बल्कि उत्सुकता से पूछती है
क्या हुआ
और अगर ना बतलाओ तो
थोड़े और आँसू दे जाती है

Written by:- Ashish Kumar
Published by:- Anonymous
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हे राम जी…..!!!!!

April 12, 2019
Shanky❤Salty
सुनो ना राम जी,
मुझे एक प्यारी सी बात आपसे है कहनी
ज्यादा वक्त लेंगे ना हम ,जरा सी बात है बतलानी
वैसे तो आप सब कुछ जानते हो
अपनी हि जन्म भूमि पर टेन्ट में जो रहते हो
चुनावों का मौसम है आया
सत्ता का लालच है भाया
क्या कहूँ मैं आपसे हम भी तड़पे है कितना
आपके बिन तड़पे थे भरत जी जितना
कैसे बताए हम, 14 वर्षों तक बिछड़े भरत जी
कैसे बताए, हम 134 वर्षों से तड़पे राम जी
एक दिल था, बिन मोल वो तुमको दिया
बस कर दिल में, कर अनमोल तुमने दिया
क्या बतलाऊँ, क्या जताऊँ, क्या समझाऊँ
कैसे पढ़ू, कैसे लिखुं, कैसे गाऊँ
विरह के गीत मैं
पास होकर भी दूर लगते हो
सुनते तो आप हो, कहते कुछ क्यों नहीं
मंदिर वही बनाएँगे
मंदिर हम ही बनाएँगे
पर तारीख नहीं बतलाएँगे
गर तारीख बतलाएँगे
तो सियासत कि रोटी किस पे सकेंगे
अटल, अशोक जैसे हजारों राम भक्त आए
आँखों में भव्य मंदिर राम का सपना लिए
आँखें बंद कर राम नाम सत्य है की गुंज के साथ चल दिये
छप्पन इंच का सीना भी सत्ता में सिमट गया
पप्पू भी राम भक्त कहलाने कि होड़ में दौड़ गया
कसम हम राम की खाते हैं
भव्य राम मंदिर हम क्यों नहीं बनाते हैं
मीठी निगाहों से देखेंगे आँखें बंद करने से पहले
दिल में बसाएगें आपको धड़कन रूकने से पहले
रामायण में सिखया आपने खुद से दूर ना रहना
फिर क्यों चल दिये छोड़ मुझको यहां कोई ना अपना
राम जी बोलो ना कुछ धैर्य टूटता है अपना
भव्य राम मंदिर के सिवा कुछ नहीं है सपना

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Ziddy Nidhi
Published by:- Anonymous
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मेरी अंतिम यात्रा……!!!!

April 4, 2019
Shanky❤Salty
मैं लेटा हुआ था
बर्फ के बिस्तर पर
जैसे जैसे बर्फ पिघल रहा था
अपने के आँखों से आँसू निकल रहा था
मिलने को हर कोई बेताब था
या राम नाम के नारे लगाने को बेताब था
हर कोई भरी आँखों से
मेरी अच्छाई गिन रहे थे
पर ये सब से बेफिक्र
मैं निश्चिंत हो लेटा था
मैं अक्सर दूसरों को सहारा देनें कि चाह रखता था
पर आज खुद चार कंधों के सहारे लेटा था
मेरी आँखें बंद रहेंगी
पर हर एक को मैं देखूंगा
जो आग मेरे सिने में जल रही थी
वह आग पूरे शरीर में लगने वाली थी
व्यर्थ कि चिंता में मैं हड्डी हो गया था
वह हड्डी भी चिता पर लेट राख बनने वाला था
मेरी अस्थीयों को तुम अपने आँसुओं से गीली कर गंगा में विस्रजीत कर देना। जीते जी पुण्य तो ना अर्जित ना कर सका। तुम मेरी मृत्यु के बाद अपना फर्ज पुरा कर देना।
मेरी प्रियतम भी किसी कोने में खड़े हो अपने आँसू
पोछ मुझसे लिपटने कि इच्छा मन में ला रही होगी
पर अब जिस्म से लिपट कर क्या करोगी……..रूह तो निकल गईं……..अब पल भर में जिस्म भी राख बन जाएगी…….और
मेरी अंतिम यात्रा कि कहानी राम नाम के साथ थम जाएगी।
चलोगें ना तुम सब मेरी अंतिम यात्रा में
एक अद्भुत लेखिका ज़िद्दी निधि जिसे हम जब तक समझेंगे, तब तक ये दुनिया से अलविदा कह चुकी होंगी। मेरे लेख में सुझाव देने के लिए आपका ह्रदय से धन्यवाद🙏
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Meet Me When……!!!!!

