चाँद कि यादें…….!!!!

January 16, 2018
Shanky❤Salty

तुम अक्सर कहा करती थी

चलो ना

आज हम सारी रात जागते है

और उस चाँद को देखते है

चाँद को देखते देखते

सुबह कब हो जाएगी हमें पता हि नहीं चलेगा

मैं तुम्हारे साथ हि

सूरज कि पहली किरण देखना चाहती हूं

चलो ना आज हम पागलपन करते है

तुम बहुत गंदे हो

हर वक्त ना ना करते हो

चलो ना

बस एक बार

नही जाओगे ना

ठीक है मैं हि जा रही हूं

और सच में वो चले गईं

आसमान में तारा बन

हर रोज चाँद को देखती है

सुबह सूरज निकलने तक

फिर शाम होते मुझे और चाँद को

देखने आ जाती है

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सुनो ना…….!!!!!

January 12, 2018
Shanky❤Salty

सुनो ना….

मुझे तुम्हारे साथ रहना है

कुछ कहना है

हां सच में

कुछ कहना है…..

हम तुम हो सिर्फ

तुम हम हो सिर्फ

और कुछ भी ना हो

मैं खामोश रहूंगा

तुम कहना सिर्फ

नहीं नहीं………

तुम खामोश रहना

मैं कहुंगा सिर्फ

सुनो ना…….

या फिर

हम दोनों सुनेगें

एक दूसरे को

जो कैद है

अब तक

हमारे सीने में……

जी भर के रो लेंगे

हम एक दूसरे कि बाँहों में

जी भर के जी लेंगे

कहते कहते……

हम तुम्हारे है

तुम हमारी हो

जुबान लड़खड़ा उठेगी

हमारी फिर से

जब नाम तुम्हारा हम लेंगे

बस

लिपट कर

रो लूंगा फिर

जब मैं

तुमसे अलविदा कहूंगा

मैं

तुम्हारी यादों को समेट कर

दीपक जला

जीने कि कोशिश करूँगा

फिर तुम

हवा बन कर चली आना

दीपक बुझा कर

मुझे अपने साथ ले जाना……..

हाँ मैं

फिर से तैयार हूं

बस तुम चली आना

मिल्कीबार लिये

मैं तैयार हूं

साथ चलने के लिए

क्योंकि

मुझे तुमसे कुछ कहना था

पर तुमने सुना नहीं

और तुम्हें भी कुछ कहना था

पर मैंने सुना नहीं

खैर छोड़ों पुरानी बातों को

ले चलो मुझको यहां से

सबसे दूर

अपनी दुनिया में

अपना बना कर

जहां सिर्फ हम तुम हो तुम हम हो

क्योंकि मैं फिर से

थक गया हूं

टूट गया हूं

.

.

.

.

सुनो ना…….

आख़िर क्यों….!!!!

November 4, 2018
Shanky❤Salty

आख़िर क्यों

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एक कहानी एैसी भी….!!!!

October 11, 2018
Shanky❤Salty

एक कहानी एैसी भी

जहाँ चंद सिक्कों के लिए

जिस्म बेचा जा रहा है

बात तो हम समलैंगिता कि करते है

पर दोस्ती के पवित्र रिश्ते पे सवाल उठाते है

वैश्यावृति पे बात करते है

पर कोठे पे जा सौदेबाजी करते है

घर पे चुल्हे कि आग जलाने के लिए

रात भर जिस्म को हवस कि आग में वो खुद को जलाती रही

बारिस कि बुंदों में

उसकी आँखों में आँसू देखा है

बच्चों के पेट भरने के लिए

खुद को बजार में बेचते देखा है

उसके शरीर पे चंद खरोचे हि थी

असली जख्म तो दरिंदों ने आत्मा में दि थी

जात-पात कि दुनिया में

वैश्यालयों पे रहती महिलाओं के जात कोई नहीं पूछता

ईश्वर के घर को भी दरिंदों ने नहीं छोड़ा

हवस कि आग में बच्चीयों को जलाकर

दरिंदगीं का छाप है छोड़ा

कच्ची उम्र में वो धंधे पे आईं

हालात कि मार है वो खाईं

हर रात अपनी एक नईं कीमत वो पाईं

उसकी चीख और आँसू भी काम है आते

लोग मुस्कराते हुए पैसे दे जाते

लोगों ने तुम्हें “तोल दिया”

“तुम कहीं भाग गईं” घर वालों नें झूठ है बोल दिया

पर हकिक्त में अपनें नें तुम्हें है बेच दिया

मर्दों में हवस कि आग ना होती

तो घर के बाहर हर बच्चीयाँ महफुज होती

और वह औरत आज तवायफ ना होती

बस इतनी सी ही है लाल बत्ती कि कहानी

Image credit SG16
Special thanks to Shilpa from Meergunj, Allahabad

आजादी का पर्व……!!!!

August 15, 2018
Shanky❤Salty

काफी दिनों के बाद मैं आज सुबह जल्दी उठा
क्युकिं पापा को आज ऑफिस जल्दी जाना था
घर से बाहर निकला दूध लाने को
तो थोड़ा अचम्भित रह गया

सड़के साफ सुथरी नजर आ रही थी
हर दुकान तिरंगे से सजा हुआ था
हर गाड़ी पे तिरंगा लगा हुआ था
छोटे छोटे बच्चे हाथों में तिरंगा लिए स्कूल जा रहे थे

तभी मेरे फोन पे एक मेसेज आता है
सुप्रभात!!!!! हैप्पी इंडिपेंडेंस हे!!!!!

