वक्त को रोकने को जी चाहता हैं।

November 1, 2017
Shanky❤Salty

न जाने क्यों इस दिल में कई दिनों से ये खयाल आता हैं,
वक्त को रोकने को जी चाहता हैं।

जिन बातो को लेकर हँसते थे,
आज उन पर रोना आता है।

और

जिन बातो को लेकर रोते थे,
आज उन पर हंसी आती है।

न जाने क्यों उन पलों की याद बहुत आती है।

कहा करते थे 4 साल है देख लेंगे,
पर आज न जाने क्यों ऐसा लगता है कुछ रह सा गया है।

कहीं-अनकहीं हजारों बाते रह गई है
न भूलने वाली बहुत सी यादे रह गई है।

कौन रात भर जाग कर मस्ती करेगा?
कौन शाम होते चाय-समोसा-पकौड़ी के लिए पूछेगा?

कौन तुम लोगों के नय-नए नाम रखेगा?
अब मैं बिना मतलब के किससे लडूंगा?
बिना टॉपिक के किससे फालतू की बकवास करूँगा?

का भाई……. सुनने को कहाँ मिलेगा?

कौन गलती से नंबर आने पर गलिया सुनाएगा?

पनीरचटपटा-चिकेन किसके साथ खाऊंगा?
वो हंसी के पल किसके साथ जिऊंगा?

एसे दोस्त कहाँ मिलेंगे जो खाई में भी धक्का दे आये,
और फिर हमें बचाने खुद भी कूद जाए।

जाऔ ना आज के बाद कभी फोन नहीं करूँगी,
फिर 5मिनट के बाद फोन करना और चवनिंयाँ मुस्कान देना।

मेरी शैतानीयों से परेसान कौन होगा?
कभी मुझे पढ़ता देख हैरान कौन होगा?

कौल-ब्रेक मैं किसके साथ खेलूँगा?
किसके कंधे पे सिर रख के रोऊँगा?

हौरलिकस वाली स्टोरी याद कर राक्झस की तरह कौन हसेंगा?
मीनी-मीलिसिया में हरने वाली ट्रीट, इस चक्कर में अब कौन फसेंगा?

मेरी कुकिंग-फिवर गेम को रद्दी कहने की हिम्मत कौन करेगा?
बिना डरे सच्ची राए देने की हिम्मत कौन करेगा?

7मिनट में आई.सी.यू. तक कौन पहुँचाएगा?
जूनियर का इन्ट्रों लेने कौन चलेगा?

अस्पताल से छुट्टी के बाद मुझे सीढ़ियों कौन चढ़ाएगा?
अपनी फिलींगस किसके साथ शेयर करूँगा?

अचानक पूरानी बातों को याद कर पागलों की तरह हँसना,
न जाने यह फिर कब कर पाउँगा?

जब चल नहीं पाता था, तब तुम सब मुझसे चल कर मिलने आया करते थे।
जब बोल नहीं पाता था, तब तुम सब मुझसे बातें करने आया करते थे।

दोस्तों के लिए प्रोफेसर से कब लड़ पाएँगे?
क्या ये दिन फिर से आ पाएँगे?

मोटु-पतलू कि जोडी़ कमाल कि होती,
अगर तूम पहले मिल गए होते।

रात को 2 बजे मैगी और सत्तु का सरबत कौन बनायेगा?
मूझे आइस्क्रीम और डोसा कौन खिलाएगा?

कौन मेरी शैतानियौं पर रोक लगाएगा?
और ज्यादा उड़ने पर मीटिंग लगाएगा?

खुद गवारों वाली हरकतें करती हो, और
मुझे गवार बोलने वाली बेस्टी कहाँ मिलेगी?

मेरी ख़ुशी में सच में खुश कौन होगा?
मेरे गम में मुझसे ज्यादा दुखी कौन होगा?

मेरी यह लव-लेटर कौन पढ़ेगा?
कौन इसे सच में समझेगा?

बहुत कुछ लिखना अभी बाकी है,
सायद 6महीन बाकि हैं।

हम बे मतलब की बातों को लेकर दुश्मन न बन जाए दोस्तों,
हम अजनबी न बन जाए दोस्तों।

जिंदगी के रंगों में दोस्ती का रंग फीका न पढ़ जाए,
कही ऐसा न हो दूसरे रिस्तों के भीड़ में दोस्ती दम तोड़ न जाए।

जिंदगी में मिलने की फरियाद करते रहना,
अगर न मिल सके तो कम से कम हर सुबह गुड मॉर्निंग करते रहना।

चाहे जितना हस लो आज मुझ पर में बुरा नहीं मानूंगा,
इस हसी को अपने दिल में बसा लूँगा।

और जब याद आएगी तुम्हारी,
यही हसी लेकर थोडा आखों में आँसू और चेहरे पे मुस्कान लाऊँगा।

सुना हैं दुआ में बहुत ताकत होती है,
दोस्तों दुआ करना, मेरी हर दुआ कबूल हो।

ईश्वर से यही दुआ है,
मेरे दोस्तों के चेहरे पे हर पल मुस्कान बनी रहें।

Shanky सिर्फ Salty का नहीं हैं,
अपने प्यारे दोस्तों का भी हैं।

ई लव यू मेरा प्यारा चैसठ, छोटका-सांसद, मैनेजर, दुश्मन, मंझिलका, खजांची, बंकर, ढोकला, प्रैफ, कुंतिया, बेस्टी, सत्यम भईया, डिजे, नैंटी, रवी सर, मोटु, चुरैल, यो ब्रो, प्रधान, गैतम, दयानंद जी, पप्पु, डीजी भाई, मोहित, सुरभ।

दिल से थैंक्स है उन सभी दोस्तों को, जिनकी वजह से आज मैं हूं और जिनकी वजह से यह जिन्दगीं इतनी खुशनुमा बन गईं हैं।

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4 thoughts on “वक्त को रोकने को जी चाहता हैं।

  1. आपके वर्णन पढना बहुत ही मनोरंजक है। हरेक अपने अपने कालेज के स्मृतियों में अपने को खो जाते हैं।

    Liked by 1 person

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