March 26, 2019
Shanky❤Salty
Meet me when You ready to give me a Milky bar
Meet me when My dream looks broken
Meet me when I start recollecting my happiness
Meet me when I’m unable to recognize myself
Meet me when You understand my pain
Meet me when I don’t have any tears in my eyes
Meet me when I can’t speak a single word
Meet me when I can’t listen a single voice
Meet me when My heart is stop working
Meet me when I’m free from all responsibilities
Meet me when Everyone ready to give me a shoulder
Meet me when I stop writing
Simply
Meet me when My body & soul will separate
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Holiii……!!!!!!

March 21, 2019
Shanky❤Salty

This festival of Holi is to humorous humor and awaken the hidden joy-nature.
Holi means
Hooo…….Liii……
Passed away so much.
Do not hate him, do not think much of him.
It’s past, not the past.
Do not fear the future, do not be trapped in the present.
Do not attachment, do not attach yourself.
Make your heart feel free to pray. Do not you dare!
Get up and walk, towards self-realization.
Go to color in their color, then Holi of yours will make you great and immortal.
Forget what has gone, forgive every one, and Rock your life…

Wash out every worry, tensions and burden with the beautiful colours of Mother Nature!

Play Holi as much you want, Celebrate life as much you want & Be happy as much you can!

Just BE CAREFUL THAT IT SHOULDN’T HURT ANYONE & HARM YOURSELF in any ways!

Say No to chemicals & synthetic colours, go green, go eco friendly!

Happy Holi, guys!

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याद आऊँगा…….!!!!!

March 16, 2019
Shanky❤Salty
सुनो ना……!!!!!!
गुस्सा मत होना कभी
मेरी बातो और मेरी हरकतों से दोस्तों
क्योंकि
इन्ही हरकतों की वजह से
मैं तुम सबको हमेशा याद आऊँगा
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अकेला हूँ……..!!!!!

March 13, 2019
Shanky❤Salty

अकेला हूँ तनहा हूँ

रोता हूँ, लिखता हूँ

सच कहता हूँ मैं

खुद की महफिल सजाता हूँ

खुद में ही जीता हूँ

सुबह जल्दी ना उठो तो पापा हैं चिलाते

तीन रोटी ना खा पाओ तो माँ है मारती

पढ़ाई ना करो तो दीदी हैं डाँटती

दोस्तों से मिल ना पाओ तो दोस्त हैं टुटे

मेरी हरकतो से सारे रिश्ते हैं छुटे

सच कहूं तो हम खुद से रुठे

लाखों की भीड़ में खुद को मैं खोजता हूँ

सब के साथ होकर भी सब से दुर मैं होता हूँ

यादों के सहारे जीने कि कोशिश मैं करता हूँ

जिंदा होकर भी लाश मैं बनता हूँ

अकेला होकर मैं चलता हूँ

अधूरा होकर मैं चलता हूँ

आँखें छुपाकर मैं चलता हूँ

आँसू छुपाकर मैं चलता हूँ

भीड़ से दूर होकर मैं अकेला चलता हूँ

अतित को भूलाने की कोशिश करता हूँ

लोगों को समझने की कोशिश करता हूँ

पर

सब अपनी ही सुनाते

सुनता ना कोई मुझे

सब मुझे ही समझाते

समझता ना कोई मुझे

खुद की बातें ही करते

करता ना कोई हमारी बातें

रुठता है हर कोई मुझसे

हम ना रूठते किसीसे

अकेला हूँ

सहारा देने तो न आ पाओगे

कंधा देने तो आ ही जाओगे

बहुत हो गया अब

जाने भी दो न यारों

बेकार की बातों का

दास्तान सुनकर क्या करोगे

खामोशी मेरी युंहीं नही है

बस दर्द ने बे-जुबान कर दिया है

I’ve been able to follow your steps on how to create and write a blog. Thank you Jiddy Nidhii for providing detailed and actionable information.
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My Burning Diary…..!!!!

