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क्यों मैं निःशब्द हो जाता हूँ….!!!!

November 18, 2019
Shanky❤Salty
हम अजनबी थे ना….”बोलो ना हाँ”
हम जानते थे एक दूसरे को…..”बोलो ना नहीं”
फिर क्यों साथ चल दिये मेरे….???
एक ही ब्रान्च में थे इसलिए
या कोई स्वार्थ था इसलिए
या किसी ने कुछ कहा था इसलिए
है कोई जवाब
अच्छा छोड़ो ये सब
चलो कुछ और बता दो मुझे
भूख लगती थी मुझे तो तुम डाँटते क्यों थे
फिर रात को खाना खिलाने भी ले जाते थे
माना कि मैं एक-दो रोटी से ज्यादा नहीं खा पाता था क्योंकि मेरा पेट भर जाता था तुझे खाता देख
चाहे ठंडी हो या गर्मी मेरा ड्राइवर तू ही रहा करता था
हाँ और भी बेहतरीन ड्राइवर थे मेरे पास पर तू शायद ख़ास था क्योंकि तू मुझे अपनी पीठ पर सुलाया करता था
हम दोनों ही थे ना फोर्थ फ्लोर में जो सेमेस्टर के दिनों में बेफिक्र अपनी ही मस्ती में किताबों से दूर रहते थे
शायद अब तुम समझ गये होंगे मैं तुम्हारी ही बातें कर रहा हूँ
पर समझ कर क्या कर लोगे कुछ नहीं ना तो फिर चुप होकर आगे पढ़ते जाओ ना
याद है तुम्हें जब मेरे पेट में दर्द रहता था और मैं अस्पताल जाने में लापरवाही करता था तो तुम ही मुझे डाँट कर अस्पताल ले जाते थे
वो 6 बजे सुबह भी याद होगी ही तुम्हें जब तुमने मेरा पैर खींच बेड से नीचे उतार दिया था और स्कूटी की चाबी लेने नीचे भेजा था
अल्ट्रासाउंड टैस्ट में ले जाने के लिये
अगर नहीं भी याद तो कोई नहीं मुझे सब याद है तुम बस अब चुप होकर पढ़ते जाओ जो मैं लिख रहा हूँ
वो तुम ही थे ना जो मुझ से मिलने अस्पताल आये थे मेरे एक बार बुलाने पर
याद है ना मेरी मम्मी बोली थी की आज इतना ज़्यादा ख़ुश है तुमसे मिलकर
और
उठ कर बैठा है
तुम जब जाने लगे थे तो मैंने तुझे 👍 एैसा इशारा किया था जिसका मतलब तुम नहीं समझे थे कोई नहीं समझा दूँगा तुम आगे पढ़ते तो जाओ
तुम मेरे अस्पताल से छुट्टी वाले दिन भी आये थे ये बात मैं अपनी आखिरी साँस तक नहीं भूल सकता
अगर तुम भूल गये हो तो कल से बादाम खाया करो
शायद तुम ना होते तो मेरे पापा मम्मी की जान निकल जाती मुझे होटल तक ले जाने में तुमने जो मुझे गोद में लिया था भाई उसके लिये ना चाहते हुए भी तुम्हें दोनों हाथ जोड़ धन्यवाद कहता हूँ 🙏
और भी हज़ारों,लाखों पल आये थे जब तुम मेरे साथ खड़े थे या यूँ कहूँ तो तुम मुझे पास थामे थे
वक़्त पड़ने पर तुमने मुझे
पिता जैसी डाँट लगाई है पर तुम पिता तो नहीं हो मेरे
माँ जैसी प्रेम दिखाया है पर तुम माँ तो नहीं हो मेरी
भाई जैसा स्नेह किया है पर तुम भाई तो नहीं हो मेरे
सच कहूँ तो तुझ से कौन सा रिश्ता है नहीं जानता
माना की हम बचपन के दोस्त नहीं हैं पर हमारा बचपना अभी तक गया नहीं है
दोस्त कहता हूँ तुझे पर सच कहूँ तो तुम दोस्त भी नहीं हो मेरे
क्योंकि वक़्त-बे-वक़्त दोस्त भी साथ छोड़ देते हैं
कोई मुझे मिल्कीबार दे,दे या मुझे समौसे खिलाने की बात कर दे तो मैं उससे तुरंत ख़ुश हो जाता हूँ

