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अफसाने तेरे पन्नों में…..!!!!

May 31, 2020
Shanky❤Salty
एक खुश-खबरी आप सभी के साथा साझा करना चाहता हूँ।
अफसाना तेरे पन्नों मेंमधुसूदन सिंह का पहला काव्य-संग्रह है। इस संग्रह में गीत एवं कविता का शानदार मिश्रण है।
“मधुसूदन सिंह के कविताओं एवं गीतों में भावनाओं एवं कल्पनाओं का अद्भुत प्रवाह है। जिसे पढ़कर ऐसा लगेगा जैसे उन पन्नो में दर्ज अफसाने अपने ही हैं।
मधुसूदन सिंह का जन्म 17 जनवरी 1973 को नाना के घर गाँव खुदरांव जिला रोहतास में हुआ था। उनका बचपन ननिहाल में ही गुजरा। उनका पैतृक गाँव डिहरी जो कि बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित है। उनके पिता श्री सुरेंद्र सिंह किसान एवं उनकी माता श्रीमती रेवती देवी गृहिणी हैं। वे चार भाई, बहनों में दूसरी संतान हैं। मधुसूदन सिंह की पत्नी का नाम नीलम सिंह है।
मधुसूदन सिंह अपनी प्रारम्भिक शिक्षा नाना जी के यहाँ प्राप्त करने के पश्चात सीता उच्च विद्यालय हरिहरगंज पलामू,झारखंड से दसवीं तथा मगध यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। चुकि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के कारण शुरुआती दिनों में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जिसके कारण वे स्नातक की उपाधि हासिल करने के तुरन्त बाद पाँच वर्षों तक परिवार से दूर रोजगार की तलाश में दिल्ली में भटकते रहे और एक संस्थान में नौकरी करते हुए सम्पूर्ण उत्तर भारत का दौरा किया। वर्तमान में वे राँची स्थित एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं। वे बचपन से ही नाट्यमंच से जुड़े रहे मगर जीवन की आपाधापी में वे साहित्य से दूर हो गए। कहते हैं जिसके नस नस में साहित्य समाया हो भला वह कबतक अपने आप को लेखनी से दूर रख पाता है। आखिरकार वे सन 2017 में वर्डप्रेस से जुड़े और वे आज करीब 500 सौ से ऊपर कविताएँ लिख चुके हैं। और आज उनकी पहली काव्य संग्रह ‘अफसाने तेरे पन्नों में’ प्रकाशित हुई है।

Title: Afsane Tere Panno Mei
Product ID: 195201-1335597-NA-NED-T0-NIKI-REG-IND-DIY
ISBN: 9781648995057
Format: Paperback
Date of Publication: 30-05-2020
Year: 2020
Page: 94
Price: ₹120

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Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 6 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

26 thoughts on “अफसाने तेरे पन्नों में…..!!!!

  1. Reblogged this on Madhusudan Singh and commented:
    मेरे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि मेरे प्रिय ब्लॉगर,मित्र,वर्डप्रेस के हमारे परिवार Shanky आशीष जी के सराहनीय प्रयास से हमारी 40 कविताओं वाली किताब जिसका नाम “अफ़साने तेरे पन्नों में” का प्रकाशन हुआ है। जिसमे आप सभी ब्लॉगर मित्र भाईयों का भी कम सराहनीय योगदान नही। अगर आप लोग हमारा निरन्तर हौसला अफजाई नही करते तो कुछ भी लिख पाना मुश्किल था। सच कहूँ तो मैने कुछ भी नही किया। जो भी किया वह आपके वाह वाह ने ही किया है। अतः ये आपके वाह वाह का भी संग्रह है।
    अतएव आशीष जी संग आप सभी का भी बहुत बहुत धन्यवाद।🙏🙏

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  2. यह तो बड़े ख़ुशी की बात है. मधुसूदन जी को बहुत बधाई और तुम्हें धन्यवाद इस ख़ुशख़बरी को बाँटने के लिए.

    Liked by 1 person

  3. Heartiest congratulations to Madhusudan Ji. I have always admired his poetry and after reading about him also realized that I share my birthday with him. I would like to get a copy of the book.

    Liked by 1 person

      1. Ohh so sorry, I have made a mistake, I was commenting on your another post ‘Dard ek alfaz’, so sorry I was doing something else in that hurry I commented on another post, I apologise for my mistake!! I was quite confused after reading your comment after checking I realised, so sorry

        Liked by 1 person

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