रोटी………

May 22, 2018
Shanky❤ Salty
Thanks to Mr. Sachin Gururani for suggesting this topic. Also thanks to Savitha Kartha for suggesting some point for this topic.

गरीब मेहनत करता है
दो वक्त कि रोटी पाने के लिए

अमीर मेहनत करता है
दो रोटी पचाने के लिए

किसी के पास ताजी रोटी खाने के लिए वक्त नहीं
तो किसी के पास खाने को बासी रोटी तक नहीं

हमने कुछ एैसे भी देखें है
जो अपनों के लिए रोटी छोड़ देते है
और कुछ एैसे भी देखें है
जो रोटी के लिए अपनों को छोड़ देते है

हम जिसे रोटी कहते है
गरीब उसे भूख कहते है
अमीर उस रोटी को तीजोरियों में कैद रखते है

एक भीखारी भी रोटी खा लेता है
घर-घर भीख माँग कर
पर
रोटी कमाने वाले ही अकसर घर छोड़ जाते है

भूखे पेट को मोहब्बत है रोटी से
रोटी को भी बिना सर्त मोहब्बत है भूख पेट से

कचरे में फेंकी गई रोटीयाँ रोज ये बयां करती है
कि पेट भरते ही इंसान अपनी औक़ात भूल जाता है

मेरे दोस्तों के कुछ शौक पुरा न हो सके तो खुद को गरीब कहते है,
पर यारों गरीब वो होता जिसे दो वक्त की रोटी न हो सके नसीब।

प्यारी ❤SALTY❤ ने मुझसे कहा था
रोटी तो बनानी सीख ली हुँ पर माँ के प्यार भरे हाथों की स्वाद नहीं होती उसमें

दर्द को मरहम,
भूखे को रोटी,
प्यासे को पानी,
अशीक को उसकी आशीकि
से जो मिले,
वो बेहिसाब।

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29 thoughts on “रोटी………

  1. सत्य और कठोर सत्य।
    भूखे को रोटी नही मिलती
    और जिसके पास रोटी है,
    भूख नहीं लगती।

    Liked by 2 people

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