और मुझे ज़ोर से हँसी आती है
क्युकिं आज वही आजादी का पर्व है जब
लाल किले से कोई पगड़ी वाला
आपना मौन व्रत तोड़ेगा
और देखकर भाषण पढ़ेगा

या
कोई छप्पन इंच सिने वाल
नई-नई योजनाएँ लाएगा, सरकार कि उपलब्धियाँ गिनाएगा

आज बड़ी-बड़ी दुकानों में
बड़े-बड़े अॉफर मिलेंगे
पर हर चौराहे पे एक गरीब बच्चा
फटे-पुराने कपड़े पहने
तिरंगा बेचते जरूर मिलेगा
और कुछ वाहियात इंसान वहाँ देखने को भी मिलेगे
जो उन बच्चों से तिरंगे लेते वक्त मोल-भाव करते नजर आएँगे

पूरे देश में सुबह से शाम तक
हर जगह आजादी का पर्व मनाया जाएगा
सोशल मिडिया भी हर जगह तिरंगें के रंग में डूबा नजर आएगा
फिर रात होते-होते सब खत्म हो जाएगा

अगले दिन फिर सड़के गंदी ही मिलेगी
देश का झंडा कहीं ना कहीं गिरा हुआ जरूर मिलेगा
पगड़ी वाले का मौन व्रत फिर से शुरू होगा
छप्पन इंच का सिना फिर सिकुड़ेगा

क्युकिं आजादी का पर्व जो खत्म हो गया है
भ्रष्टाचार कर लोग आपनी जेबें गरम करेंगे
लड़कीयों को छेड़ कर गुंडें-मवाली आपनी आँखें सेका करेंगे
बलात्कार और रेप कर आपनी हैवानीयत का प्रदर्शन करेंगें
जाती और धर्म के नाम पर दंगा कर नंगा नाच करेंगे
और जो कुछ भी बचा हो वो सब हम करेंगे
क्युकिं आजादी का पर्व जो खत्म हो गया है

देश कि हालाता बहुत अजीब सी हो गई है
हर गली में एक रोता हुआ आशिक जरूर मिलेगा
हर गली में एक इंजीनियर जरूर मिलेगा
हर गली में एक डॉक्टर जरूर मिलेगा
पर शायद ही एक एैसा इंसान मिलेगा जो गर्व से सेना को या देश को समर्पित होता नज़र आएगा
लेकिन हर गली में देश को बर्बाद करने वाली एक सोच जरूर मिलेगी
जो कभी भगवे रंग से
तो कभी हरे रंग से
तो कभी सफेद रंग से
नफरत करती नजर आएँगी

पर उन छोटी सोच वालों को कौन समझाए
कि जिस रंगों से उन्हें नफरत है
अगर वो सभी रंगों को जोड़ दिया जाए
तो वह भारत देश का झंडा “तिरंगा” बन जाता है
और वह बिन हवा के तिरंगा आज भी लहरा रहा है
क्युकिं सेना का जवान और खेत का किसान
बिन बेईमानी जी रहा है

सोच अच्छी हो और देश के लिए कुछ करने के लिए आगे बढ़ो तो
कुछ एैसे अधिकारी सामने आ ही जाते है
जो कहते है “ये सब से तो देश को फायदा होगा पर हमारा क्या फायदा”

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गरीबी…..!!!

July 9, 2018
Shanky❤Salty

मुझे आज कुछ कहना है
इस गरीबी पे
इस भूख पे
क्युकिं आज मैंने गरीबी और भूख को पास से देखा है

चार दीवारी में बैठ कर
मैं घर बनवा रहा
बाहर कड़ी धूप में मजदूर-मिस्त्री को जलते देखा
ताकि वो अपने घर का चुल्हा जला सके

गरीबी बिन माँगे हुनर देती है
बीस कि उम्र में मजदूरी करना सिखा देती है
चावल के कुछ दाने ही काफी है भूख मिटाने के लिए
सुना है गरीबी फरमाईस का मौका नहीं देती है

गरीबी जान निकाल देती है
सपनों को कैद कर
आँखों से आँसू निकाल देती है
पेट कि आग को भात-भात कह कर मौत देती है

कोयले के खदान में एक भूत देखा
कालिख से पूता हुआ था
कोयले के खदान में आग लगा था
पर शायद उस भूत के पेट में आग लगा था
सरकार इसे कोयला चोरी कहती है
लेकिन भूल जाती है अपने किये हुए वादे!!!
कोई भूखे पेट नहीं सोएगा!!!
कोई बेघर नहीं रहेगा!!!
बाल मजदूरी रूकेगी!!!
गरीबी मिटेगी!!!

पगड़ी वाले से चाय वाला आ गया
पर कभी किसी को
गरीबी-बेरोजगारी-भुखमरी के लिए गठबंधन करते नहीं देखा गया!!!
वादों से आपनी झोली भरना आता है इन्हें
पर भूखे का पेट भरना नहीं आता है

गाँव से गुजर रहा था
एक झोपड़ी के बाहर सुस्वागतम् लिखा था
शहर आया, और देखा
एक अलीसान मकान के बाहर कुत्ते से सावधान लिखा था
आप भी देख सकते हो
गरीब के पास धन कि दरिद्रता
परंतु उसका ह्रदय दरिद्र नहीं है

किसी कि बाहरी चमक से उसकी पहचान नहीं होती
उसकी सोच, ह्रदय का भाव मायने रखता है

किसी गरीब ने सच ही कहा था

मेरी ये भूख भी पेट से है मालिक
हो सके तो इसका भी गर्भपात करवा दो

Image credit SG16