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हत्या या आत्महत्या!!!!!

April 2, 2018
Shanky❤Salty

वो फर्श पर बैठी रही
वो इतना अधिक रो रही थी
कि उस दर्द को मिटाने की कोशिश कर रही हो
वो हाथ में ब्लेड के साथ बैठी थी
इतनी धीमी गति से रक्त उसके हाथों से नीचे गिर रहा था
एक गहरे लाल रंग में
जिस तरह से वो महसूस कराना चाहती थी

वो फर्श पर बैठी रही
अपना हाथ पकड़े हुए
वो एक कलम-कागज पकड़ रही थी
रक्त से लाल कगज लिए हुए
कुछ कहने कि कोशिश
दर्द असहनीय है
परंतु एक झूठी मुस्कुराहठ
वह काफी कमजोर लग रही थी

वह मौत कि मंजिल पर बैठी थी
हाथों में ब्लेड पकड़े हुए
पागलों जैसी रो रही थी
मुस्कुरा के दर्द को दूर करने की कोशिश कर रही थी
उसकी पलकें भारी लग रही थी
दरवाजा अभी तक बंद था
फुसफुसाते हुए उसने कहा
माफ करना
सो रही हुं हमेशा के लिए

उठाने कि कोशिश मत करना

मैं जिद्दि हुं

मुझे याद है उसकि खूनी कलाई
और खून से लिपटे वो कागज
मुझे याद है कि वो दर्द में थी……….

Author:

I am Ashish Kumar. I am known as Shanky. I was born and brought up in Ramgarh, Jharkhand. I have studied Electronics and Communication Engineering. I have written 6 books. I have come to know so much of my life that life makes me cry as much as death. Have you heard that this world laughs when no one has anything, if someone has everything, this world is longing for what I have, this world. Whatever I am, I belonged to my beloved Mahadev. What should I say about myself? Gradually you will know everything.

30 thoughts on “हत्या या आत्महत्या!!!!!

  1. तुम्हें याद होंगी वो दर्द लेकिन हत्या के लिए नफरत और आत्माहत्या के लिए हिम्मत चाहिए।

    Liked by 1 person

  2. दर्द भरी कहानी है आशीष
    मुझे वक्त निकाल के आपके सभी आर्टिकल पढ़ना होगा। आप ह्रदय को छु जाने वाली बात लिखते हो।

    Liked by 1 person

  3. Jb maine google mei “shanky salty” search kiya to aapka ye post sb se phle show kiya. By the way this post is written by depth of your heart.

    Liked by 1 person

    1. बात तो सही है, हमे तो सुकून मिलता पर हमारे परिवार और हमारे चाहने वालो को बहुत तकलीफ होती है।

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        1. Sirf ek k na chahne se hm aisaa krte h…….pr bhul jaate kii hmare chahne waalo mei sbse phle hmare Maa-Papa ka naam aata h phir dosto kaa……jindigi hmari h kisi k naa chahne se hm usee brbad kyu kre?

          Liked by 2 people

  4. ….ykinn jindgi hmari hi h, pr jindgi tb tk jindgi nhi rhti jb tk usme kisi apne ka pyar n ho, chahe o maa – bap Ho ya koi or pyar ki jarurt sb ko hoti h…..janvero ko b…. Or jb yhi pyar nhi rhta tb log asi herkt krte h..

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