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पता नहीं क्या है तू…..!!!!

March 21, 2020
Shanky❤Salty
ढल न सकी वो रात है तू
बता न सकुं वो बात है तू
उग न सका वो सूरज है तू
जिस्म से दूर है तू
रूह से पास है तू
आँखों से छलकता पानी है तू
हौसला रखने वाला साथी है तू
हाँ कुछ है तू
पर पता नहीं क्या है तू
जो भी है बहुत खास है तू
जब भी पास आती है तू
होंठो तक आते आते रुक जाता हूं मैं,
कभी किसी ने चाहा है तुझको
कभी किसी ने चाहा है मुझको
माना कि हम दोनों ने भी चाहा था उन्हें बे-इम्तेहां
चखी है हम दोनों ने ही बे-वफाई की मिठास
हाँ झांका है एक दुजे के अंदर हमने,
बची हुई है अभी भी स्वाद मन में
प्यास है इश्क की
पर कतराते है पीने से
क्योंकि कतरा-क़तरा ज़िंदगी को जीते हैं हम
है तो वो कभी न पुरे होने वाले जज़्बात ही
पर जो भी हो हैं वो बड़े कमाल के हैं

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Great Writer Ziddy Nidhi

Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 6 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

43 thoughts on “पता नहीं क्या है तू…..!!!!

  1. सुकून की रात है तू
    हर रात का चांद है तू
    पास ना होके भी तो पास है तू
    जिस्म मैं तो रूह है तू
    एक प्यारा सा एहसास है तू
    हर पल बिन बोले समझता है तू
    क्यों मुंह बना है जान जाता है तू
    खास तो कम होगा कहना
    मेरी प्यारी सी मुस्कान है तू
    पता नहीं क्या है तू
    पर एक प्यारा सा एहसास है तू
    इश्क की प्यास तेरी मेरी
    दुनिया छोटी सी तेरी मेरी
    मेरी कहानी का हिस्सा है तू
    कैसे कहूं बहुत खास है तू
    पर पता नहीं क्या है तू।

    Liked by 7 people

    1. माना की हर पल बिन बोले समझ जाता हूँ…..अकसर मन को छूकर थम जाता हूँ……किसी दिन तुम हवा से पूछते रह जाओगे मेरा पता….पर कह न पाओगे कौन हूँ मैं

      Liked by 3 people

  2. हवा से कह दूंगी तुझे छूके आए
    आए और मुझे बताए तेरे मिजाज
    पता भी क्या जरूरी उसे
    ये तो रूहों का जुड़ाव है
    तू कहीं भी हो हमेशा संग है
    सभी रिश्तों को नाम क्यों दिया जाए
    कुछ रिश्ते गुमनाम ही अच्छे लगते हैं
    पूछते हैं सब और तुम भी कौन हो तुम
    कैसे कहूं कौन हो तुम
    बस एहसासों की कहानी का
    एक एहसास हो तुम
    वो अलग बात है
    ये एहसास शब्दों के मोहताज ना हो
    और वक्त वे बक्त कह ना पाऊं
    कौन हो तुम।
    😁😁🙏

    Liked by 5 people

    1. I don’t know dear tera kya chl rha hai bs pray h tu ache se rho pr fikr hoti h 2week ho gye Koi v writing ni. Sahi h na tu? Ni v sahi h to tu kuch likh le sahi ho jayega. I’m waiting for your post. I miss you very much. Pta h tere ko gar likhna chor diya to jina chor dega tu. Please shanky. Come back.

      Liked by 1 person

  3. बहुत ही खूबसूरत रचना।
    पता नही हकीकत है या फ़साना,
    जो भी है दिल को छू गई।

    हाँ कुछ है तू

    पर पता नहीं क्या है तू

    जो भी है बहुत खास है तू

    Liked by 3 people

    1. सच कहते है सर मुझे भी पता नहीं ये हकीकत है या फसाना….पर जो भी आप सबको अच्छा लगा उस से बढ़कर और क्या होगा🙏🙏😊😊😊😊

      Liked by 1 person

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