March 9, 2019
Shanky❤Salty
Dear Someone,
You hurt me and then you say ‘sorry’ But you hurt again. You say ‘you don’t love me’. Then you show some love. After that you ignore me again. You treat me just as a Toy, which you need when you are bored. Then you throw away. Just like a thing that you pick up in need only in need, then you find it useless. My heart pains each time, but you never understand my tachycardic problem. I Still want you to be happy with Me And just want your arms to die in.

JUST WANT YOU TO BE ONLY MINE
Dear, still I love you. But I’m sure you never understand me or my love because you are a child & child always play with a toy and shanky is also a toy.
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महाशिवरात्री…….!!!!

March 4, 2019
Shanky❤Salty

जहाँ पर

ज़िंदगी को नतमस्तक होनी पड़ती हो

मृत्यु को इजाजत लेनी पड़ती हो

वहाँ पर

पालनहार हो तुम

विनाशक हो तुम

त्रिपुरारी हो तुम

त्रिभुवन सुख दाता हो तुम

मेरे ह्रदय के स्वामी हो तुम

नर्मदा का कंकर हो तुम

हमारे शिव शंकर हो तुम

जन्म से दूर हो तुम

मृत्यु के गुरूर हो तुम

ध्यान में लीन हो तुम

गंगा के समान शालीन हो तुम

शून्य हो तुम

शुरुआत हो तुम

अंत हो तुम

अंत के अन्नंत हो तुम

आँखों कि आश हो तुम

ह्रदय कि प्याश हो तुम

मंदिरों कि ज्योत हो तुम

श्मशानों कि राख हो तुम

राम के आराध्य रामेश्वर हो तुम

रावण के आराध्य रूद्र हो तुम

विष्णु के ह्रदय से निकलने वाले भुवनेश्वर हो तुम

ज्ञान में गुरूगीता हो तुम

ध्यान में ऊँ कार हो तुम

ब्रम्हा का ज्ञान हो तुम

विष्णु का ध्यान हो तुम

नृत्यों में नृत्य हो तुम

गीतों में गीत हो तुम

तेरी मोहब्बत से ही मोहब्बत में मोहब्बत है जोगी

तरी खुशबू से ही खुशबू में खुशबू है योगी

चिता कि राख लपेट तुमने उसे पवित्र कर दिया

अघोरी हो तुम

विष को कंठ मे धारण उसे भी अमृत कर दिया

नीलकंठ हो तुम

पाताल का द्वार हो तुम

वैकुंठ का भी द्वार हो तुम

सच कहूं तो स्वयं मोक्ष हो तुम

प्रचंड हो तुम

तांडव हो तुम

गर्जना हो तुम

मौन हो तुम

सुख जिसे सुखी कर ना सके

दुख जिसे दुखी कर ना सके

वह दिव्य ज्ञान हो तुम

भोले हो तुम

इसलिए नाथों के नाथ भोलेनाथ हो तुम

अंधकार हो तुम

उसको चीरता हुआ प्रकाश हो तुम

हे विषधर,

आज चार मार्च को

महादेव कि बारात में

महाशिवरात्री कि रात में

विषपान करा दो

अधरामृत का पान करा दो

भक्ति सुधा रस में लिन करा दो

ऊँ नमः शिवाय का आत्मगुजंन करा दो

शंभू बन स्वयं-भू से मिला दो

बं बं बं का अनहद नाद सुना दो

सुना है ग़ालिब ने माला तोड़ दी थी यह कह कर

गिनकर क्यों नाम लूँ उसका जो बेहिसाब देता है।

आज हमने भी यह सोच अपनी कलम रख दी

कही दर्द ना हो जाए मेरे महादेव को, कलम कि नोक के नीचे आ के।

मैं अक्सर महादेव से कहता हूं

तुझसे ही तो रोशन यह चाँद सितारे है

और वह चाँद अक्सर महादेव से कहे

चाँद तु हमारा है

गीता मे श्री कृष्ण कहते है

नाहं वसामि वैकुंठे योगिनां हृदये न च।

मद्भक्ता यत्र गायन्ति तत्र तिष्ठामि नारद।।

अर्थात:- हे देवर्षि ! मैं न तो वैकुण्ठ में निवास करता हूँ और न ही योगीजनो के ह्रदय में मेरा निवास होता है। मैं तो उन भक्तों के पास सदैव रहता हूँ जहाँ मेरे भक्त मुझको चित्त से लीं और तन्मय होकर मुझको भजते है। और मेरे मधुर नामों का संकीर्तन करते है।

और महादेव मैं कहता हूं

काल जिसके अधीन है वह महाकाल है

महाकाल जिसके अधीन है वह आशीष है

Thank you so much Jiddy Nidhi for helping me to publishing this post.
