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ज़िंदगी के रंग…..!!!!!

July 10, 2020

Shanky❤Salty

कभी ज़ेहन में ख्याल आता था लिखना बहुत आसान है। बस चाहिये काग़ज़, क़लम, एक दिल, दिमाग़ और कुछ लफ़्ज़, बस लिखने का सिलसिला चल निकलता है। लेकिन जब लेखनी हाथों में लिया, तब समझ आया लफ़्ज़ों, नज़्मों, कविताओं के खेल निराले होते हैं। तूलिका पकड़, कल्पना के सहारे ज़िंदगी के सच्चे रंग नहीं उकेरे जा सकते। ऐसे रंग कभी बहुत गहरे, कभी हल्के और कभी बदरंग हो जातें हैं।
लिखने के लिये चाहिये जिंदगी के सच्चे सबक, सच्ची सीख, चोटें, अनुभव और उनसे निचोड़े लफ्ज़। इनसे बनती हैं सच्ची कविताएँ और नज़्म। सच है, दिल से निकली बातें हीं दिल तक जाती हैं। बहते पानी सी अनवरत चलती ज़िदगीं ने बहुत रंग दिखाये। जीवन में उतार-चढ़ाव और ठहराव दिखाये। ख़ुद आईना बनने की कोशिश में इन सब को शब्दों और लफ़्जों का जामा….लिबास पहना कविता का रुप दे दिया। ज़िंदगी को इन कविताओं में ढालने की यह कोशिश कैसी लगी? क्या ये कवितायें आपके दिल को छूती हैं? पढ़ कर देखिये न रेखा आंटी की किताब को।

Title: Zindagi Ke Rang
Product ID: 197911-1336776-NA-NED-T0-NIKI-REG-IND-DIY
ISBN: 9781649511652
Format: Paperback
Date of Publication: 06-07-2020
Year: 2020

Click here to read this book.

Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 3 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

47 thoughts on “ज़िंदगी के रंग…..!!!!!

  1. बहुत आभार शैंकी! इस post के लिये अौर मेरी कविता संग्रह को पुस्तक रुप देने में मदद के लिये। God Bless You !!!

    Liked by 2 people

      1. Ye sabke madadgaar hain……apne kalam chalaanaa shuru kiyaa kavita bani aur inhone ise kitaab banaane ki jidd ki hai…….abhi fehrist lambi hai……bahut bahut dhanyawad mere taraf se bhi.

        Liked by 2 people

  2. धन्यवाद दोस्त! आप बहुत अच्छा कर रहे हैं। आपने मधुसूदन सर के लिए भी मदद किया था। बहुत बढ़िया।
    यह पुस्तक पब्लिश कैसे करते हैं? कभी एक पोस्ट लिखें बिस्तर से।
    आपका धन्यवाद 💐🙏

    Liked by 2 people

    1. बस अपनी खुशी के लिए कर रहे है दोस्त। बहुत खुशी होती जब कोई एक अच्छा लेखक अपनी किताब पब्लिश करें। इस खुशी के को लिखने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। और रही बात मधुसूदन सर की तो उनके शब्दों में तो जान है😊😊😊😊

      Liked by 3 people

  3. I don’t understand your language, but your language in writing is creative *&* the English you used in your profile speak on three books you have written *&* this demonstrates that a writer in any other language is a writer. *Congrats* & *Honors*

    Liked by 1 person

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