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16 अगस्त…….!!!!!

August 16, 2019
Shanky❤Salty
देखा था मैंने 15 अगस्त को सड़कें साफ सुथरी
देखा था मैंने देश का तिरंगा लहरहाता हुआ
पर आज
देख रहा हूँ मैं 16 अगस्त को सड़कें मैली-मैली
देख रहा हूँ मैं देश का तिरंगा युहीं ज़मीन पर
देशभक्ति को नमन कर भारत को विश्व गुरु बनाना है
हमनें 15 अगस्त खुशियों से मनाया है
अब 16 अगस्त फर्ज के साथ निभाना है
हर गली-मोहल्ले, चौक-चौराहे घूम-घूम माँ भारती को स्वच्छ बनाना है
गिरे हुए तिरंगे को उठा अपना इमान बचा तिरंगे को सम्मान दिलाना है
कचरा उठा उसे कचरा पेटी में डालना है
हम सब इसे माँ भारती कहते है
सेना सरहद कि रक्षा कर कर्तव्य निभाती है
हमें भी माँ के आँचल को स्वच्छ कर
माँ भारती के प्रति अपना कर्तव्य निभाना है
याद है ना आज ही के दिन
कीचड़ में कमल खिला गया
अटल हमारा चला गया
आओ ना हम सब को मिल
नया भारत बनाना है

Written by:- Ashish Kumar
Published by:- Anonymous

Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 6 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

10 thoughts on “16 अगस्त…….!!!!!

  1. देशभक्ति का अभाव और दिखावा दूसरे दिन दिख जाता है। दुर्भाग्य है हमारा,इतने दिनों तक गुलाम रहने के बाद भी हम देशभक्ति ना समझ पाए। खूबसूरत लेखन।👌👌

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    1. आज कि पीढ़ी ना तो गुलामी देखी है ना ही महसूस कि है बस सुनी है वो भी स्कूल की किताबों में। शायद इसलिए समझ में नहीं आता है।

      और धन्यवाद सर आपका पसंद करने के लिए। मैं पहले से काफी स्वस्थ हो गया हूं आता हूँ आज शाम को आपकी, यासमीन दीदी, और भी लोगों को पढ़ने और बहुत कुछ सिखने।😊😊😊😊

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      1. आप खुश रहें,स्वस्थ रहें यही ईश्वर से प्रार्थना है। हम सदियों तक गुलाम रहे,कीड़े,मकोड़ों की जिंदगी गुजारे शायद उसी का असर है कि हम आज भी वैसा ही रहना चाहते हैं। खुद को बदलने में समय लगता है, पीढ़ियाँ बीत जाती है। आदतों का ही असर है कि हम सही को गलत और गलत को सही समझने लगते हैं।

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