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सुन रही हो तुम……!!!!!

February 21, 2019
Shanky❤Salty
ना कुछ कहा हमने, ना कुछ कहा तुमने
सुना कुछ हमने, सुना कुछ तुमने
हाँ मैं झूठा, मेरा हर वादा झूठा
हम रूठे एक-दूजे से, टूटा रिश्ता ख़ातिर इसके
पर तुम तो सच्ची थी
तेरा हर वादा भी सच्चा था
फिर क्युं है ये दूरी
कैसी है ये मजबूरी
पर अब
मेरा हर झूठ सच्च
तेरा हर सच झूठ
रो-रो कर तुम मुझे पढ़ती हो
रो-रो कर मैं तुझे लिखता हूँ
ख्वाब जो साथ बूने थे हमने
अब दूर हो उधेड़ रहे उसे
हम सिमटते थे कभी बाँहों में
अब सिमट कर रह गए यादों में
होंठों पे मुस्कान लाके
हम आँसू छुपाते रहे
इश्क में पड़
हम एक-दूजे से नजरें चुराते रहे
न जानना है तुम कैसी हो
न बतलाना है मैं कैसा हूँ
बस मालूम है
हालात पहले जैसा नहीं
आती हो हर रोज तुम
ख्वाबों में
गर है हिम्मत तो आओ तुम
हकीकत में कभी
वक्त के जाल में उलझा हूं
खुद को मैं लाचार समझा हूं
अब बस करता हूं
फिर कभी लिखुगा
सच कहूं तो
फिर कभी रोऊगा
Thank you so much Jiddy Nidhi for helping me to publishing this post. And this is my “100 Post”.
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Divine Love…….!!!!!

February 10, 2019
Shanky❤Salty

Let’s celebrate the day of love (Valentines’ day) OR week of love (Valentines’ week) but with self-restraint and for true development. If young boys and girls meet, it will only lead them to ruin. The celebration of Valentines’ day /week, which promotes nothing but passion, lust and promiscuity. In the future, they will breed irritability, emptiness, depression, frustration, premature old age and death. The celebration of valentines’ day/week is on ruinous path. People there are falling prey to sexually transmitted diseases and depression celebrating the likes of Valentines’ day/week.

Why should you imitate them?
Valentines’ Day that encourage people to live an immoral life are the prime factor behind widespread rejection of traditional sexual codes in many countries. This has caused the degradation of such nations. Even after spending crores of dollars on ‘abstinence only’ campaigns in schools, government of these nations have failed to solve the consequent problems. Now this evil custom is spreading all over the world. Therefore, now its our responsibility to preserve our moral values.

When I read the Innocenti Report Card my heart grieves.

According to Innosity Report Card

  • 12 lakh 50 thousand adolescents of 13 to 19 years each year in 28 developed countries become pregnant.
  • 5 lakh of them get abortions.
  • 7 lakh 50 thousand virgin mothers become every year.
  • 4.84 million Orphan children are born in the United States.
  • 30 million teenage juveniles are victims of sexually transmitted diseases.
  • 50% of those who have unprotected sex are likely to have gonorrhoea.
  • 33% have genital herpes.
  • One percent of AIDS.
  • 25% of new AIDS patients are under 22 years of age.
  • Today 33% of schools in America are taught ‘only restraint’ under sex education.
  • About 25% of those related to adolescents are suffering from sexually transmitted diseases.
  • For this, the US spent more than 40 million dollars (20 billion rupees).
To read Innocenti Report Card Click here

