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मेरे ह्रदयेश्वर…..!!!!

July 8, 2020
Shanky❤Salty
सुनो ना नाथ जी
कहते हैं मुझको ये लोग
लिखुं मैं तुझपे
समझते क्युं नहीं है मुझको ये लोग
कैसे लिख दूं मैं उनपे
जिन तक बुद्धि नहीं पहुँच सकती
वहां तक मैं शब्द कैसे पहुँचाऊं
जो अबाधित है हर चीज से
उन्हें मैं शब्दों से कैसे बाँध सकता हूँ
जो ध्यान में लीन हैं
उन्हें मैं कैसे ज्ञान में ला सकता हूँ
जिन्हें न भूख है न प्यास है
उन्हें मैं कैसे कुछ भी अर्पण कर सकता हूँ
जिनका न कोई नाम है न कोई धाम है
उन्हें मैं कैसे जान सकता हूँ
देखा है मैंने
भाँग पीने से
नशा चढ़ता है
ठीक उसी प्रकार
तेरा नाम मेरे अंतः में बसता है
पर तेरी सौगंध खा कहता हूँ मैं
भोले बाबा के नाम से ही सारी ज़िंदगी सुधरता है
पता नहीं मेरे ह्रदयेश्वर
तुने मुझको क्या पिलाया है
तेरे नाम के जिक्र से ही
मेरी आँखों से पानी छलकता है
है पावन ये सावन मेरे प्रभु
कहते है लोग मुझको ना जाने क्यों
सुनों जाओ बाबा के मंदिर तुम
पर कैसे बतलाऊं मैं उनको यह
कि तुम मन कि चौखट पर आ बैठते हो
होती है तकलीफ जमाने को
चढता है जब तुझपे दूध तो
कर मन मंदिर में अभिषेक तुम्हारा
हम धारा अश्रुओं से
हो जाते हैं पल-दो-पल के लिए मौन,
ओ मेरे देवा
सुनो ना,
हाँ हाँ महादेवा
अब खुश हो न
जरा बतलाओ ना उनको
ना तो जन्म उसका ना ही मरण है उसका
फिर यह आशीष शरणागत है उसका

A topic suggested by
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Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- Dr. Sakshi Pal

Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 6 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

181 thoughts on “मेरे ह्रदयेश्वर…..!!!!

    1. हमारा भी कोई अंत नहीं है और कोई आरंभ….बस चीजो में फस कर रह गय है पर कोई नहीं नाथ जी है न नाम लेते सब हो जाएगा।
      हरि ऊँ नम: शिवाय🌸😊

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  1. When your soul reaches the center of your heart, you will find the answers to your confusion, your doubts and your questions will be answered. I loved your poem. A reflection of life. I enjoy reading your verses
    Manuel

    Liked by 2 people

  2. Pure masti ki ye ho Shiv ji k sath. Warna ye words nahi likhte “ओ मेरे देवा सुनो ना, हाँ हाँ महादेवा अब खुश हो न” tu us supreme power k sath aise baat karte ho. Pranam h tumko shanky or tumhare love ko shiv ji k liye.

    Liked by 1 person

  3. बहुत ही खूबसूरत रचना।
    कलम तेरी,शब्द तेरे,
    कागज भी तुम्हारे
    मैं क्या लिखूं
    लिखनेवाले की कलम का
    मैं भी एक रेखा।

    Liked by 2 people

      1. इस रेखा की लम्बाई बढना घटना सब उस रचयिता के हाथ में,
        मैं लिखूं वही जो वह चाहता,
        मैं बोलूं भी वही,
        ये कदम यूँ ही कैलाश की ओर जाने को नही अग्रसर,
        नज़रों में उसी की छवि
        लबों पर उसी का नाम,
        जय भोलेनाथ
        जय भोलेनाथ। 🙏

        Liked by 2 people

  4. सुना है
    तुम खुद को मर्द कहते हो?
    औरतों के जिस्म का धंधा भी करते हो
    छोटे कपड़े न पहनने की नसीहत देते हो
    और बुरखे वाली को भी नजरों से नंगा कर देते हो
    खुद को खुद्दार कहते हो
    फिर दहेज माँग खुद नामर्द क्यों बना देते हो
    है जन्मते वे औरत के जिस्म से
    फिर होकर बड़े वे फेरते हैं हाथ औरत के जिस्मो पे
    और खुद को मर्द कहतें हैं वो…..!!!!

    I like it 😊 I don’t believe you recpect for women 😇

    Liked by 1 person

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