पर तुझ से ये सब लेने की चाह नहीं है बस तू मुझे कुछ खाता नज़र आ जाये मेरे मुस्कुराने कि वज़ह बन जाती है
तूने कहा था ना सचिन गुरुरानी पे लिख लेकिन मुझे माफ़ करना
मैं उन यादों को छोड़ तुम पर बहुत कुछ लिखना चाहता हूंँ
पर ना जाने क्यों मैं नि:शब्द हो जाता हूँ

तुम अजनबी से कब हमनबी बन गये पता ही नहीं चला…!!
बस भाई बाक़ी फ़िर कभी 😅

Written by:- Ashish Kumar
Modified by:- A Wonderful Writer Radha Agarwal

Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 6 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

102 thoughts on “क्यों मैं निःशब्द हो जाता हूँ….!!!!

    1. मैं और भी लिखना चाहता हूँ पर नहीं लिख पाता हूँ इसलिए एैसा कहता हूँ……..और आपका बहुत बहुत धन्यवाद जो आपने इसे पढ़ा🙏😊

      Liked by 2 people

  1. A thought written by you fits right here
    एक अजनबी से
    है पर अपने से
    लगते है
    एक अपने से
    है पर अजनबी से
    लगते है
    सच्चे रिश्ते खून के नहीं होते है
    अक्सर एहसासों के होते है
    Sachin is very lucky😊

    Liked by 2 people

  2. A best friend is the one who overlooks your broken fence and admires the flowers in your garden. You are indeed lucky, you have found the one..
    Hats off to you, him and your friendship..

    अगर तुम भूल गये हो तो कल से बादाम खाया करो
    I can relate to the irony behind this statement
    😂😂😂😂😂

    Anyway, it is simply beautiful and amazing… 👍👍

    Liked by 2 people

    1. Ye best frd waali baat to cent% sahii kahaa aapne👍👍
      Orr post likhte waqt suddenly aapki baadam waali baat yaad aa gai to likh diya 😅😅😅
      Or bhaut bhautt Dhanyawaad bussy schedule mei se waqt nikal ise padhne kaa 🙏🙏😊😊

      Liked by 2 people

  3. आप निशब्द बोल दूसरे को निःशब्द कर दिया।

    कोई मुझे मिल्कीबार दे,दे या मुझे समौसे खिलाने की बात कर दे तो मैं उससे तुरंत ख़ुश हो जाता हूँ

    पर तुझ से ये सब लेने की चाह नहीं है बस तू मुझे कुछ खाता नज़र आ जाये मेरे मुस्कुराने कि वज़ह बन जाती है।

    क्या कहें । दिल को छू गया।

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    1. सत प्रतिशत सही कहा है…..वो ज़िंदगी ही क्या जिसमें दोस्त ना हो।
      और धन्यवाद जी अपना बहुमूल्य समय देकर पढ़ने के लिए🙏😊

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                    1. Ni chandal ni par ha khubsurat hota h har koi kuch na kuch sikha kar jata h ….be open to Everything ….dar hi h basically k kisi se aise bat mat kro ye na ho jaye wo na ho jaye ham kyu already sab kuch judge kar lete hain chijo ko wese hi rehne do accept karte raho to sab accha or positive lagega ……fir man chandal ni lagega ….. beautiful lagega 💞

                      Liked by 1 person

                    2. हम तो इसी पे भरोसा करते है

                      एक अजनबी से
                      है पर अपने से
                      लगते है
                      एक अपने से
                      है पर अजनबी से
                      लगते है
                      सच्चे रिश्ते खून के नहीं होते है
                      अक्सर एहसासों के होते है

                      Liked by 1 person

                    3. Actually ab kissi ne kuch der phle kahaa thaa
                      “ham kyu already sab kuch judge kar lete hain chijo ko wese hi rehne do accept karte raho to sab accha or positive lagega”
                      Ptaa ni kaun thaa wo😂😂😂

                      Liked by 2 people

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