Love is innocent, love unites us with God, love unites with Allah. Love is the name of supreme power. The true feeling of love will do well not only India but the entire humanity. My heart grieves overseeing the conditions of such young boys & girls ruining their life during student life forming premarital relationship. I get moved emotionally when I see the human society heading towards decline. My heart is deeply anguished for the reason that people say “It is the progress”. I find it to be the age of ruination for the youth. Such a destructive age is unprecedented in the human history. I don’t want to oppose any body but I feel grieved overseeing the destruction of humanity.

I personally support the few state governments those who start the Regard Mother as a god, Regard Father as a god. I think all people should respect their parents.

Why should not we develop real love? I think every people/young boys/young girls should greet, respect and worship their true love that is parents on this day. And parents should love their children. This love is called real love or true love or divine love. Passion and lust give a bad name to love. This is a big difference between love and lust. Lust gives rise to sexual excitement and thoughtless gratification of desires. And love always gives eternal joy. It helps one behold oneself in all creatures.

I don’t want that the young boys & girls should be elevated. May the whole of humanity be saved from the attack of sexualisation and go forward on the path of self-restraint and virtue to live a healthy, happy and honourable life.
In our Indian culture we told that May all be happy. I don’t want to refute anybody but I do want that if one of our brethren has gone astray and is giving a flower to a neighbouring girl, thereby losing his right of calling her sister and the sister by accepting the flower from him is becoming an object of lust.

Spread your fragrance like a rose, may the whole world know you.

We never give a single rose to our parents but we give a bunch of roses to our girlfriend or boyfriend.

Is it right??

Lead a healthy, happy and honourable life, a life of self-control and virtues. Do not get overwhelmed by the attack of passions and carnal desires.
Parents have spent longer time in this world, so they are more experienced than us. We easily get the benefit of experience of the three simply by respecting them. So, whosoever wants to progress in life must obey, respect and worship our parents.

Young boys and girls get entangled in premarital relationship by celebrating day of love or day of lust.
When I read some article regarding bad effect of valentines’ day. I think No Hindu, No Christian, No Muslim, No Sikh parents wants his or her child to be spineless due to premarital relationship. No parents wants his or her child to disobey his or her and violate social norms and succumb to a profligate lifestyle, becomes mean by leading a selfish life, moan and groan in the old age. If the children respect their parents, they will receive auspicious blessings from their hearts which will save these future leaders of the nation from the evils of lust day.

The study and survey of the children and youth of 14th developed and developing countries conducted by MTVN international has revealed that Indian children and youth are the happiest and the most affectionate among all.

The report published in London and New York says that the main reason behind this is the family affection and devotion to family in Indians. The Indian youths said that their parents have played a vital role in making their lives happy and solving their problems. Parents nourish their children by all means in India and the parents are nourished by our Indian culture. All we want to be great in life and the ways to become great are also easy.

According to a survey of ‘Commerce and Industry Board’ (Assocham)
During the week associated with Valentine’s Day flowers, chocolates etc. The sale of various gifts is estimated to reach around Rs 22,000 crore. Was there. Valentine’s Day is the day to promote market and animal sexual desire. Selfish elements by encouraging it, the child and the younger generation are being pushed to the devastation. In addition to full, chocolate and gifts, foreign companies making medicines for contraceptive devices and pharmaceuticals, pornography, Viagra and sexually transmitted diseases such as Drugs and Diseases, – We are spending billions of rupees, whose victims are getting people all over the world. Through valentine day or lust day.

In the guise of Valentine’s Day, the business of cheating workers is also very strong. Statistics of the London Police (UK) ‘National Frog Intelligence Bureau’ show that the British public lost their smugglers in the name of about 34 million pounds of love. This figure is 33% and it has increased. More than half of the victims of this romance scandal have had serious emotional impact on physical and financial skills.

Many countries of the world have taken hard steps to protect their young generation from the mess of Lust Day or Valentine’s Day. Valentine’s Day was banned in the Belgorod State of Malaysia, Iran, Saudi Arabia, Indonesia and Russia in the last few years.

Diane Bryce, Director of Suicide Prevention Service of the Central Coast, California (USA) has been witnessing a trend for the last 23 years, in which he states that “Valentine’s Day” marks the beginning of the most suicidal killings.

I’m very happy to listen that few states of India can celebrate real love day as a worship of parents on February 14. This is announced by the government of different states like Madhya Pradesh, Chattishgarh, Jharkhand, Punjab, Uttarakhand, Assam, and many more.
I extend my heartiest thanks to these government.

सोकर स्वयं गीले में,
सुलाया तुझको सुखे में।
माँ की अमीमय आँखों को,
भूलकर भी गीला ना करना।।
माँ की ममता का
और
पिता की क्षमता का
अंदाजा लगाना असंभव है
And thank you so much Prerna Sharan and Priyanshi Dubey for helping me to publishing this post.
By the way, Heartiest Greetings on the occassion of BasantPanchami. May our lives Shine With The Light Of Knowledge and Blessings Of Maa Saraswati.
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चाँद कि यादें…….!!!!

January 16, 2018
Shanky❤Salty

तुम अक्सर कहा करती थी

चलो ना

आज हम सारी रात जागते है

और उस चाँद को देखते है

चाँद को देखते देखते

सुबह कब हो जाएगी हमें पता हि नहीं चलेगा

मैं तुम्हारे साथ हि

सूरज कि पहली किरण देखना चाहती हूं

चलो ना आज हम पागलपन करते है

तुम बहुत गंदे हो

हर वक्त ना ना करते हो

चलो ना

बस एक बार

नही जाओगे ना

ठीक है मैं हि जा रही हूं

और सच में वो चले गईं

आसमान में तारा बन

हर रोज चाँद को देखती है

सुबह सूरज निकलने तक

फिर शाम होते मुझे और चाँद को

देखने आ जाती है

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सुनो ना…….!!!!!

January 12, 2018
Shanky❤Salty

सुनो ना….

मुझे तुम्हारे साथ रहना है

कुछ कहना है

हां सच में

कुछ कहना है…..

हम तुम हो सिर्फ

तुम हम हो सिर्फ

और कुछ भी ना हो

मैं खामोश रहूंगा

तुम कहना सिर्फ

नहीं नहीं………

तुम खामोश रहना

मैं कहुंगा सिर्फ

सुनो ना…….

या फिर

हम दोनों सुनेगें

एक दूसरे को

जो कैद है

अब तक

हमारे सीने में……

जी भर के रो लेंगे

हम एक दूसरे कि बाँहों में

जी भर के जी लेंगे

कहते कहते……

हम तुम्हारे है

तुम हमारी हो

जुबान लड़खड़ा उठेगी

हमारी फिर से

जब नाम तुम्हारा हम लेंगे

बस

लिपट कर

रो लूंगा फिर

जब मैं

तुमसे अलविदा कहूंगा

मैं

तुम्हारी यादों को समेट कर

दीपक जला

जीने कि कोशिश करूँगा

फिर तुम

हवा बन कर चली आना

दीपक बुझा कर

मुझे अपने साथ ले जाना……..

हाँ मैं

फिर से तैयार हूं

बस तुम चली आना

मिल्कीबार लिये

मैं तैयार हूं

साथ चलने के लिए

क्योंकि

मुझे तुमसे कुछ कहना था

पर तुमने सुना नहीं

और तुम्हें भी कुछ कहना था

पर मैंने सुना नहीं

खैर छोड़ों पुरानी बातों को

ले चलो मुझको यहां से

सबसे दूर

अपनी दुनिया में

अपना बना कर

जहां सिर्फ हम तुम हो तुम हम हो

क्योंकि मैं फिर से

थक गया हूं

टूट गया हूं

.

.

.

.

सुनो ना…….

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चिंता या चिता……!!!!

January 5, 2018
Shanky❤Salty
चिंता कि आग में
क़तरा-क़तरा मर रहा था
यह देख मौत ने भी मुस्कराते हुए दस्तक दि
फिर क्या
चिता पर निश्चिन्त लेटा था मैं
और अपने मुझे आग दे रहे थे

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